रियाद एयरपोर्ट हमले पर ट्रंप बोले — 'बेहद भयानक', MBS से करेंगे बात; 12 मरे, 309 घायल
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 11 अक्टूबर 2026 को रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए घातक हमले को 'बेहद भयानक' बताते हुए कड़ी निंदा की। इस हमले में 12 लोगों की मौत हो गई — जिनमें एक अमेरिकी नागरिक भी शामिल है — और 309 लोग घायल हुए हैं। ट्रंप ने कहा कि वह जल्द ही सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से इस विषय पर बात करेंगे।
ट्रंप की तत्काल प्रतिक्रिया
जॉइंट बेस एंड्रयूज में पत्रकारों से मुखातिब होते हुए ट्रंप ने कहा, 'मुझे लगता है कि यह बहुत भयानक है।' जब उनसे अमेरिका की संभावित प्रतिक्रिया के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, 'आपको जल्द ही पता चल जाएगा, लेकिन मैं इतना कह सकता हूं कि यह बहुत भयानक घटना है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि सऊदी अरब में जो हुआ है, वह स्वीकार नहीं किया जा सकता।
सऊदी अरब की रक्षा क्षमता पर ट्रंप ने कहा, 'वे अपनी रक्षा करने में सक्षम हैं। सऊदी अच्छे लड़ाके हैं, लेकिन यह हमला बेहद गंभीर और दुखद है।' यह टिप्पणी उस समय आई है जब सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के अधिकारियों और एक राजनयिक सूत्र ने ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों पर इस हमले का आरोप लगाया है।
हमले का ब्यौरा और मृतकों की पहचान
सऊदी अरब के जनरल अथॉरिटी ऑफ सिविल एविएशन के आंकड़ों के अनुसार, इस हमले में 12 लोग मारे गए और 309 घायल हुए। मृतकों में चार सऊदी नागरिक, दो बांग्लादेशी नागरिक और अमेरिका, मिस्र, जॉर्डन, सीरिया, फिलिस्तीन तथा सूडान का एक-एक नागरिक शामिल है। उल्लेखनीय है कि मृतकों में किसी भारतीय नागरिक का नाम नहीं है।
गौरतलब है कि हूती समूह ने इस सप्ताह एयरपोर्ट पर पहले हुए हमलों की जिम्मेदारी ली थी, लेकिन शनिवार के इस ताज़ा हमले को लेकर उन्होंने तत्काल कोई दावा नहीं किया। सऊदी नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने भी अब तक किसी को आधिकारिक तौर पर जिम्मेदार नहीं ठहराया है।
सैन्य हस्तक्षेप की संभावना
ट्रंप ने शनिवार को संकेत दिया कि वह इस बात पर विचार कर रहे हैं कि क्या अमेरिका को हूती समूहों के खिलाफ सऊदी अरब की सैन्य कार्रवाई में शामिल होना चाहिए। उन्होंने कहा, 'संभव है। हम इस पर विचार करेंगे।' हूती समूहों के साथ अमेरिकी संपर्क पर पूछे गए सवाल के जवाब में ट्रंप ने कहा, 'हमारी हूती समूहों के साथ बातचीत हो रही है और देखते हैं आगे क्या होता है।'
यह ऐसे समय में आया है जब यमन में हूतियों और सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के बीच तनाव पहले से ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। अमेरिका का सऊदी अरब के साथ रक्षा साझेदारी का लंबा इतिहास रहा है और किसी अमेरिकी नागरिक की मौत इस घटना को वाशिंगटन के लिए और अधिक संवेदनशील बनाती है।
ईरान पर ट्रंप का रुख
ईरान से जुड़े एक सवाल पर ट्रंप ने कहा, 'हम अभी पीछे हट सकते हैं लेकिन हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि भविष्य में उनके पास परमाणु हथियार न हों।' उन्होंने यह भी कहा, 'स्थिति कुछ शांत होती दिख रही है। चुनाव से पहले वे शायद कुछ अतिरिक्त कदम उठाएं, यह सोचकर कि इससे हमें नुकसान होगा, लेकिन हम इसे बहुत जल्दी खत्म कर सकते हैं।'
आलोचकों का कहना है कि ट्रंप की यह टिप्पणी ईरान के साथ चल रही कूटनीतिक खींचतान के बीच अमेरिकी नीति की अस्पष्टता को दर्शाती है — एक तरफ परमाणु अप्रसार पर सख्ती की बात और दूसरी तरफ क्षेत्रीय सैन्य हस्तक्षेप पर संभावनाओं का द्वार खुला रखना।
आगे क्या होगा
ट्रंप के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से संभावित बातचीत के बाद अमेरिका का अगला कदम स्पष्ट होने की उम्मीद है। सऊदी अधिकारियों द्वारा जांच जारी है और आधिकारिक जिम्मेदारी तय होने के बाद कूटनीतिक या सैन्य प्रतिक्रिया की रूपरेखा तैयार हो सकती है। यह घटना मध्य पूर्व में अमेरिका की भूमिका को लेकर एक नए दौर की शुरुआत का संकेत दे सकती है।