शेयर बाजार में गिरावट: सेंसेक्स लगभग 600 अंक नीचे, जानें कारण
सारांश
Key Takeaways
- सेंसेक्स में 588 अंक की गिरावट आई है।
- युद्ध के कारण निवेशकों की धारणा नकारात्मक हुई है।
- कच्चे तेल की कीमतें बढ़ रही हैं।
- विदेशी निवेशकों की बिक्री से बाजार पर दबाव है।
- निवेशकों को सुरक्षित निवेश की ओर ध्यान देना चाहिए।
मुंबई, 6 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार को नकारात्मक संकेत में है। दिन के दूसरे पहर तक, सेंसेक्स में 588 अंक या 0.72 प्रतिशत की कमजोरी देखी गई, जिससे यह 79,427 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 154 अंक या 0.62 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,612 पर था।
बाजार में गिरावट का नेतृत्व बैंकिंग और रियल एस्टेट शेयर कर रहे थे। निफ्टी रियल्टी में 1.85 प्रतिशत और निफ्टी बैंक में 1.31 प्रतिशत की कमजोरी दिखी। इसके अलवा, ऑटो, सेवाएँ और उपभोक्ता सेक्टर पर भी दबाव बना रहा।
हालांकि, डिफेंस, ऊर्जा, पीएसई, ऑयल और गैस, कमोडिटीज और मेटल इंडेक्स में सुधार देखा गया।
शेयर बाजार में गिरावट के पीछे मुख्य कारण अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध का निरंतर होना है। लंबे समय तक चलने वाले इस युद्ध ने ऊर्जा आपूर्ति को भी जोखिम में डाल दिया है, जिससे निवेशकों की धारणा पर नकारात्मक असर पड़ा है।
युद्ध के प्रभाव से कच्चे तेल की कीमतों में भी वृद्धि जारी है। डब्ल्यूटीआई क्रूड की कीमत 80.39 डॉलर प्रति बैरल और ब्रेंट क्रूड की कीमत 84.84 डॉलर प्रति बैरल पर पहुँच गई है।
इस समय निवेशक युद्ध की स्थिति में सोना और चांदी जैसे सुरक्षित निवेशों की ओर बढ़ रहे हैं। लेख लिखे जाने तक, कॉमेक्स पर सोना 0.81 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 5,120 डॉलर प्रति औंस और चांदी 2.96 प्रतिशत की मजबूती के साथ 84.61 डॉलर प्रति औंस पर थी।
अमेरिकी बाजार में गिरावट भी भारतीय बाजार की कमजोरी के पीछे एक प्रमुख कारण है। गुरुवार के सत्र में, डाओ 1.61 प्रतिशत और नैस्डैक 0.26 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ।
विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) द्वारा निरंतर बिक्री भी भारतीय शेयर बाजार पर दबाव डाल रही है। एफआईआई ने गुरुवार को 5,153.37 करोड़ रुपए के इक्विटी की बिक्री की थी।