SCO शिखर सम्मेलन: PM मोदी ने किर्गिस्तान-उज्बेकिस्तान नेताओं को भारतीय विरासत के अनमोल उपहार दिए
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 1 सितंबर 2026 को शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की 26वीं शिखर बैठक में भाग लेने के लिए किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक पहुँचे। इस अवसर पर उन्होंने किर्गिस्तान और उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपतियों, प्रधानमंत्रियों तथा उनके परिवारजनों को भारत की कला, संस्कृति, संगीत और हस्तशिल्प परंपरा से जुड़े विशिष्ट उपहार भेंट किए। ये उपहार दोनों देशों के साथ सांस्कृतिक और सभ्यतागत संबंधों को रेखांकित करने वाले सुविचारित चयन हैं।
किर्गिस्तान के राष्ट्रपति को महाभारत और लद्दाखी शिल्प
किर्गिस्तान के राष्ट्रपति को प्रसिद्ध अर्थशास्त्री एवं विद्वान बिबेक देबरॉय द्वारा अंग्रेज़ी में अनूदित महाभारत का 10 खंडों का संपूर्ण संस्करण भेंट किया गया। धर्म, न्याय, कर्तव्य, नैतिकता और राज्यकला जैसे विषयों पर आधारित यह महाकाव्य भारत की दार्शनिक धरोहर का प्रतीक है। गौरतलब है कि इसे किर्गिस्तान के अपने महाकाव्य 'मानस' से सांस्कृतिक समानता के रूप में भी प्रस्तुत किया गया, जो दोनों सभ्यताओं के बीच साहित्यिक सेतु का काम करता है।
इसके साथ ही राष्ट्रपति को लद्दाख का पारंपरिक 'त्सुग-दुल' ऊनी कंबल भी भेंट किया गया। स्थानीय ऊन से निर्मित यह कंबल रंग-बिरंगे ज्यामितीय और पुष्पीय डिजाइनों के लिए विख्यात है और लद्दाख की घुमंतू तथा पशुपालक संस्कृति का प्रतिनिधित्व करता है। यह उपहार किर्गिस्तान की पर्वतीय और खानाबदोश परंपराओं से भी सहज जुड़ाव दर्शाता है।
किर्गिस्तान के प्रधानमंत्री को डोकरा लोककला का उपहार
किर्गिस्तान के प्रधानमंत्री को डोकरा कला से निर्मित पारंपरिक संगीतकारों की जोड़ी भेंट की गई। प्राचीन 'लॉस्ट-वैक्स' धातु ढलाई तकनीक से तैयार यह हस्तशिल्प भारतीय लोककला और संगीत परंपरा का जीवंत प्रतीक है। यह उपहार दोनों देशों की लोक संगीत विरासत को जोड़ने का सांस्कृतिक संदेश भी देता है।
उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति को संतूर, कांगड़ा चाय और शिल्पकला
उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति को चंदन की लकड़ी से बनी शततंत्री वीणा (संतूर) भेंट की गई। जम्मू-कश्मीर की संगीत परंपरा से जुड़ा यह वाद्य उज्बेकिस्तान के पारंपरिक 'चांग' वाद्य से उल्लेखनीय समानता रखता है, जो दोनों देशों की साझा संगीत विरासत को उजागर करता है।
राष्ट्रपति को लकड़ी के नक्काशीदार बॉक्स में कांगड़ा की प्रीमियम चाय भी दी गई, जिसमें कांगड़ा फर्स्ट फ्लश ब्लैक टी और कांगड़ा ग्रीन टी शामिल हैं। हिमाचल प्रदेश की कांगड़ा घाटी की यह चाय अपनी विशिष्ट सुगंध, हल्के स्वाद और हिमालयी पहचान के लिए जानी जाती है।
राष्ट्रपति की पत्नी को आगरा की संगमरमर जड़ाई वाली पेटी और वाराणसी की बनारसी सिल्क स्टोल भेंट की गई — भारत की दो प्रतिष्ठित हस्तशिल्प परंपराओं का संगम। राष्ट्रपति की पुत्री को फाइन सिल्वर ब्रोच दिया गया, जिसमें फूलों की आकृति, जालीदार नक्काशी और बारीक धातु शिल्प भारतीय आभूषण कला की उत्कृष्टता को प्रदर्शित करते हैं।
उज्बेकिस्तान के प्रधानमंत्री को आगरा की जड़ाई कला
प्रधानमंत्री मोदी ने उज्बेकिस्तान के प्रधानमंत्री को आगरा की पारंपरिक पत्थर जड़ाई कला से तैयार संगमरमर जड़ाई वाली सजावटी प्लेट भेंट की। इस प्लेट पर नीले, हरे और लाल रंगों के पुष्पीय डिजाइन उकेरे गए हैं, जो भारत और उज्बेकिस्तान की साझा कलात्मक विरासत और उत्कृष्ट शिल्पकला का प्रतीक हैं।
कूटनीतिक संदर्भ और आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब भारत मध्य एशिया के साथ अपने सांस्कृतिक और रणनीतिक संबंधों को नई गहराई देने में जुटा है। SCO मंच पर भारत की सक्रिय भागीदारी और सुविचारित उपहार-कूटनीति यह संदेश देती है कि नई दिल्ली इस क्षेत्र के साथ सभ्यतागत संवाद को राजनीतिक संबंधों का आधार मानती है। आने वाले समय में दोनों देशों के साथ द्विपक्षीय वार्ता के परिणामों पर नज़र रहेगी।