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पेजेश्कियन का ऐलान: ईरान की असली जंग अब आर्थिक मोर्चे पर, निजी क्षेत्र को पूरा सहयोग देगी सरकार

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पेजेश्कियन का ऐलान: ईरान की असली जंग अब आर्थिक मोर्चे पर, निजी क्षेत्र को पूरा सहयोग देगी सरकार

सारांश

ईरान के राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने साफ कहा — असली युद्ध अब तोपों से नहीं, अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर लड़ा जा रहा है। तेहरान में उद्योगपतियों से बैठक में उन्होंने निजी क्षेत्र को देश की ताकत का स्तंभ बताया और पारदर्शिता व भ्रष्टाचार-विरोध को संकट से उबरने की कुंजी करार दिया।

मुख्य बातें

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने 27 मई को तेहरान में व्यापारियों और उद्योगपतियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की।
उन्होंने कहा कि मौजूदा दौर की सबसे बड़ी चुनौती आर्थिक मोर्चे पर है और इस बोझ का सर्वाधिक असर व्यापारियों, उत्पादकों और निजी क्षेत्र पर पड़ रहा है।
बैठक में गृह, वित्त और कृषि मंत्री सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे; व्यापार, विदेशी मुद्रा, टैक्स, बैंकिंग और कस्टम संबंधी बाधाओं पर चर्चा हुई।
पेजेश्कियन ने दावा किया कि अमेरिका और इज़रायल सैन्य मोर्चे पर विफल होने के बाद अब ईरान की अर्थव्यवस्था और आजीविका को निशाना बना रहे हैं।
राष्ट्रपति ने पारदर्शिता, आपसी विश्वास और भ्रष्टाचार-विरोध को आर्थिक संकट से उबरने की शर्त बताया।

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने बुधवार, 27 मई को तेहरान में व्यापारियों, उद्योगपतियों और निजी क्षेत्र के प्रतिनिधियों के साथ एक अहम बैठक में स्पष्ट किया कि मौजूदा दौर में ईरान के सामने सबसे बड़ी चुनौती आर्थिक मोर्चे पर है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार देश की आर्थिक मजबूती सुनिश्चित करने के लिए निजी क्षेत्र को हर संभव सहयोग प्रदान करेगी।

बैठक का मुख्य घटनाक्रम

इस उच्चस्तरीय बैठक में गृह, वित्त और कृषि मंत्रियों सहित कई वरिष्ठ सरकारी अधिकारी उपस्थित रहे। चर्चा में व्यापार, विदेशी मुद्रा, टैक्स, बैंकिंग, कस्टम और बाज़ार व्यवस्था से जुड़ी बाधाओं पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। सरकारी प्रसारक प्रेस टीवी के अनुसार, पेजेश्कियन ने कहा, "आज असली लड़ाई अर्थव्यवस्था और लोगों की रोज़ी-रोटी की है। इस आर्थिक युद्ध का सबसे बड़ा बोझ व्यापारियों, उत्पादकों और निजी क्षेत्र पर पड़ रहा है।"

निजी क्षेत्र को देश की ताकत का स्तंभ बताया

राष्ट्रपति ने निजी क्षेत्र को ईरान की आर्थिक शक्ति का अनिवार्य आधार करार दिया। उन्होंने कहा कि जितना अधिक सक्षम और सक्रिय निजी क्षेत्र होगा, उतनी ही देश की आर्थिक नींव सुदृढ़ होगी। सरकार आर्थिक गतिविधियों में आ रही बाधाओं को दूर करने और कारोबार के लिए अनुकूल माहौल बनाने के प्रति प्रतिबद्ध है, ताकि ईरान बाहरी दबावों और संकटों का मज़बूती से सामना कर सके।

बाहरी दबाव और आर्थिक चुनौतियाँ

पेजेश्कियन ने स्वीकार किया कि उनकी सरकार को पहले से मौजूद आर्थिक असंतुलन, युद्ध जैसे हालात और बाहरी राजनीतिक दबावों का सामना करना पड़ा है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका और इज़रायल सैन्य मोर्चे पर अपने उद्देश्य हासिल करने में विफल रहे हैं, इसलिए कथित तौर पर अब वे ईरान की अर्थव्यवस्था और नागरिकों की आजीविका को निशाना बना रहे हैं। उनके शब्दों में, "सैन्य मोर्चे पर असफल होने के बाद दुश्मन अब देश की आर्थिक मज़बूती को कमज़ोर करने और लोगों की ज़िंदगी प्रभावित करने पर ध्यान दे रहा है।"

पारदर्शिता और भ्रष्टाचार-विरोध पर जोर

राष्ट्रपति ने सरकार, निजी क्षेत्र और अन्य संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता रेखांकित की। उन्होंने पारदर्शिता, आपसी विश्वास और भ्रष्टाचार के विरुद्ध संयुक्त प्रयासों को अनिवार्य बताते हुए कहा, "कठिन आर्थिक परिस्थितियों से सफलतापूर्वक बाहर निकलने के लिए आपसी भरोसा, पारदर्शिता, जिम्मेदारी और सभी क्षेत्रों की सच्ची भागीदारी बेहद ज़रूरी है।"

व्यापार जगत से अपील

पेजेश्कियन ने उद्योग और व्यापार जगत के प्रतिनिधियों से अपील की कि वे देश की असाधारण परिस्थितियों और सरकार की सीमाओं को समझते हुए राष्ट्रीय हितों की रक्षा और अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में सहयोग करें। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब ईरान पश्चिमी प्रतिबंधों के दबाव में अपनी आर्थिक स्थिरता बनाए रखने के लिए संघर्षरत है।

संपादकीय दृष्टिकोण

ईरान की आर्थिक तकलीफें केवल प्रतिबंधों की देन नहीं हैं — दशकों की संरचनात्मक विकृतियाँ, सब्सिडी का बोझ और राज्य-नियंत्रित उद्यमों की अक्षमता भी बराबर की जिम्मेदार हैं। पारदर्शिता और भ्रष्टाचार-विरोध की अपील तब तक खोखली रहेगी जब तक संस्थागत सुधारों का ठोस खाका सामने न आए। असली परीक्षा यह है कि क्या यह बैठक नीतिगत बदलाव की शुरुआत है या फिर एक और आश्वासन-सत्र।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईरान के राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने तेहरान बैठक में क्या कहा?
पेजेश्कियन ने 27 मई को तेहरान में व्यापारियों और उद्योगपतियों से कहा कि मौजूदा दौर की सबसे बड़ी चुनौती आर्थिक मोर्चे पर है और सरकार निजी क्षेत्र को हर संभव सहयोग देगी। उन्होंने पारदर्शिता और भ्रष्टाचार-विरोध को संकट से उबरने की अनिवार्य शर्त बताया।
पेजेश्कियन ने अमेरिका और इज़रायल पर क्या आरोप लगाया?
राष्ट्रपति ने दावा किया कि अमेरिका और इज़रायल सैन्य मोर्चे पर अपने उद्देश्य हासिल करने में विफल रहे हैं, इसलिए कथित तौर पर अब वे ईरान की अर्थव्यवस्था और नागरिकों की आजीविका को नुकसान पहुँचाने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
इस बैठक में कौन-से मुद्दों पर चर्चा हुई?
बैठक में व्यापार, विदेशी मुद्रा, टैक्स, बैंकिंग, कस्टम और बाज़ार व्यवस्था से जुड़ी बाधाओं पर चर्चा हुई। गृह, वित्त और कृषि मंत्रियों सहित कई वरिष्ठ अधिकारी भी इसमें शामिल रहे।
ईरान में निजी क्षेत्र की भूमिका को लेकर सरकार का क्या रुख है?
पेजेश्कियन ने निजी क्षेत्र को देश की आर्थिक ताकत का अहम स्तंभ बताया और कहा कि सरकार उसे कमज़ोर नहीं पड़ने देगी। उनके अनुसार, सक्षम और सक्रिय निजी क्षेत्र ही ईरान की आर्थिक नींव को मज़बूत बना सकता है।
ईरान की आर्थिक स्थिति अभी कैसी है?
ईरान पश्चिमी प्रतिबंधों के दबाव में अपनी आर्थिक स्थिरता बनाए रखने के लिए संघर्षरत है। राष्ट्रपति ने स्वीकार किया कि उनकी सरकार को पहले से मौजूद आर्थिक असंतुलन और युद्ध जैसे हालात का सामना करना पड़ रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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