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क्या पीएम मोदी का इजरायल दौरा महत्वपूर्ण है? एआई और क्वांटम पर बात करेंगे नेतन्याहू?

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क्या पीएम मोदी का इजरायल दौरा महत्वपूर्ण है? एआई और क्वांटम पर बात करेंगे नेतन्याहू?

सारांश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इजरायल दौरा विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। नेतन्याहू ने इस दौरे को दोनों देशों के बीच आर्थिक और सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने का एक उपाय बताया है। क्या यह यात्रा भारत-इजरायल संबंधों को एक नई दिशा देगी?

मुख्य बातें

भारत और इजरायल के बीच आर्थिक और सुरक्षा सहयोग में वृद्धि हो सकती है।
हाई-टेक , एआई और क्वांटम टेक्नोलॉजी में सहयोग पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
यह दौरा भारत-इजरायल संबंधों को नई दिशा दे सकता है।

तेल अवीव, 22 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर इजरायल पहुंचेंगे। उनके इजरायली समकक्ष प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस यात्रा को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया है। उनके अनुसार, इससे दोनों देशों के बीच आर्थिक, राजनयिक और सुरक्षा सहयोग में वृद्धि होगी। विशेष रूप से हाई-टेक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), और क्वांटम टेक्नोलॉजी के क्षेत्रों पर मुख्य ध्यान होगा। नेतन्याहू के अनुसार, यह भारत-इजरायल संबंधों को एक नई दिशा प्रदान करेगा।

प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने साप्ताहिक कैबिनेट बैठक में ये बातें साझा की।

उन्होंने कहा, “हम हाई-टेक, एआई और क्वांटम में सहयोग को आगे बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करेंगे।”

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, वे दोपहर को नेसेट (इजरायली संसद) को संबोधित करेंगे और दोनों नेता याद वाशेम (विश्व होलोकॉस्ट स्मरण केंद्र) का दौरा करेंगे, साथ ही यरुशलम में एक इन्वोवेशन इवेंट में शामिल होंगे।

नेतन्याहू ने भारत के साथ मिलकर चरमपंथ के खिलाफ एक सशक्त गठबंधन बनाने की बात की। उन्होंने कहा कि इजरायल “मिडिल ईस्ट के चारों ओर एक पूरा सिस्टम बनाएगा—असल में गठबंधनों का एक हेक्सागन, जिसमें भारत, ग्रीस, साइप्रस और अन्य अरब, अफ्रीकी और एशियाई देशों का नाम शामिल होगा।

उन्होंने कहा, “यहां का उद्देश्य उन देशों का एक धुरी बनाना है जो कट्टरपंथियों की धुरी के विपरीत, वास्तविकता, चुनौतियों और लक्ष्यों को समान दृष्टिकोण से देखें। हमारे बीच सहयोग से बहुत अच्छे परिणाम मिल सकते हैं और निश्चित रूप से, यह हमारी ताकत और भविष्य को मजबूत कर सकता है।”

नेतन्याहू को पीएम मोदी की यात्रा से बहुत उम्मीदें हैं। 15 फरवरी को यरूशलम में बड़े अमेरिकी-यहूदी संगठनों की कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, नेतन्याहू ने कहा था कि दोनों प्रधानमंत्री “हर तरह के सहयोग” पर चर्चा करेंगे।

उन्होंने कहा, “अब भारत कोई छोटा देश नहीं है। यहां 140 करोड़ लोग रहते हैं। भारत बहुत ताकतवर और लोकप्रिय है।”

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 फरवरी को इजरायल के अपने दो दिवसीय दौरे की शुरुआत करेंगे। 9 साल बाद वे इजरायल जा रहे हैं। पहली बार उन्होंने 2017 में यात्रा की थी, जो किसी भी भारतीय पीएम की पहली इजरायल यात्रा थी।

संपादकीय दृष्टिकोण

राजनयिक और सुरक्षा संबंधों को मजबूती मिलेगी। यह अवसर दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि वे वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के लिए एक साथ मिलकर काम कर सकते हैं।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीएम मोदी का इजरायल दौरा कब शुरू हो रहा है?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इजरायल दौरा 25 फरवरी को शुरू होगा।
इस दौरे का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस दौरे का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच आर्थिक, राजनयिक और सुरक्षा सहयोग को बढ़ावा देना है।
नेतन्याहू ने इस दौरे के बारे में क्या कहा?
नेतन्याहू ने इस दौरे को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा है कि यह भारत-इजरायल संबंधों को नई दिशा देगा।
राष्ट्र प्रेस
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