रियाद एयरपोर्ट हमले पर EU की कड़ी निंदा, वॉन डेर लेयेन बोलीं — 'ईरान समर्थित गुट जिम्मेदार'
सारांश
मुख्य बातें
यूरोपीय संघ (EU) की प्रमुख उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए भीषण हमले की कड़ी निंदा की है और इसके लिए ईरान समर्थित गुट को जिम्मेदार ठहराया है। 10 अक्टूबर 2026 को हुए इस हमले में 12 लोगों की मौत हो गई और सैकड़ों घायल हो गए, जिसके बाद दुनियाभर के देशों और संस्थाओं ने इसकी भर्त्सना की है।
वॉन डेर लेयेन का सख्त संदेश
EU प्रमुख उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'ईरान के प्रॉक्सी गुटों द्वारा किए जा रहे ये हमले इलाके को हिंसा के चक्र में धकेल रहे हैं। इनसे दुनिया भर में हलचल मच रही है और अहम ग्लोबल ट्रांसपोर्ट और एनर्जी हब अस्थिर हो रहे हैं। आम नागरिकों पर होने वाले ये जानलेवा हमले तुरंत बंद होने चाहिए।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस संकट की घड़ी में EU 'सऊदी अरब के साथ खड़ा' है।
काजा कल्लास ने बताया 'आतंक की भयावह घटना'
EU की विदेश नीति प्रमुख काजा कल्लास ने भी हमले की निंदा करते हुए इसे 'आतंक की भयावह घटना' करार दिया। उन्होंने कहा, 'आम नागरिकों और नागरिक केंद्रों पर अंधाधुंध हमलों का कोई औचित्य नहीं हो सकता।' कल्लास ने यह भी बताया कि वह सऊदी अरब में अपने समकक्ष के लगातार संपर्क में हैं और लाल सागर (Red Sea) में EU के नौसैनिक मिशन तथा रियाद के नेतृत्व वाले समुद्री गठबंधन के बीच सहयोग बढ़ाना 'बहुत जरूरी' मानती हैं।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमले को 'भयानक' बताया और कहा कि वह जल्द ही सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से बात करेंगे। मिस्र के विदेश मंत्रालय ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन करार दिया।
संयुक्त राष्ट्र में यमन मामलों के विशेष दूत हंस ग्रुंडबर्ग ने सऊदी अरब के नागरिक हवाई अड्डों पर हुए इन हमलों को 'गंभीर तनाव बढ़ाने वाली कार्रवाई' बताया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के हमले क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा हैं, हिंसा के चक्र को और गहरा करते हैं तथा यमन में शांति स्थापित करने के प्रयासों को जटिल बनाते हैं।
भारत की प्रतिक्रिया
भारत ने भी इस हमले की निंदा करते हुए सऊदी अरब के साथ एकजुटता जताई। विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि आम नागरिकों और नागरिक केंद्रों को निशाना बनाकर किए जाने वाले हमले 'पूरी तरह अस्वीकार्य' हैं और हिंसा को तत्काल रोका जाना चाहिए।
क्षेत्रीय स्थिरता पर असर
यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब मध्य पूर्व में तनाव पहले से चरम पर है और लाल सागर में शिपिंग मार्गों पर खतरा बना हुआ है। गौरतलब है कि किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट एक प्रमुख वैश्विक ट्रांसपोर्ट हब है, जिस पर हमला न केवल सऊदी अरब बल्कि अंतरराष्ट्रीय हवाई परिचालन को भी प्रभावित करता है। आने वाले दिनों में EU और सऊदी अरब के बीच नौसैनिक सहयोग की रूपरेखा और अधिक ठोस होने की उम्मीद है।