प्रणय वर्मा ने बांग्लादेश PM तारिक रहमान से ली विदाई, दिनेश त्रिवेदी संभालेंगे उच्चायुक्त पद
सारांश
मुख्य बातें
भारत के उच्चायुक्त प्रणय वर्मा ने 24 मई 2026 को ढाका में बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान से शिष्टाचार मुलाकात की और औपचारिक रूप से विदाई ली। वर्मा का बांग्लादेश में कार्यकाल समाप्त हो चुका है और उनकी जगह पूर्व केंद्रीय मंत्री दिनेश त्रिवेदी भारत के नए उच्चायुक्त के रूप में पदभार ग्रहण करेंगे।
मुलाकात का विवरण
यह भेंट बांग्लादेश सचिवालय के कैबिनेट डिवीजन स्थित प्रधानमंत्री कार्यालय में हुई। बैठक में पाकिस्तान के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान भी उपस्थित थे। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर तस्वीरें साझा करते हुए इसे विदाई से पूर्व की शिष्टाचार भेंट बताया।
प्रणय वर्मा की नई नियुक्ति
भारतीय विदेश सेवा (IFS) के अधिकारी प्रणय वर्मा को अब बेल्जियम और यूरोपीय संघ (EU) में भारत का राजदूत नियुक्त किया गया है। ब्रुसेल्स स्थित भारतीय दूतावास EU के साथ-साथ लक्जमबर्ग के लिए भी आधिकारिक मिशन के रूप में कार्य करता है।
वर्मा का कूटनीतिक करियर विस्तृत रहा है — उन्होंने हांगकांग, सैन फ्रांसिस्को, बीजिंग, काठमांडू, वॉशिंगटन डीसी और वियतनाम में भारत का प्रतिनिधित्व किया। इसके अतिरिक्त, विदेश मंत्रालय में पूर्वी एशिया डिवीजन के संयुक्त सचिव के रूप में भी उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
दिनेश त्रिवेदी: नए उच्चायुक्त का परिचय
वर्मा का स्थान लेने वाले दिनेश त्रिवेदी भारतीय राजनीति का एक अनुभवी चेहरा हैं। उन्होंने कोलकाता के सेंट जेवियर्स कॉलेज से वाणिज्य में स्नातक किया और बाद में अमेरिका से प्रबंधन की पढ़ाई की। राजनीति में प्रवेश से पहले वे व्यवसाय और एविएशन क्षेत्र से जुड़े रहे और एक प्रशिक्षित पायलट भी रहे हैं।
त्रिवेदी ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत कांग्रेस से की, फिर जनता दल, तृणमूल कांग्रेस (TMC) से होते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हुए। उन्हें 2016-17 में 'आउटस्टैंडिंग पार्लियामेंटेरियन अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया। वे इंडो-यूरोपियन यूनियन पार्लियामेंट्री फोरम के चेयरमैन और वित्त तथा वाणिज्य सहित कई संसदीय समितियों में सक्रिय रहे हैं।
भारत-बांग्लादेश संबंधों पर असर
यह नेतृत्व परिवर्तन ऐसे समय में हो रहा है जब भारत-बांग्लादेश संबंध एक संवेदनशील दौर से गुजर रहे हैं। गौरतलब है कि राजनीतिक पृष्ठभूमि वाले त्रिवेदी की नियुक्ति पारंपरिक IFS कैडर से हटकर है, जो ढाका के साथ कूटनीतिक संवाद में एक नया आयाम जोड़ सकती है। आने वाले महीनों में दोनों देशों के बीच व्यापार, सीमा प्रबंधन और जल-बंटवारे जैसे मुद्दों पर नई उच्चायुक्त की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।