क्या एस. जयशंकर ने फ्रांस दौरे पर भारतीय विरासत को उजागर करने वाली प्रदर्शनी में भाग लिया?
सारांश
Key Takeaways
- जयशंकर का फ्रांस दौरा और प्रदर्शनी भारत-फ्रांस के गहरे सांस्कृतिक संबंधों को दर्शाती है।
- प्रदर्शनी में भारत की टेक्सटाइल विरासत को उजागर किया गया।
- जयशंकर राष्ट्रपति मैक्रों से मुलाकात करेंगे।
- लक्जमबर्ग में भी भारतीय समुदाय से बातचीत करेंगे।
पेरिस, 5 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर 4 जनवरी से एक द्विपक्षीय दौरे पर हैं। पहले चरण में जयशंकर फ्रांस पहुंचे हैं। इस दौरान उन्होंने पेरिस में 'से क्वी से ट्रैम' नामक एक प्रदर्शनी का दौरा किया, जिसमें भारत की प्राचीन कपड़ा विरासत और उत्कृष्ट कारीगरी को प्रदर्शित किया गया। यह प्रदर्शनी यह दर्शाती है कि दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक संबंध कितने गहरे और मजबूत हैं।
इस संबंध में ईएएम जयशंकर ने भारतीय समयानुसार सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा की, जिसमें उन्होंने लिखा, "आज शाम पेरिस में 'से क्वी से ट्रैम' प्रदर्शनी का दौरा किया। यह प्रदर्शनी भारत की टेक्सटाइल विरासत, सवोइर-फेयर और क्रिएटिविटी को पेश करती है। यह भारत-फ्रांस के मजबूत सांस्कृतिक जुड़ाव का एक अद्भुत उदाहरण है।"
ज्ञात हो कि एस. जयशंकर 4-9 जनवरी तक फ्रांस और लक्जमबर्ग के आधिकारिक दौरे पर हैं। अपने फ्रांस दौरे के दौरान, वह राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से मुलाकात करेंगे और विदेश मंत्री, जीन नोएल बैरोट के साथ चर्चा करेंगे।
विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, "वे भारत-फ्रांस स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप के तहत हुई प्रगति और वैश्विक महत्व के मामलों पर चर्चा करेंगे। ईएएम गेस्ट ऑफ ऑनर के रूप में फ्रेंच एम्बेसडर कॉन्फ्रेंस के 31वें संस्करण को भी संबोधित करेंगे।"
इसके बाद, लक्जमबर्ग के दौरे पर जयशंकर उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री जेवियर बेटेल और अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ वार्ता करेंगे। लक्जमबर्ग में भारतीय समुदाय के सदस्यों से भी वह बातचीत करेंगे।
पिछले साल नवंबर में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग में जी20 समिट के दौरान फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से मुलाकात की थी। इस मीटिंग के बाद पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "जोहान्सबर्ग जी20 समिट के दौरान राष्ट्रपति मैक्रों से मिलकर खुशी हुई। हमने विभिन्न मुद्दों पर अच्छी बातचीत की। भारत-फ्रांस के रिश्ते दुनिया की भलाई के लिए एक ताकत बने हुए हैं।"
दोनों नेताओं ने पिछले साल सितंबर में फोन पर बात की थी, जिसमें यूक्रेन में लड़ाई खत्म करने की कोशिशों पर विचार साझा हुए थे। उन्होंने इस मुद्दे के शांतिपूर्ण समाधान और पूरे क्षेत्र में जल्द शांति और स्थिरता बहाल करने के लिए भारत के लगातार समर्थन को दोहराया था।
इससे पहले दोनों नेताओं ने 21 अगस्त, 2025 को भी फोन पर बात की थी, जिसमें यूक्रेन को लेकर चर्चा हुई थी। पिछले कुछ महीनों में अपनी बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने अर्थव्यवस्था, रक्षा, विज्ञान, तकनीक और अंतरिक्ष समेत विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग में हुई प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने होराइजन 2047 रोडमैप, इंडो-पैसिफिक रोडमैप और डिफेंस इंडस्ट्रियल रोडमैप के अनुसार इंडिया-फ्रांस स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप को और मजबूत करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता जताई।