27 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या पीएम मोदी ने जापानी प्रधानमंत्री और उनकी पत्नी को अनोखे उपहार भेंट किए?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या पीएम मोदी ने जापानी प्रधानमंत्री और उनकी पत्नी को अनोखे उपहार भेंट किए?

सारांश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जापान यात्रा के दौरान, उन्होंने जापान के प्रधानमंत्री और उनकी पत्नी को विशेष उपहार दिए, जो भारतीय संस्कृति और शिल्पकला का अनूठा उदाहरण हैं। ये उपहार भारत और जापान के बीच सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण कदम हैं।

मुख्य बातें

भारत-जापान के बीच सांस्कृतिक संबंधों को बढ़ावा देने के लिए उपहार दिए गए।
उपहारों में भारतीय शिल्पकला का अनूठा उदाहरण है।
पीएम मोदी की यात्रा का राजनीतिक और सांस्कृतिक महत्व है।

नई दिल्ली, 30 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए दो दिवसीय जापान यात्रा पर हैं। इस यात्रा के दौरान भारत-जापान के बीच मैत्रीपूर्ण संबंधों और सांस्कृतिक जुड़ाव को और प्रगाढ़ बनाने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री मोदी ने जापान के प्रधानमंत्री और उनकी पत्नी को भारतीय परंपरा, कला और शिल्पकला की झलक से सजे विशेष उपहार भेंट किए।

ये उपहार भारत की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को दर्शाते हैं और जापान की परंपरा और जीवनशैली से भी जुड़ाव स्थापित करते हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने जापान के प्रधानमंत्री को बेशकीमती पत्थरों और चांदी की चॉपस्टिक से बने बाउल सेट भेंट किया है। यह अनूठा सेट भारतीय शिल्पकला और जापानी खानपान परंपरा का संगम है। इसमें एक बड़ा भूरा मूनस्टोन बाउल, चार छोटे बाउल और चांदी की चॉपस्टिक्स शामिल हैं। इसका डिज़ाइन जापान की डोनबुरी और सोबा खाने की रस्मों से प्रेरित है।

इस बाउल में प्रयुक्त मूनस्टोन आंध्र प्रदेश से प्राप्त किया गया है, जो अपनी चमकदार आभा के लिए प्रसिद्ध है। मूनस्टोन प्रेम, संतुलन और संरक्षण का प्रतीक माना जाता है। वहीं, मुख्य बाउल का आधार राजस्थान के मकराना संगमरमर पर तैयार किया गया है और पर्चिनकारी शैली में अर्ध-कीमती पत्थरों की नक्काशी की गई है। यह शैली ताजमहल सहित भारत की कई ऐतिहासिक धरोहरों में दिखाई देती है।

इसके अलावा, प्रधानमंत्री मोदी ने जापानी प्रधानमंत्री की पत्नी को पश्मीना शॉल एक पेपर मेश बॉक्स में भेंट किया, जिसे कश्मीर के कारीगरों ने बारीकी से तैयार किया है। यह शॉल लद्दाख की चांगथांगी बकरी की ऊन से बनाई गई है, जो अपनी हल्की, मुलायम और गुणवत्ता के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। कश्मीरी कारीगरों द्वारा हाथ से बुनी गई इस शॉल में सदियों पुरानी परंपरा की झलक है, जिसे कभी शाही परिवार बहुत पसंद करते थे।

शॉल का आधार हाथीदांत (आइवरी) रंग का है, जिस पर रस्ट, गुलाबी और लाल रंग में कोमल फूलों और पेसले पैटर्न की कढ़ाई की गई है। यह पारंपरिक कश्मीरी शिल्प और सदियों पुरानी बुनाई कला की झलक पेश करता है।

इस शॉल को एक हैंड-पेंटेड बॉक्स में सजाकर रखा गया है। इस बॉक्स पर हाथ से बनाए गए पुष्प और पक्षियों के चित्र हैं, जो इसकी सुंदरता और सांस्कृतिक महत्व को और बढ़ा देते हैं।

इन उपहारों के माध्यम से प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की विविध कला और शिल्पकला को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित किया है। इसके साथ ही उन्होंने भारत-जापान के बीच सांस्कृतिक और पारंपरिक रिश्तों को और मजबूत किया।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि पीएम मोदी की यह यात्रा न केवल राजनीतिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह भारत के सांस्कृतिक और कूटनीतिक संबंधों को और प्रगाढ़ बनाती है। यह उपहार हमारे समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक हैं और हमें गर्व महसूस कराते हैं।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीएम मोदी ने जापान यात्रा में क्या उपहार भेंट किए?
पीएम मोदी ने जापान के प्रधानमंत्री को मूनस्टोन बाउल सेट और उनकी पत्नी को पश्मीना शॉल भेंट की।
इन उपहारों का क्या महत्व है?
ये उपहार भारतीय संस्कृति और शिल्पकला का प्रतीक हैं और भारत-जापान के बीच सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करते हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 6 महीने पहले
  2. 7 महीने पहले
  3. 11 महीने पहले
  4. 11 महीने पहले
  5. 11 महीने पहले
  6. 11 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले