शी चिनफिंग की पार्टी निर्माण पर चयनित कृतियाँ: खंड-1 व 2 प्रकाशित, 102 रचनाओं का संकलन
सारांश
मुख्य बातें
चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) की केंद्रीय समिति के पार्टी इतिहास और साहित्य अनुसंधान संस्थान द्वारा संपादित 'शी चिनफिंग द्वारा पार्टी निर्माण पर चयनित कृतियाँ' के खंड-1 और खंड-2 को 23 जून 2026 को केंद्रीय पार्टी साहित्य प्रेस ने प्रकाशित किया और चीन भर में वितरित किया। इस संकलन में नवंबर 2012 से फरवरी 2026 तक की कुल 102 रचनाएँ शामिल हैं, जिनमें से कुछ पहली बार सार्वजनिक हो रही हैं।
संकलन में क्या शामिल है
खंड-1 में नवंबर 2012 से जून 2018 तक की 46 रचनाएँ संकलित हैं, जबकि खंड-2 में जुलाई 2018 से फरवरी 2026 तक की 56 रचनाएँ शामिल हैं। इनमें रिपोर्ट, भाषण, व्याख्याएँ, लेख, निर्देश और प्रस्तावनाएँ सम्मिलित हैं। कालक्रमानुसार प्रस्तुत यह संकलन शी चिनफिंग के पार्टी निर्माण संबंधी सर्वाधिक महत्वपूर्ण और मूलभूत कार्यों का दस्तावेज़ीकरण है।
वैचारिक पृष्ठभूमि और महत्व
सीपीसी की 18वीं राष्ट्रीय कांग्रेस के बाद नवंबर 2012 से, कॉमरेड शी चिनफिंग के नेतृत्व में सीपीसी केंद्रीय समिति ने दीर्घकालिक सत्तारूढ़ मार्क्सवादी पार्टी के निर्माण पर नई अवधारणाएँ, नए विचार और नई रणनीतियाँ प्रस्तुत कीं। इन्हीं से 'पार्टी निर्माण पर शी चिनफिंग के विचार' का गठन हुआ, जो 'नए युग में चीनी विशेषताओं वाले समाजवाद पर शी चिनफिंग के विचारों' का एक महत्वपूर्ण भाग माने जाते हैं।
सीपीसी के अनुसार, ये विचार मार्क्सवादी वैज्ञानिक सिद्धांत से उत्पन्न हुए हैं और चीन की पारंपरिक संस्कृति में निहित हैं। पार्टी का कहना है कि इन्होंने पार्टी निर्माण पर मार्क्सवादी सिद्धांतों के विकास में मौलिक योगदान दिया है।
व्यावहारिक और सैद्धांतिक आधार
प्रकाशित सामग्री के अनुसार, पार्टी निर्माण पर शी चिनफिंग के विचारों की ठोस व्यावहारिक नींव नए युग में पार्टी के 'व्यापक और कड़ाई से संचालन के महान अभ्यास' से पोषित हुई है। सीपीसी इसे नए युग में पार्टी निर्माण को मजबूत करने के लिए मूलभूत मार्गदर्शक के रूप में प्रस्तुत करती है।
प्रकाशन का संदर्भ
गौरतलब है कि यह प्रकाशन ऐसे समय में आया है जब चीन अपनी कम्युनिस्ट पार्टी की स्थापना की वर्षगाँठ के निकट है। केंद्रीय पार्टी साहित्य प्रेस सीपीसी के वैचारिक दस्तावेज़ीकरण का प्रमुख प्रकाशन अंग है, और इस संकलन का राष्ट्रव्यापी वितरण पार्टी के भीतर वैचारिक एकरूपता को सुदृढ़ करने की व्यापक कोशिश का हिस्सा माना जा रहा है।