इमरान खान से मिलने रोके गए पीटीआई नेता, रावलपिंडी में धरना; पुलिस ने चलाईं रबर बुलेट्स

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इमरान खान से मिलने रोके गए पीटीआई नेता, रावलपिंडी में धरना; पुलिस ने चलाईं रबर बुलेट्स

सारांश

इमरान खान से मिलने जा रहे खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहैल अफरीदी और पीटीआई नेताओं को इस्लामाबाद पुलिस ने चुंगी नंबर 26 पर रोक दिया। धरने पर बैठे कार्यकर्ताओं पर रबर बुलेट्स चलाई गईं। पाकिस्तान के ह्यूमन राइट्स काउंसिल ने इसकी निंदा की।

मुख्य बातें

इस्लामाबाद पुलिस ने 20 मई को चुंगी नंबर 26 पर पीटीआई प्रतिनिधिमंडल को अदियाला जेल जाने से रोका।
खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहैल अफरीदी , इमरान खान की बहनें और कई नेता प्रतिनिधिमंडल में शामिल थे।
धरने पर बैठे कार्यकर्ताओं को हटाने के लिए पुलिस ने रबर की गोलियाँ चलाईं और डंडा चार्ज किया।
पाकिस्तान ह्यूमन राइट्स काउंसिल (HRC) ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग की कड़ी निंदा की।
पीटीआई की माँग — इमरान खान को शिफा इंटरनेशनल हॉस्पिटल में स्थानांतरित किया जाए और परिजनों को मिलने की अनुमति दी जाए।
पीटीआई पिछले कई महीनों से हर मंगलवार और गुरुवार को अदियाला जेल के बाहर धरना दे रही है।

पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के संस्थापक और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान से मुलाकात करने जा रहे पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को 20 मई को रावलपिंडी के निकट चुंगी नंबर 26 पर इस्लामाबाद पुलिस ने रोक दिया, जिसके बाद बड़ी संख्या में कार्यकर्ता धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने रबर की गोलियाँ चलाईं और डंडा चार्ज किया, जिसकी मानवाधिकार संगठनों ने कड़ी निंदा की है।

मुख्य घटनाक्रम

स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहैल अफरीदी, इमरान खान की बहनें और कई पीटीआई नेता मंगलवार को अदियाला जेल की ओर जा रहे थे, जहाँ इमरान खान बंद हैं। पुलिस ने चुंगी नंबर 26 पर इस पूरे प्रतिनिधिमंडल को आगे बढ़ने से रोक दिया, जिससे तीखी बहस हुई और धरना प्रदर्शन शुरू हो गया जो बुधवार की सुबह तक जारी रहा।

पाकिस्तानी अखबार एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, धरने के दौरान पुलिस ने बल प्रयोग किया। खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री के सूचना एवं जनसंपर्क विशेष सहायक शफी जान ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा कि 'चुंगी नंबर 26 को सबसे बड़ी हिंसा, गोलियों और डंडा चार्ज के बाद फिर से खोला गया।'

मुख्यमंत्री अफरीदी की प्रतिक्रिया

मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री सोहैल अफरीदी ने कहा कि वे इमरान खान की बहनों के साथ एकजुटता दिखाने के लिए शांतिपूर्वक इस्लामाबाद आए थे। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं ने बार-बार रोक-टोक और पाबंदियों के बावजूद संयम, अनुशासन और जिम्मेदारी का परिचय दिया।

अफरीदी ने कहा, 'यह बहुत चिंताजनक है कि एक प्रांत के निर्वाचित प्रमुख कार्यकारी को, उनके कैबिनेट के साथ, आगे बढ़ने से रोका गया।' उन्होंने इसे लोकतांत्रिक मानदंडों के विरुद्ध और एक संघीय इकाई के प्रति भेदभावपूर्ण रवैये का संकेत बताया। पीटीआई ने एक्स पर एक वीडियो साझा किया जिसमें अफरीदी ने कहा कि 'दुनिया देख रही है कि राज्य किस तरह प्रांतीय सांसदों और एक प्रांतीय प्रमुख कार्यकारी के साथ क्रूरता कर रहा है।'

पीटीआई की माँग

पार्टी ने अपनी एकमात्र माँग स्पष्ट करते हुए कहा कि इमरान खान को तुरंत इस्लामाबाद के शिफा इंटरनेशनल हॉस्पिटल में स्थानांतरित किया जाए और उनके व्यक्तिगत डॉक्टर तथा परिजनों को उनकी देखभाल की अनुमति दी जाए। पार्टी ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से पाकिस्तान में हो रही घटनाओं पर ध्यान देने की अपील की।

मानवाधिकार संगठन की निंदा

पाकिस्तान के ह्यूमन राइट्स काउंसिल (HRC) ने चुंगी नंबर 26 क्षेत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर रबर की गोलियाँ चलाए जाने की कड़ी निंदा की। डॉन अखबार के अनुसार, पंजाब पीटीआई ने भी एक वीडियो साझा किया जिसमें अफरीदी भीड़ में से गुजरने की कोशिश कर रहे हैं और पुलिस अधिकारी डंडे लिए पीछे खड़े हैं।

पृष्ठभूमि और आगे की राह

गौरतलब है कि पिछले कुछ महीनों से पीटीआई हर मंगलवार और गुरुवार को अदियाला जेल के बाहर धरना आयोजित करती रही है — यही वे दिन हैं जो अदालत ने इमरान खान से मुलाकात के लिए निर्धारित किए हैं। बावजूद इसके, खान को अभी भी अपने परिवार और पार्टी नेताओं से मिलने पर प्रतिबंध का सामना करना पड़ रहा है। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब पाकिस्तान में राजनीतिक तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है और पीटीआई तथा सरकार के बीच टकराव नई ऊँचाइयों पर पहुँच रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि संवैधानिक संतुलन की परीक्षा है। इमरान खान के परिजनों और पार्टी नेताओं पर लगातार मुलाकात प्रतिबंध अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार मानकों के विरुद्ध है, और इस पर अब तक पाकिस्तानी न्यायपालिका की चुप्पी उतनी ही चिंताजनक है। रबर बुलेट्स का प्रयोग शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर करना — जिसमें एक प्रांत के शीर्ष निर्वाचित प्रतिनिधि भी शामिल हों — पाकिस्तान की लोकतांत्रिक साख को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर और कमज़ोर करेगा।
RashtraPress
20 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीटीआई नेताओं को इमरान खान से मिलने से क्यों रोका गया?
इस्लामाबाद पुलिस ने 20 मई को चुंगी नंबर 26 पर पीटीआई प्रतिनिधिमंडल को रावलपिंडी के अदियाला जेल जाने से रोक दिया। अधिकारियों ने इस रोक का कोई सार्वजनिक कारण नहीं बताया, जबकि पीटीआई ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया।
रावलपिंडी धरने में कौन-कौन शामिल थे?
खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहैल अफरीदी, इमरान खान की बहनें और बड़ी संख्या में पीटीआई नेता व कार्यकर्ता इस प्रतिनिधिमंडल में शामिल थे। धरना बुधवार की सुबह तक जारी रहा।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर क्या कार्रवाई की?
पुलिस ने धरने पर बैठे कार्यकर्ताओं को तितर-बितर करने के लिए रबर की गोलियाँ चलाईं और डंडा चार्ज किया। पाकिस्तान के ह्यूमन राइट्स काउंसिल ने इस बल प्रयोग की कड़ी निंदा की है।
पीटीआई की इमरान खान को लेकर क्या माँग है?
पीटीआई की माँग है कि इमरान खान को तुरंत इस्लामाबाद के शिफा इंटरनेशनल हॉस्पिटल में स्थानांतरित किया जाए और उनके व्यक्तिगत डॉक्टर तथा परिजनों को उनकी देखभाल की अनुमति दी जाए।
अदियाला जेल के बाहर पीटीआई का धरना कब से चल रहा है?
पिछले कई महीनों से पीटीआई हर मंगलवार और गुरुवार को अदियाला जेल के बाहर धरना आयोजित करती रही है — ये वही दिन हैं जो अदालत ने इमरान खान से मुलाकात के लिए निर्धारित किए हैं। इसके बावजूद खान को परिवार और पार्टी नेताओं से मिलने पर प्रतिबंध का सामना करना पड़ रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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