पेरिस में चाकू हमला: तीन महिलाएं घायल, संदिग्ध ने कहा — 'अल्लाह ने हुक्म दिया'
सारांश
मुख्य बातें
फ्रांस की राजधानी पेरिस में 28 जुलाई 2026 को सोमवार सुबह करीब 11:30 बजे एक व्यक्ति ने दो रसोई चाकुओं से राहगीरों पर अंधाधुंध हमला कर दिया, जिसमें तीन महिलाएं घायल हो गईं। संदिग्ध को मौके पर ही एक ऑफ-ड्यूटी पुलिस अधिकारी ने दबोच लिया। घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है, जिनमें से दो की हालत गंभीर बताई जा रही है।
घटनाक्रम: कैसे हुआ हमला
यह हमला उत्तर-पश्चिम पेरिस की एक सड़क पर हुआ, जहाँ संदिग्ध ने दोनों हाथों में रसोई के चाकू लेकर आते-जाते लोगों पर वार किए। फ्रांसीसी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, तीनों पीड़ितों को तत्काल अस्पताल पहुँचाया गया। संदिग्ध को मौके पर मौजूद एक ऑफ-ड्यूटी पुलिस अधिकारी ने काबू में किया।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में संदिग्ध को ज़मीन पर लेटे हुए यह कहते सुना गया: 'यह अल्लाह है जिसने मुझे हुक्म दिया।' हालाँकि इस वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
सरकार की प्रतिक्रिया
फ्रांस के गृह मंत्री लॉरेंट नुनेज ने मीडिया को बताया कि पकड़े जाने के बाद संदिग्ध ने केवल अपनी पहचान बताई और अस्पष्ट बातें करता रहा। नुनेज ने इस हिंसक घटना के पीछे के मकसद को लेकर जल्दबाज़ी में कोई निष्कर्ष न निकालने की अपील की।
फ्रांस का राष्ट्रीय आतंकवाद-रोधी अभियोजन कार्यालय (PNAT) कथित तौर पर स्थिति पर नज़र रख रहा है और जाँच की दिशा पर अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
यूरोप में बढ़ते हमलों का संदर्भ
यह घटना ऐसे समय में आई है जब यूरोप में इस तरह के हमलों की संख्या में वृद्धि देखी जा रही है। पेरिस की इस घटना से ठीक एक दिन पहले, शनिवार शाम को बर्लिन के टियरगार्टन पार्क के निकट एक वैन भीड़ में घुसा दी गई। इसके बाद चालक ने राहगीरों पर कथित तौर पर माचेटे से हमला किया, जिसमें एक महिला की मौत हो गई और 29 अन्य घायल हो गए। यह हमला शहर के क्रिस्टोफर स्ट्रीट डे प्राइड परेड स्थल के निकट हुआ।
बर्लिन पुलिस के अनुसार, उस घटना के संदिग्ध को रविवार शाम करीब 6 बजे स्पांडाऊ ज़िले में देखा गया, जहाँ वह चाकू लेकर पुलिस अधिकारियों की ओर दौड़ा — जिसके बाद अधिकारियों को गोली चलानी पड़ी। जर्मनी के गृह मंत्री अलेक्जेंडर डोब्रिंड्ट ने रविवार को कहा था कि बर्लिन की घटना इस्लामिस्ट आतंकवादी हमला हो सकती है।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
सुरक्षा विश्लेषकों के अनुसार, यूरोप में इस प्रकार के 'लोन-वुल्फ' हमलों का पैटर्न चिंताजनक रूप से दोहराया जा रहा है, जहाँ हमलावर अपनी कार्रवाई को धार्मिक आदेश से जोड़ते हैं। हालाँकि, अधिकारियों ने पेरिस के मामले में अभी किसी आतंकी संगठन से संबंध की पुष्टि नहीं की है।
आगे क्या
फ्रांसीसी जाँच एजेंसियाँ संदिग्ध की पृष्ठभूमि और हमले के मकसद की जाँच कर रही हैं। PNAT की निगरानी यह संकेत देती है कि आतंकवाद के कोण को अभी खारिज नहीं किया गया है। तीनों घायल महिलाओं की स्वास्थ्य स्थिति पर भी नज़र बनी हुई है।