ईरान ने केरमान में 31 संदिग्ध तोड़फोड़कर्ताओं को गिरफ्तार किया, अमेरिका-इजराइल से जोड़ का दावा
सारांश
मुख्य बातें
ईरान के इंटेलिजेंस मंत्रालय ने शनिवार, 3 अक्टूबर को घोषणा की कि सुरक्षा बलों ने दक्षिण-पूर्वी केरमान प्रांत के सिरजान काउंटी में तोड़फोड़ से जुड़े चार संगठित नेटवर्क के 31 सदस्यों को हिरासत में लिया है। मंत्रालय के अनुसार, इन नेटवर्क का संबंध कथित तौर पर अमेरिका और इजराइल से बताया जा रहा है।
गिरफ्तारी का विवरण और आरोप
मंत्रालय ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर जारी बयान में कहा कि हिरासत में लिए गए व्यक्ति सार्वजनिक सुरक्षा को खतरे में डालने और सार्वजनिक व निजी संपत्ति को नष्ट करने के लिए कथित तौर पर 'दुश्मन देशों की साजिशों' को अंजाम देने की कोशिश कर रहे थे। मंत्रालय के अनुसार, इन नेटवर्क ने बड़ी संख्या में मोलोटोव कॉकटेल और शहरी निगरानी कैमरों को नुकसान पहुँचाने में सक्षम उपकरण भी तैयार कर रखे थे।
बयान में आगे कहा गया कि इन सदस्यों ने जनवरी में ईरान में हुई अशांति के दौरान 'बड़े पैमाने पर विनाशकारी' कार्रवाइयाँ की थीं — जिनमें गवर्नर कार्यालय की इमारत में आग लगाना, बैंकों, सरकारी भवनों और सार्वजनिक संपत्तियों को क्षति पहुँचाना, पुलिस स्टेशनों पर हमला करना और शहरी निगरानी कैमरों को नष्ट करना शामिल है।
ब्रिटेन में RAF फेयरफोर्ड घटना से संबंध
यह गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है जब ईरान एक अलग राजनयिक विवाद में उलझा हुआ है। गुरुवार को ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरागची ने ब्रिटिश सरकार के उस दावे को सिरे से खारिज कर दिया, जिसमें आरोप लगाया गया था कि ईरान ने दक्षिण-पश्चिम इंग्लैंड में अमेरिकी वायु सेना के RAF फेयरफोर्ड बेस के पास हुई एक घटना में भूमिका निभाई।
रिपोर्टों के अनुसार, रविवार को ब्रिटिश पुलिस ने ग्लूसेस्टरशायर के ग्रामीण क्षेत्र में एयरबेस के पास पाँच लोगों को 'विस्फोटक और आतंकवाद से जुड़े अपराधों' के संदेह में हिरासत में लिया था। पुलिस को सूचना मिली थी कि तीन वैन बेस की दिशा में जाती देखी गई थीं। सोमवार को वैन की तलाशी और लंदन में संबंधित पतों की जाँच के बाद पाँचों को पुलिस जमानत पर रिहा कर दिया गया।
अरागची का खंडन और ब्रिटिश प्रधानमंत्री का बयान
विदेश मंत्री अरागची ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट के ज़रिए ब्रिटिश दावे को नकारा। इससे एक दिन पहले ब्रिटिश प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम ने एक साक्षात्कार में कहा था, 'इस बात के मजबूत संकेत हैं कि RAF फेयरफोर्ड में सप्ताहांत में जो हुआ, उसमें ईरान की भूमिका थी, लेकिन यह अभी भी एक जारी, जटिल और गंभीर पुलिस जाँच का विषय है।'
अरागची ने बर्नहैम के बयान का हवाला देते हुए कहा, 'मैं ईरान के इस विचार की पुष्टि कर सकता हूँ कि विदेशी देशों के लिए काम करने वाले तथाकथित आतंकवादियों को रिहा करना ही सब कुछ स्पष्ट कर देता है। आप गलत दिशा में सोच रहे हैं।'
व्यापक संदर्भ और आगे की स्थिति
गौरतलब है कि ईरान में जनवरी की अशांति के बाद से सुरक्षा कार्रवाइयों का सिलसिला जारी है। ईरान का इंटेलिजेंस मंत्रालय पहले भी कई बार ऐसे नेटवर्क का भंडाफोड़ करने का दावा कर चुका है, जिन्हें वह पश्चिमी देशों से निर्देशित बताता है। इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है। RAF फेयरफोर्ड मामले में जाँच जारी है और आने वाले दिनों में नए तथ्य सामने आ सकते हैं।