क्या पीएम मोदी को दारुमा-जी मंदिर के मुख्य पुजारी ने भेंट की 'दारुमा' गुड़िया? जानें इसकी खासियत

सारांश
Key Takeaways
- दारुमा गुड़िया एक सांस्कृतिक प्रतीक है।
- यह दृढ़ता और लक्ष्य प्राप्ति का प्रतीक है।
- पीएम मोदी की यात्रा से भारत-जापान संबंधों में मजबूती आएगी।
टोक्यो, 29 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री मोदी ने जापान यात्रा के दौरान शुक्रवार को दारुमा-जी मंदिर के मुख्य पुजारी रेव सीशी हिरोसे से मुलाकात की। इस अवसर पर, उन्होंने पीएम मोदी को एक 'दारुमा' गुड़िया भेंट की।
दारुमा गुड़िया जापान की एक अद्वितीय सांस्कृतिक प्रतीक और महत्वपूर्ण चिन्ह है, जो बौद्ध धर्म के जेन संप्रदाय के संस्थापक बोधिधर्म (दारुमा दैशी) पर आधारित है। इसे दृढ़ता और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है और इसका उपयोग लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें प्राप्त करने के लिए किया जाता है।
जब कोई लक्ष्य निर्धारित किया जाता है, तो गुड़िया की एक आंख भर दी जाती है और लक्ष्य प्राप्त होने पर दूसरी आंख भी भर दी जाती है। यह 'सात बार गिरो, आठ बार उठो' की कहावत को भी दर्शाती है, जो कभी हार न मानने के गुण को व्यक्त करती है। इस गुड़िया का गोल आधार इसके गिरने पर भी वापस खड़े होने में मदद करता है।
'दारुमा' गुड़िया भारत के कांचीपुरम से आए बौद्ध भिक्षु बोधिधर्म पर आधारित है। माना जाता है कि बोधिधर्म ने नौ वर्षों तक लगातार दीवार की ओर मुख करके ध्यान किया था, जिसमें उनके हाथ-पैर सिकुड़े हुए थे। इसलिए, दारुमा गुड़िया का आकार गोल और बिना हाथ-पैर एवं आंखों वाला है।
ज्ञात हो कि पीएम मोदी दो दिवसीय जापान दौरे पर हैं। पहले दिन उन्होंने बिजनेस जगत के दिग्गजों के साथ चर्चा की। इसके बाद उन्होंने जापानी प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष नुकागा फुकुशिरो और जापानी सांसदों के एक समूह के साथ बैठक की, जिसमें भारत और जापान के बीच मजबूत और मैत्रीपूर्ण संबंधों पर चर्चा हुई।
टोक्यो पहुंचने पर पीएम मोदी का भव्य स्वागत किया गया। इस यात्रा के दौरान वे जापान के प्रधानमंत्री के साथ बैठक करेंगे, और दोनों देशों के बीच निवेश, तकनीक और रक्षा सहयोग पर चर्चा करेंगे। प्रधानमंत्री की इस यात्रा से भारत और जापान के संबंधों में नई ऊर्जा आने की उम्मीद है।