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यूएन बजट सलाहकार पैनल ACABQ में भारतीय राजनयिक शिवानी गुप्ता निर्विरोध चुनी गईं

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यूएन बजट सलाहकार पैनल ACABQ में भारतीय राजनयिक शिवानी गुप्ता निर्विरोध चुनी गईं

सारांश

भारतीय राजनयिक शिवानी गुप्ता का यूएन की प्रतिष्ठित ACABQ बजट सलाहकार समिति में निर्विरोध चयन — CA की योग्यता और विदेश सेवा का दुर्लभ संयोजन। 2027 से शुरू होने वाला यह तीन वर्षीय कार्यकाल बहुपक्षीय संस्थाओं में भारत की बढ़ती साख का प्रमाण है।

मुख्य बातें

शिवानी गुप्ता को 7 नवंबर 2026 को यूएन की ACABQ बजट सलाहकार समिति में एशिया-प्रशांत सीट पर निर्विरोध नामित किया गया।
उनका तीन वर्षीय कार्यकाल (2027–2029) अगले वर्ष से शुरू होगा; महासभा की औपचारिक स्वीकृति शेष है।
शिवानी वर्तमान में भारत के स्थायी मिशन, न्यूयॉर्क में प्रथम सचिव हैं और 2018 से भारतीय विदेश सेवा (IFS) में हैं।
IFS से पहले उन्होंने चार्टर्ड अकाउंटेंट की योग्यता प्राप्त की थी; वित्तीय रिपोर्टिंग, ऑडिट और बजट प्रबंधन में विशेषज्ञता।
21 सदस्यीय ACABQ यूएन के बजट और प्रशासनिक प्रस्तावों की स्वतंत्र समीक्षा कर महासभा को सिफारिश करती है।

भारतीय राजनयिक शिवानी गुप्ता को 7 नवंबर 2026 को संयुक्त राष्ट्र महासभा की पाँचवीं समिति द्वारा एडवाइजरी कमेटी ऑन एडमिनिस्ट्रेटिव एंड बजटरी क्वेश्चंस (ACABQ) में एशिया-प्रशांत क्षेत्र की एक सीट पर निर्विरोध नामित किया गया। न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में हुई इस प्रक्रिया के तहत उनका तीन वर्षीय कार्यकाल (2027–2029) अगले वर्ष से प्रारंभ होगा।

ACABQ में निर्विरोध नामांकन का महत्व

महासभा की पाँचवीं समिति में निर्विरोध नामांकन को लगभग औपचारिक चयन के बराबर माना जाता है, क्योंकि महासभा परंपरागत रूप से इन नियुक्तियों को बिना विरोध के स्वीकृति देती है। 21 सदस्यीय यह समिति संयुक्त राष्ट्र के बजट, प्रशासनिक मामलों और संसाधन आवंटन से जुड़े प्रस्तावों की स्वतंत्र विशेषज्ञ समीक्षा करती है। इसकी सिफारिशें सीधे महासभा के वित्तीय और प्रशासनिक निर्णयों को प्रभावित करती हैं।

गौरतलब है कि ACABQ यह सुनिश्चित करती है कि सदस्य देशों द्वारा संयुक्त राष्ट्र के वैश्विक कार्यों के लिए दिए गए योगदान का उपयोग जवाबदेही और कुशलता के साथ हो। समिति के सदस्य स्वतंत्र रूप से कार्य करते हैं, किसी देश के प्रतिनिधि के रूप में नहीं।

शिवानी गुप्ता की पृष्ठभूमि और विशेषज्ञता

शिवानी गुप्ता वर्तमान में संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन में प्रथम सचिव के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने वर्ष 2018 में भारतीय विदेश सेवा (IFS) में प्रवेश से पूर्व चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) की योग्यता अर्जित की थी। यह दोहरी दक्षता — वित्तीय प्रबंधन और कूटनीति — उन्हें ACABQ जैसे तकनीकी निकाय के लिए विशेष रूप से उपयुक्त बनाती है।

संयुक्त राष्ट्र महासभा में प्रसारित उनके परिचय पत्र के अनुसार, 'चार्टर्ड अकाउंटेंट के रूप में उनकी पृष्ठभूमि ने उन्हें वित्तीय रिपोर्टिंग, ऑडिट, सुशासन, कॉरपोरेट गवर्नेंस, बजट प्रबंधन, जोखिम प्रबंधन और संस्थागत निगरानी जैसे क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता दी है।' उनके वित्तीय ज्ञान और राजनयिक अनुभव के संयोजन से यूएन के बजट विमर्श में महत्वपूर्ण योगदान अपेक्षित है।

राजनयिक अनुभव का दायरा

ACABQ में चयन से पूर्व शिवानी गुप्ता विदेश मंत्रालय के पूर्वी एशिया विभाग में अवर सचिव के पद पर रह चुकी हैं। इसके अतिरिक्त वे बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास और ताइवान में भारत के राजनयिक प्रतिनिधित्व में भी सेवाएँ दे चुकी हैं।

यह ऐसे समय में आया है जब भारत बहुपक्षीय संस्थाओं में अपनी उपस्थिति और प्रभाव को व्यवस्थित रूप से बढ़ाने पर ज़ोर दे रहा है।

संयुक्त राष्ट्र में भारत का स्थायी मिशन क्या बोला

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा कि 'भारत की उम्मीदवार शिवानी गुप्ता को 2027–2029 के कार्यकाल के लिए ACABQ में चुना गया है।' पोस्ट में आगे कहा गया कि समिति का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सदस्य देशों के योगदान का उपयोग जवाबदेही और कुशलता के साथ हो।

आगे क्या होगा

महासभा द्वारा औपचारिक पुष्टि के बाद शिवानी गुप्ता का तीन वर्षीय कार्यकाल 2027 से प्रारंभ होगा। ACABQ में उनकी उपस्थिति से संयुक्त राष्ट्र के बजटीय ढाँचे पर भारत की आवाज़ और अधिक सशक्त होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक सोची-समझी प्रोफ़ाइल है। असली सवाल यह है कि क्या भारत इस स्थान का उपयोग यूएन के बजट आवंटन में विकासशील देशों के हितों की पैरवी के लिए करेगा — या यह चयन केवल राजनयिक पोर्टफोलियो का विस्तार बनकर रह जाएगा।
RashtraPress
7 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ACABQ क्या है और यह क्यों महत्वपूर्ण है?
ACABQ यानी एडवाइजरी कमेटी ऑन एडमिनिस्ट्रेटिव एंड बजटरी क्वेश्चंस, संयुक्त राष्ट्र महासभा का 21 सदस्यीय स्वतंत्र सलाहकार निकाय है जो यूएन के बजट, प्रशासनिक मामलों और संसाधन आवंटन की समीक्षा कर सिफारिशें देता है। इसकी सिफारिशें महासभा के वित्तीय निर्णयों को सीधे प्रभावित करती हैं।
शिवानी गुप्ता कौन हैं और उनका अनुभव क्या है?
शिवानी गुप्ता 2018 से भारतीय विदेश सेवा (IFS) में हैं और वर्तमान में न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र के भारतीय स्थायी मिशन में प्रथम सचिव हैं। IFS से पहले उन्होंने चार्टर्ड अकाउंटेंट की योग्यता हासिल की और वे बीजिंग में भारतीय दूतावास व ताइवान में राजनयिक प्रतिनिधित्व में भी सेवाएँ दे चुकी हैं।
शिवानी गुप्ता का कार्यकाल कब शुरू होगा?
शिवानी गुप्ता का ACABQ में तीन वर्षीय कार्यकाल 2027 से 2029 तक निर्धारित है। पाँचवीं समिति में निर्विरोध नामांकन के बाद महासभा की औपचारिक स्वीकृति शेष है, जो परंपरागत रूप से बिना विरोध के दी जाती है।
निर्विरोध नामांकन का क्या मतलब है?
निर्विरोध नामांकन का अर्थ है कि एशिया-प्रशांत क्षेत्र के लिए निर्धारित सीट पर कोई प्रतिस्पर्धी उम्मीदवार नहीं था। महासभा परंपरागत रूप से पाँचवीं समिति की ऐसी नियुक्तियों को स्वीकृत करती है, इसलिए इसे लगभग निश्चित चयन माना जा रहा है।
भारत को इस नियुक्ति से क्या लाभ होगा?
ACABQ में भारतीय प्रतिनिधित्व से भारत को संयुक्त राष्ट्र के बजट और प्रशासनिक विमर्श में सीधी भागीदारी मिलेगी। विशेषज्ञों के अनुसार शिवानी गुप्ता की CA पृष्ठभूमि यूएन के वित्तीय जवाबदेही ढाँचे में भारत की स्थिति को मज़बूत करेगी।
राष्ट्र प्रेस
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