9 अक्टूबर 2026
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बीजिंग में शी चिनफिंग के सांस्कृतिक विचार पर संगोष्ठी, सीपीसी प्रचार मंत्री ली शुलेई ने दिया भाषण

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बीजिंग में शी चिनफिंग के सांस्कृतिक विचार पर संगोष्ठी, सीपीसी प्रचार मंत्री ली शुलेई ने दिया भाषण

सारांश

बीजिंग में आयोजित संगोष्ठी में सीपीसी प्रचार मंत्री ली शुलेई ने 'शी चिनफिंग की संस्कृति पर चुनिंदा रचनाओं' के अध्ययन पर बल दिया। यह आयोजन चीन में शी चिनफिंग के विचारों को पार्टी और समाज में संस्थागत रूप देने के व्यापक अभियान की एक कड़ी है।

मुख्य बातें

बीजिंग में 9 अक्टूबर 2026 को 'शी चिनफिंग की संस्कृति पर चुनिंदा रचनाओं' के खंड एक और दो के अध्ययन पर संगोष्ठी आयोजित हुई।
सीपीसी के प्रचार विभाग के मंत्री ली शुलेई ने संगोष्ठी में भाग लेकर मुख्य भाषण दिया।
प्रतिनिधियों ने 'दो स्थापनाएं' , 'चार जागरूकताएं' , 'चार आत्मविश्वास' और 'दो अनुमोदन' को अध्ययन का केंद्रीय आधार बताया।
यह संगोष्ठी सीपीसी के उस व्यापक वैचारिक समेकन अभियान का हिस्सा है जो शी चिनफिंग के विचारों को पार्टी और सांस्कृतिक संस्थाओं में स्थापित करने पर केंद्रित है।

चीन की राजधानी बीजिंग में 9 अक्टूबर 2026 को 'शी चिनफिंग की संस्कृति पर चुनिंदा रचनाओं' के खंड एक और दो के अध्ययन पर एक विशेष संगोष्ठी आयोजित की गई। चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) की केंद्रीय समिति के पोलित ब्यूरो के सदस्य और सीपीसी केंद्रीय समिति के प्रचार विभाग के मंत्री ली शुलेई ने इस संगोष्ठी में भाग लेकर मुख्य भाषण दिया।

संगोष्ठी का उद्देश्य और पृष्ठभूमि

यह संगोष्ठी ऐसे समय में आयोजित हुई है जब सीपीसी पूरे चीन में शी चिनफिंग के वैचारिक अध्ययन अभियान को व्यापक रूप से संस्थागत बना रही है। 'शी चिनफिंग की संस्कृति पर चुनिंदा रचनाएँ' इस अभियान का केंद्रीय दस्तावेज़ हैं, जिन्हें पार्टी तंत्र से लेकर शिक्षा और मीडिया संस्थानों तक अनिवार्य अध्ययन सामग्री के रूप में स्थापित किया जा रहा है।

प्रतिभागियों का मत

संगोष्ठी में उपस्थित प्रतिनिधियों ने इस बात पर सहमति व्यक्त की कि ये दोनों खंड, शी चिनफिंग के नेतृत्व में सीपीसी केंद्रीय समिति द्वारा संचालित नए युग में सांस्कृतिक विकास की ऐतिहासिक प्रक्रिया का सजीव वर्णन करते हैं। प्रतिनिधियों के अनुसार ये रचनाएँ शी चिनफिंग के सांस्कृतिक विचार की मूल भावना, विषयवस्तु और अपेक्षाओं को व्यवस्थित ढंग से सामने रखती हैं और इस विचार के गहन अध्ययन तथा व्यावहारिक अनुप्रयोग के लिए प्रामाणिक शिक्षण सामग्री का काम करती हैं।

अध्ययन के प्रमुख बिंदु

प्रतिनिधियों ने रेखांकित किया कि इन रचनाओं के अध्ययन का सबसे महत्वपूर्ण पहलू 'दो स्थापनाएं' के निर्णायक महत्व को गहराई से आत्मसात करना है। इसके साथ ही 'चार जागरूकताएं' को मजबूत करना, 'चार आत्मविश्वास' को दृढ़ करना और 'दो अनुमोदन' को लागू करना भी इस अध्ययन के केंद्रीय तत्व बताए गए। प्रतिनिधियों ने कहा कि इन सिद्धांतों का अनुपालन करते हुए नए युग के सांस्कृतिक मिशन को बेहतर ढंग से निभाना ही इस संगोष्ठी का मूल संदेश है।

वैचारिक अभियान का व्यापक संदर्भ

गौरतलब है कि सीपीसी पिछले कुछ वर्षों से पार्टी के भीतर और समाज में शी चिनफिंग के विचारों को केंद्रीय स्थान देने के लिए लगातार संस्थागत कदम उठा रही है। यह संगोष्ठी उसी व्यापक वैचारिक समेकन प्रक्रिया का हिस्सा है, जिसके तहत पार्टी नेताओं से अपेक्षा की जाती है कि वे इन विचारों को नीति-निर्माण और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में प्रतिबिंबित करें। आगे यह अभियान और विस्तृत होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह उस सुव्यवस्थित प्रक्रिया की एक कड़ी है जिसके ज़रिए सीपीसी शी चिनफिंग के विचारों को पार्टी के हर स्तर पर अनिवार्य रूप से अंतर्निहित कर रही है। ध्यान देने योग्य है कि ऐसे आयोजनों में 'प्रचार विभाग के मंत्री' की उपस्थिति और भाषण महज औपचारिकता नहीं — यह संकेत देता है कि वैचारिक अनुपालन पार्टी नेतृत्व की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। भारत और अन्य लोकतांत्रिक देशों के नज़रिए से यह प्रवृत्ति महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह चीन की घरेलू सांस्कृतिक नीति की दिशा और वैश्विक सॉफ्ट पावर रणनीति दोनों को प्रभावित करती है।
RashtraPress
9 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'शी चिनफिंग की संस्कृति पर चुनिंदा रचनाएँ' क्या हैं?
ये चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के सांस्कृतिक विषयों पर दिए गए भाषणों, निर्देशों और लेखों का संकलन है, जिसे सीपीसी ने आधिकारिक अध्ययन सामग्री के रूप में प्रकाशित किया है। इसके खंड एक और दो में नए युग में सांस्कृतिक विकास की नीति और सिद्धांत शामिल हैं।
ली शुलेई कौन हैं और इस संगोष्ठी में उनकी भूमिका क्या थी?
ली शुलेई सीपीसी केंद्रीय समिति के पोलित ब्यूरो के सदस्य और सीपीसी केंद्रीय समिति के प्रचार विभाग के मंत्री हैं। उन्होंने 9 अक्टूबर 2026 को बीजिंग में आयोजित इस संगोष्ठी में भाग लेकर मुख्य भाषण दिया।
'दो स्थापनाएं', 'चार जागरूकताएं' और 'चार आत्मविश्वास' का क्या अर्थ है?
ये सीपीसी के राजनीतिक सिद्धांत हैं। 'दो स्थापनाएं' शी चिनफिंग की पार्टी में केंद्रीय स्थिति को मान्यता देने से संबंधित हैं। 'चार जागरूकताएं' पार्टी अनुशासन और 'चार आत्मविश्वास' सामाजिक व्यवस्था के प्रति प्रतिबद्धता से जुड़े हैं, जबकि 'दो अनुमोदन' शी चिनफिंग के नेतृत्व की स्वीकृति को संदर्भित करते हैं।
यह संगोष्ठी चीन के व्यापक वैचारिक अभियान से कैसे जुड़ी है?
सीपीसी पिछले कुछ वर्षों से पार्टी, शिक्षा और मीडिया संस्थाओं में शी चिनफिंग के विचारों को संस्थागत रूप देने का अभियान चला रही है। यह संगोष्ठी उसी अभियान की एक औपचारिक कड़ी है, जिसका उद्देश्य इन विचारों को नीति-निर्माण और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में प्रतिबिंबित करना है।
इस संगोष्ठी का भारत-चीन संबंधों पर कोई प्रत्यक्ष प्रभाव है?
यह संगोष्ठी मुख्यतः चीन की आंतरिक वैचारिक प्रक्रिया से संबंधित है और इसका भारत-चीन द्विपक्षीय संबंधों पर कोई तत्काल प्रत्यक्ष प्रभाव नहीं बताया गया है। हालांकि, चीन की सांस्कृतिक नीति की दिशा वैश्विक सॉफ्ट पावर रणनीति को प्रभावित करती है, जो व्यापक भू-राजनीतिक संदर्भ में महत्वपूर्ण है।
राष्ट्र प्रेस
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