रूस में सेना भर्ती से बचें भारतीय नागरिक: विदेश मंत्रालय की सख्त चेतावनी
सारांश
मुख्य बातें
भारत के विदेश मंत्रालय ने 30 सितंबर 2026 को एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी करते हुए भारतीय नागरिकों को रूसी सशस्त्र बलों में भर्ती होने से सख्त रूप से दूर रहने की चेतावनी दी है। मंत्रालय के अनुसार, रूस में नौकरी के नाम पर भारतीयों को सेना में शामिल करने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं, जो उनकी जान के लिए गंभीर खतरा पैदा करते हैं।
एडवाइजरी में क्या कहा गया
विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि पिछले दो वर्षों के दौरान सरकार कई बार इस मुद्दे पर नागरिकों को सचेत कर चुकी है। मंत्रालय ने कहा कि विदेश में रोज़गार तलाशते समय नागरिकों को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए और अप्रमाणित व्यक्तियों या एजेंटों के नौकरी के प्रस्तावों से बचना चाहिए, विशेष रूप से ऐसे एजेंटों से जो विदेश मंत्रालय के साथ पंजीकृत नहीं हैं।
एडवाइजरी में यह भी बताया गया कि कुछ गैर-सार्वजनिक संस्थाओं और स्वैच्छिक समूहों द्वारा विदेशी नागरिकों को रूसी सेना में भर्ती किया जा रहा है। ऐसे में किसी भी नौकरी के प्रस्ताव को स्वीकार करने से पहले पूरी जाँच-पड़ताल करना अनिवार्य बताया गया है।
जानबूझकर भर्ती के मामले भी सामने आए
मंत्रालय ने चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि कुछ ऐसे मामले भी प्रकाश में आए हैं, जहाँ भारतीय नागरिक जानबूझकर रूसी सशस्त्र बलों में शामिल होने के प्रस्ताव तलाश रहे हैं। इन व्यक्तियों को यह उम्मीद रहती है कि उन्हें आर्थिक लाभ मिलेगा और बाद में वे भारत सरकार के माध्यम से रूसी सेना से अपनी रिहाई सुनिश्चित करा सकेंगे।
मंत्रालय ने इस सोच को 'बेहद खतरनाक' करार दिया और कहा कि सरकार इस तरह के कदमों को पूरी तरह हतोत्साहित करती है। अस्थायी आर्थिक लाभ के लालच में लिए गए ऐसे फैसले नागरिकों की जान को गंभीर जोखिम में डाल सकते हैं।
नागरिकता छोड़ने के मामले भी दर्ज
विदेश मंत्रालय के अनुसार, कुछ भारतीय नागरिकों ने रूसी सशस्त्र बलों में भर्ती होने के लिए भारतीय नागरिकता छोड़ने और रूसी पासपोर्ट हासिल करने के बारे में भारतीय अधिकारियों से संपर्क किया है। यह ऐसे समय में आया है जब कुछ लोगों ने बिना किसी सरकारी परामर्श के यह कदम पहले ही उठा लिया है — जो भविष्य में उनके लिए गंभीर कानूनी और व्यक्तिगत संकट का कारण बन सकता है।
सरकार की सक्रिय कूटनीतिक कोशिशें
विदेश मंत्रालय ने आश्वस्त किया कि भारत सरकार रूस में रूसी सशस्त्र बलों में मौजूद सभी भारतीय नागरिकों की सुरक्षा, कल्याण और शीघ्र रिहाई सुनिश्चित करने के लिए रूसी पक्ष के साथ लगातार संपर्क में है। गौरतलब है कि यह एडवाइजरी उस व्यापक चिंता के बीच आई है, जब से यूक्रेन संघर्ष में भारतीय नागरिकों की संलिप्तता की खबरें सामने आने लगी थीं।
सरकार ने एक बार फिर नागरिकों से अपील की है कि वे विदेश में रोज़गार के नाम पर मिलने वाले संदिग्ध और अप्रमाणित प्रस्तावों की अच्छी तरह जाँच करें और रूसी सशस्त्र बलों में भर्ती होने जैसे किसी भी कदम से पूरी तरह दूर रहें।