अफगानिस्तान में 8,170 किलो हेरोइन बरामद, 80 ड्रग तस्कर गिरफ्तार; हेलमंद में बड़ी कार्रवाई
सारांश
Key Takeaways
अफगानिस्तान के दक्षिणी हेलमंद प्रांत में काउंटर-नार्कोटिक्स बलों ने 8,170 किलो हेरोइन और ड्रग निर्माण में प्रयुक्त सामग्री की भारी बरामदगी की है। सरकारी बख्तर न्यूज एजेंसी ने रविवार, 3 मई 2026 को यह जानकारी दी। गृह मंत्रालय के अनुसार, अलग-अलग प्रांतों में संयुक्त अभियान के तहत ड्रग तस्करी के आरोप में 80 लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है।
मुख्य बरामदगी और कार्रवाई
सिन्हुआ न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, हेलमंद प्रांत में की गई कार्रवाई में 8,170 किलो हेरोइन के साथ-साथ ड्रग्स बनाने और प्रोसेस करने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री भी जब्त की गई। इसके अतिरिक्त, पश्चिमी अफगानिस्तान के निमरोज प्रांत में शनिवार को सुरक्षा बलों ने 55 किलो मेथामफेटामिन भी बरामद की।
26 अप्रैल को गृह मंत्रालय ने पुष्टि की कि देशव्यापी संयुक्त छापेमारी के दौरान काउंटर-नार्कोटिक्स पुलिस ने हशीश, नशीली गोलियाँ और हेरोइन बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री बड़ी मात्रा में जब्त की। यह गिरफ्तारियाँ देशभर में चल रहे उस अभियान का हिस्सा हैं जिसका उद्देश्य ड्रग तस्करी के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करना है।
खोस्त में सार्वजनिक रूप से नष्ट किए नशीले पदार्थ
15 अप्रैल को खोस्त प्रांत में काउंटर-नार्कोटिक्स के प्रांतीय निदेशक कारी वहीदुल्लाह मतावकिल ने बताया कि पुलिस ने 100 किलो से अधिक विभिन्न नशीले पदार्थों को सार्वजनिक रूप से जलाकर नष्ट किया। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि प्रांत में किसी को भी ड्रग्स बनाने या तस्करी करने की अनुमति नहीं दी जाएगी और कानून तोड़ने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अफगान सरकार की व्यापक मुहिम
अफगान सरकार ने हाल के महीनों में नशीले पदार्थों के विरुद्ध अपनी कार्रवाई उल्लेखनीय रूप से तेज की है। पुलिस ने सैकड़ों एकड़ में फैली अफीम की खेती को नष्ट किया है और कई टन नशीले पदार्थ भी जब्त कर बर्बाद किए हैं। गौरतलब है कि अफगानिस्तान दुनिया के सबसे बड़े अफीम उत्पादकों में से एक रहा है, और यह अभियान उस छवि को बदलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
आगे क्या
अधिकारियों ने संकेत दिया है कि देश में अवैध ड्रग्स के प्रसार को रोकने और तस्करी नेटवर्क को तोड़ने के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। यह ऐसे समय में आया है जब अंतरराष्ट्रीय समुदाय अफगानिस्तान में नशीले पदार्थों के उत्पादन और तस्करी पर कड़ी नज़र बनाए हुए है।