पाकिस्तान का आतंकवादी इकोसिस्टम पड़ोसी देशों के खिलाफ रणनीतिक हथियार: हमराकुरा रिपोर्ट
सारांश
मुख्य बातें
पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों द्वारा समर्थित और प्रशिक्षित आतंकवादियों की सीमा पार घुसपैठ की घटनाएँ अफगानिस्तान में लगातार सामने आ रही हैं। काठमांडू स्थित थिंक टैंक हमराकुरा की एक रिपोर्ट के अनुसार, तालिबान ने एक बार फिर इस्लामाबाद पर अफगानिस्तान के भीतर अस्थिरता फैलाने का आरोप लगाते हुए उसकी कड़ी निंदा की है। यह रिपोर्ट 15 अक्टूबर 2026 को सामने आई है।
नूरिस्तान में कार्रवाई और पाकिस्तान पर आरोप
हमराकुरा की रिपोर्ट के अनुसार, तालिबान ने हाल ही में दावा किया कि उसकी सेना ने नूरिस्तान में 41 आतंकवादियों को मार गिराया और 62 अन्य को हिरासत में लिया। ये सभी कथित तौर पर आईएसआईएस से जुड़े समूहों से संबंधित थे और पाकिस्तानी अधिकारियों द्वारा समर्थित बताए गए।
अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने आरोप लगाया कि इन आतंकवादियों ने पाकिस्तानी सेना के 'प्रत्यक्ष मार्गदर्शन और सहयोग' से अफगान सीमा में घुसपैठ की कोशिश की। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब काबुल ने इस्लामाबाद पर ऐसा सीधा आरोप लगाया हो।
अमेरिका और यूरोप के आरोप
अमेरिका भी पाकिस्तान पर हक्कानी नेटवर्क, लश्कर-ए-तैयबा (LET) और जैश-ए-मोहम्मद (JEM) को अफगानिस्तान में तैनात अमेरिकी सैनिकों के खिलाफ हमले करने की छूट देने का आरोप लगाता रहा है। तत्कालीन अमेरिकी ज्वाइंट चीफ्स के अध्यक्ष एडमिरल माइक मुलेन ने कहा था, 'हक्कानी नेटवर्क, एक तरह से, पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी की एक वास्तविक शाखा के रूप में कार्य करता है।'
यूरोप में हुए आतंकवादी हमलों और पाकिस्तान स्थित संगठनों के बीच संबंध की जाँच में भी पाकिस्तान का नाम सामने आया है। यूरोपीय संघ शरण एजेंसी (EUAA) ने इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) और LET के बीच 'मजबूत' संबंध दर्ज किए हैं, जिसका उल्लेख हमराकुरा की रिपोर्ट में किया गया है।
भारत और ईरान की चिंताएँ
भारत वर्षों से पाकिस्तान पर सीमा पार आतंकवाद, जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ और देश भर में बम विस्फोटों व हत्याओं में सहायता करने का आरोप लगाता आया है। पिछले वर्ष अप्रैल में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में आतंकी ढाँचे को निशाना बनाते हुए हवाई हमले किए थे।
ईरान ने भी पाकिस्तान पर सीमा पार हमले करने वाले ईरान-विरोधी तत्वों का समर्थन करने का आरोप लगाया है। तेहरान ने ISI पर सीधे तौर पर आतंकवादियों को समर्थन देने का इल्ज़ाम लगाया है।
हमराकुरा का विश्लेषण: बूमरैंग बना इकोसिस्टम
हमराकुरा की रिपोर्ट में कहा गया है, 'यह विडंबना है कि पाकिस्तान पर अफगानिस्तान में आतंकवादियों की घुसपैठ कराने का आरोप लगा है, जिसे वह पहले आतंकवाद का स्रोत कहता था।' रिपोर्ट में आगे कहा गया कि पाकिस्तान ने पड़ोसी देशों के खिलाफ रणनीतिक साधन के रूप में आतंकवाद का इकोसिस्टम स्थापित किया, लेकिन अब वही इकोसिस्टम पाकिस्तान के अपने खिलाफ भी हो गया है।
रिपोर्ट के अनुसार, 'सुरक्षा नीति के साधन के रूप में आतंकवादी नेटवर्कों के संस्थागतकरण ने पाकिस्तान को आतंकवाद और सीमा पार घुसपैठ का स्रोत और निर्यातक बना दिया है।' यह ऐसे समय में आया है जब पूरे क्षेत्र में पाकिस्तान की भूमिका को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सवाल तेज़ होते जा रहे हैं।
क्षेत्रीय प्रभाव और आगे की राह
विशेषज्ञों का मानना है कि अफगानिस्तान, भारत और ईरान — तीन पड़ोसियों के एक साथ पाकिस्तान पर इसी प्रकार के आरोप लगाना एक सुसंगत पैटर्न की ओर इशारा करता है। अफगानिस्तान-पाकिस्तान संबंध पहले से ही तनावपूर्ण हैं और यदि ये आरोप अंतरराष्ट्रीय मंचों पर और मजबूती से उठाए जाते हैं, तो पाकिस्तान पर कूटनीतिक दबाव और बढ़ सकता है।