आरएएफ फेयरफोर्ड बम साजिश: रूबियो का दावा 'विदेशी ताकत का हाथ', ईरान पर नज़र — 5 गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने 29 सितंबर 2026 को दावा किया कि ब्रिटेन के आरएएफ फेयरफोर्ड एयरबेस के निकट उजागर हुई संदिग्ध बम साजिश में 'स्पष्ट रूप से किसी विदेशी ताकत का हाथ' है। उन्होंने यह बात फॉक्स न्यूज़ से बातचीत में कही, हालाँकि उन्होंने उस विदेशी पक्ष की पहचान नहीं बताई और न ही अपने दावे के समर्थन में कोई साक्ष्य प्रस्तुत किया।
मुख्य घटनाक्रम
यूके काउंटर टेररिज्म पुलिस ने पुष्टि की है कि रविवार तड़के आरएएफ फेयरफोर्ड के पास पाँच ब्रिटिश नागरिकों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस को सूचना मिली थी कि तीन संदिग्ध सफेद वैन एयरबेस की दिशा में बढ़ रही थीं। गिरफ्तार सभी संदिग्धों की उम्र 23 से 25 वर्ष के बीच है और वे लंदन क्षेत्र के निवासी बताए गए हैं।
पाँचों को विस्फोटक अधिनियम के तहत तथा आतंकवादी गतिविधि की तैयारी के संदेह में हिरासत में लिया गया था। हालाँकि सोमवार को उन्हें कड़ी शर्तों के साथ पुलिस जमानत पर रिहा कर दिया गया।
जाँच का दायरा और विदेशी संलिप्तता की संभावना
काउंटर टेररिज्म पुलिस ने स्पष्ट किया कि जमानत पर रिहाई का अर्थ जाँच का समाप्त होना नहीं है। जाँचकर्ता इस संभावना पर भी विचार कर रहे हैं कि आरोपी किसी विदेशी राज्य के लिए — सीधे या अनजाने में — प्रॉक्सी के रूप में काम कर रहे हों।
इस सिलसिले में ईरान का नाम जाँच के एक संभावित कोण के रूप में सामने आया है। गौरतलब है कि आरएएफ फेयरफोर्ड का उपयोग अमेरिकी सैन्य अभियानों के लिए होता रहा है, और ईरान पहले इस प्रकार के अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने की धमकी दे चुका है। बावजूद इसके, ब्रिटिश जाँच एजेंसियों ने सार्वजनिक रूप से ईरान को जिम्मेदार नहीं ठहराया है। ईरान ने भी इस मामले में किसी भी भूमिका से इनकार किया है।
ट्रंप और रूबियो की प्रतिक्रिया
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यह मामला ईरान से जुड़ा हो सकता है, हालाँकि उन्होंने इसकी कोई पुष्टि नहीं की। उन्होंने संदिग्धों को जमानत पर रिहा किए जाने पर आश्चर्य भी जताया।
विदेश मंत्री रूबियो ने मामले को 'बेहद गंभीर' करार देते हुए कहा कि आने वाले दिनों में इससे जुड़ी और जानकारी सामने आएगी। उन्होंने ब्रिटिश अधिकारियों की कार्रवाई की सराहना भी की।
व्यापक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिमी देशों में ईरानी विदेशी हस्तक्षेप और संदिग्ध ऑपरेशनों के आरोप पहले से चर्चा में हैं। आरएएफ फेयरफोर्ड की रणनीतिक अहमियत — अमेरिकी बमवर्षक विमानों की तैनाती के इतिहास के कारण — इसे एक संवेदनशील लक्ष्य बनाती है। आलोचकों का कहना है कि अभी तक किसी भी देश पर सार्वजनिक रूप से दोष न मढ़ने की सतर्कता जाँच की जटिलता और राजनयिक संवेदनशीलता दोनों को दर्शाती है।
आगे क्या
जाँच अभी जारी है और ब्रिटिश काउंटर टेररिज्म पुलिस सभी संभावित कोणों की पड़ताल कर रही है। रूबियो के अनुसार, अगले कुछ दिनों में इस मामले में नए तथ्य सामने आने की उम्मीद है। यह देखना अहम होगा कि ब्रिटिश जाँचकर्ता किसी विशेष विदेशी राज्य को औपचारिक रूप से नामित करते हैं या नहीं।