चीन का परिवहन निवेश 2025 में रिकॉर्ड स्तर पर, 36 खरब 70 अरब युआन से अधिक
सारांश
मुख्य बातें
चीनी परिवहन मंत्रालय ने 22 जून 2026 को वर्ष 2025 के परिवहन उद्योग विकास पर सांख्यिकीय विज्ञप्ति जारी की, जिसमें खुलासा हुआ कि चीन में परिवहन से जुड़ा अचल संपत्ति निवेश 36 खरब 70 अरब युआन से अधिक हो गया — और यह आँकड़ा लगातार उच्च स्तर पर बना हुआ है। मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 2025 में देश के परिवहन ढाँचे ने कई नए कीर्तिमान स्थापित किए।
राजमार्ग नेटवर्क में ऐतिहासिक विस्तार
आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में चीन की राजमार्ग कुल लंबाई पहली बार 55 लाख किलोमीटर की सीमा पार कर गई। तेज परिवहन नेटवर्क के निर्माण में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई। बीजिंग, थ्येनचिन और हपेई प्रांत जैसे प्रमुख क्षेत्रों के बड़े शहरों के बीच यात्रा अब दो घंटे में पूरी हो जाती है।
ग्रामीण संपर्क क्षेत्र में भी बड़ा सुधार हुआ है। ग्रामीण सड़कों की कुल लंबाई 67,500 किलोमीटर बढ़कर 47 लाख 11 हजार किलोमीटर से अधिक हो चुकी है, जो ग्रामीण क्षेत्रों तक बुनियादी ढाँचे की पहुँच को और गहरा करती है।
यात्री आवाजाही ने तोड़े पुराने रिकॉर्ड
वर्ष 2025 में पार क्षेत्रीय यात्री आवाजाही की संख्या 66 अरब 85 करोड़ 70 लाख रही, जो पिछले वर्ष की तुलना में 3.5 प्रतिशत अधिक है और एक नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड है। प्रतिदिन हाई स्पीड ट्रेन से लगभग एक करोड़ यात्राएँ होती हैं, सड़क मार्ग से 16 करोड़ से अधिक और हवाई मार्ग से 20 लाख से ज्यादा यात्राएँ दर्ज की जाती हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब चीन अपने घरेलू उपभोग और आंतरिक आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की नीति पर ज़ोर दे रहा है। गौरतलब है कि परिवहन नेटवर्क की मजबूती को बीजिंग ने आर्थिक एकीकरण की रीढ़ के रूप में स्थापित किया है।
माल ढुलाई और एक्सप्रेस डिलीवरी में उछाल
सामान परिवहन के मोर्चे पर भी 2025 मजबूत रहा। वाणिज्यिक माल ढुलाई मात्रा 58 अरब 70 करोड़ टन रही, जो वर्ष 2024 की तुलना में 3.2 प्रतिशत अधिक है। एक्सप्रेस डिलीवरी ऑर्डर की संख्या 1 खरब 98 अरब 90 करोड़ से अधिक हो गई, जिसमें 13.6 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई।
आगे की दिशा
परिवहन मंत्रालय की यह विज्ञप्ति चीन की दीर्घकालिक बुनियादी ढाँचा रणनीति की पुष्टि करती है। विशेषज्ञों के अनुसार, निवेश का यह स्तर और नेटवर्क विस्तार आने वाले वर्षों में चीन की आर्थिक उत्पादकता और क्षेत्रीय एकीकरण पर गहरा असर डालेगा।