बहरीन में आईआरजीसी की जासूसी का मामला: पांच गिरफ्तार, एक भगोड़ा
सारांश
Key Takeaways
- पाँच गिरफ्तारियाँ हुई हैं जो ईरान के आईआरजीसी से जुड़े हैं।
- जांच में एक छठा संदिग्ध शामिल है जो देश से बाहर है।
- दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए हैं।
- यह गिरफ्तारी क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।
बहरीन, 15 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम एशिया में चल रहे सैन्य संघर्ष के बीच, बहरीन की सुरक्षा बलों ने पाँच व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। इन पर आरोप है कि ये ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) को संवेदनशील और गोपनीय जानकारी पहुंचा रहे थे।
बहरीन पुलिस ने इस संबंध में एक आधिकारिक बयान जारी किया है। पकड़े गए सभी व्यक्तियों के नाम भी सार्वजनिक किए गए हैं। बहरीन के आंतरिक मंत्रालय के अनुसार, गिरफ्तार व्यक्ति देश के महत्वपूर्ण और रणनीतिक स्थानों से संबंधित जानकारी एकत्र कर उसे ईरान में मौजूद तत्वों तक पहुँचाते थे। जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि यह नेटवर्क योजनाबद्ध तरीके से संवेदनशील सूचनाएँ एकत्रित कर उन्हें ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड तक पहुँचाने में संलग्न था।
अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में एक छठा संदिग्ध भी शामिल है, जो वर्तमान में देश से बाहर है। सुरक्षा एजेंसियाँ उससे जुड़े संपर्कों और नेटवर्क का भी गहन अध्ययन कर रही हैं। पकड़े गए व्यक्तियों में नाम हैं: अब्बास अब्दुल्ला हबीब (39), यूसुफ अहमद मंसूर सरहान (25), मोहम्मद फधेल हमीद (39), सहलान अब्दुलरेधा अली (27), मोहम्मद हादी हसन (37), और अहमद यूसुफ। जबकि भगोड़े संदिग्ध का नाम जसीम सरहान (37) है।
जांच एजेंसियों ने आरोपियों से इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य दस्तावेज जब्त किए हैं, जिनकी फॉरेंसिक जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उन्होंने किस प्रकार की जानकारी साझा की और इसके पीछे कौन-कौन शामिल थे।
विशेषज्ञों के अनुसार, आईआरजीसी ईरान की सबसे शक्तिशाली सैन्य-सुरक्षा संस्थाओं में से एक है, जो सीधे देश के सर्वोच्च नेता को रिपोर्ट करती है और क्षेत्रीय रणनीतिक गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
यह गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है जब खाड़ी क्षेत्र में ईरान और उसके पड़ोसी देशों के बीच पहले से ही तनाव बढ़ा हुआ है। बहरीन ने लंबे समय से ईरान पर अपने आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप और जासूसी गतिविधियों को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है। ऐसे में इस जासूसी नेटवर्क का खुलासा क्षेत्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इससे पहले 10 मार्च को बहरीन पुलिस ने छह एशियाई नागरिकों को गिरफ्तार किया था, जिनमें से पाँच पाकिस्तानी थे।