सीवी रमन जयंती 2026: गडकरी, मनोहर लाल समेत दर्जनों नेताओं ने किया नमन, 'रमन प्रभाव' को बताया अमर धरोहर
सारांश
मुख्य बातें
भारत रत्न और नोबेल पुरस्कार विजेता महान भौतिक विज्ञानी डॉ. सीवी रमन की जयंती पर 7 नवंबर 2026 को केंद्रीय मंत्रियों से लेकर कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों तक ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर श्रद्धांजलि अर्पित की। नेताओं ने एकसुर में कहा कि डॉ. रमन का 'रमन प्रभाव' की खोज के रूप में दिया गया योगदान भारत की वैज्ञानिक विरासत का स्थायी आधार है।
केंद्रीय मंत्रियों की श्रद्धांजलि
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एक्स पर लिखा, 'प्रतिष्ठित नोबेल पुरस्कार से सम्मानित महान भारतीय भौतिक-शास्त्री और भारत रत्न सर सीवी रमन जी की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन।' केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल ने भी एक्स पोस्ट के माध्यम से डॉ. रमन को नमन करते हुए कहा, 'भारत की वैज्ञानिक अनुसंधान यात्रा को समृद्ध और सशक्त बनाने में आपकी ओर से दिया गया अमूल्य योगदान सदैव अविस्मरणीय व अतुलनीय रहेगा।'
मुख्यमंत्रियों ने किया रमन प्रभाव का स्मरण
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने लिखा, 'रमन प्रभाव की ऐतिहासिक खोज से उन्होंने न केवल विज्ञान को नई दिशा दी, बल्कि विश्व पटल पर भारत की वैज्ञानिक प्रतिभा का गौरव स्थापित किया।' राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि डॉ. रमन का जीवन और वैज्ञानिक दृष्टिकोण देश की युवा पीढ़ी को 'सदैव अनुसंधान और राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा।' बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी एक्स पोस्ट में कहा, 'विज्ञान के क्षेत्र में उनका अतुलनीय योगदान सदैव देशवासियों को प्रेरित करता रहेगा।'
भाजपा नेताओं और उपमुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया
गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने डॉ. रमन को 'भारतीय विज्ञान को विश्व पटल पर गौरवान्वित करने वाले महान भौतिक शास्त्री' बताते हुए उन्हें सादर नमन किया। महाराष्ट्र भाजपा के अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण ने लिखा, 'रामन इफेक्ट जैसे शोध कार्य के माध्यम से भारत का गौरव वैश्विक स्तर पर बढ़ाने वाले महान भौतिक शास्त्री, भारतरत्न सीवी रामन को जयंती पर विनम्र श्रद्धांजलि। उनका शोध आने वाली कई पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।'
उत्तर प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कहा कि 'रमन प्रभाव' की खोज से डॉ. रमन ने 'पूरी दुनिया में भारत के ज्ञान का डंका बजाया।' बिहार भाजपा के अध्यक्ष संजय सरावगी ने पोस्ट किया, 'विज्ञान और अनुसंधान के क्षेत्र में उनका अतुलनीय योगदान और नवाचार के प्रति समर्पण सदैव देश की युवा पीढ़ी को प्रेरित करता रहेगा।'
डॉ. सीवी रमन: एक संक्षिप्त परिचय
गौरतलब है कि डॉ. चंद्रशेखर वेंकट रमन का जन्म 7 नवंबर 1888 को तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली में हुआ था। उन्होंने 1928 में 'रमन प्रभाव' की खोज की, जिसके लिए उन्हें 1930 में भौतिकी का नोबेल पुरस्कार मिला — यह उपलब्धि हासिल करने वाले वे पहले एशियाई वैज्ञानिक थे। भारत सरकार ने उन्हें 1954 में देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से विभूषित किया। उनकी जयंती को भारत में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के रूप में नहीं, बल्कि उनकी खोज की तिथि 28 फरवरी को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के रूप में मनाया जाता है।
आगे की दिशा
यह ऐसे समय में आया है जब भारत वैश्विक विज्ञान और प्रौद्योगिकी क्षेत्र में अपनी उपस्थिति को और मजबूत करने के प्रयास में है। नेताओं के ये संदेश देश के युवा वैज्ञानिकों और शोधार्थियों को डॉ. रमन की विरासत से प्रेरणा लेने का आह्वान करते हैं। भारत की वैज्ञानिक नीतियों और अनुसंधान निवेश पर इस जनभावना का दीर्घकालिक असर बना रहेगा।