7 नवंबर 2026
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सीवी रमन जयंती 2026: गडकरी, मनोहर लाल समेत दर्जनों नेताओं ने किया नमन, 'रमन प्रभाव' को बताया अमर धरोहर

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सीवी रमन जयंती 2026: गडकरी, मनोहर लाल समेत दर्जनों नेताओं ने किया नमन, 'रमन प्रभाव' को बताया अमर धरोहर

सारांश

सीवी रमन की जयंती पर देशभर के नेताओं ने एक्स पर श्रद्धांजलि की बाढ़ ला दी। गडकरी से लेकर कई मुख्यमंत्रियों तक — सभी ने 'रमन प्रभाव' को भारत की वैज्ञानिक विरासत का सबसे चमकदार अध्याय बताया। पहले एशियाई नोबेल भौतिकी विजेता की स्मृति आज भी राष्ट्रीय प्रेरणा का स्रोत है।

मुख्य बातें

7 नवंबर 2026 को भारत रत्न और नोबेल पुरस्कार विजेता डॉ.
सीवी रमन की जयंती पर देशव्यापी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और मनोहर लाल ने एक्स पर पोस्ट कर डॉ.
रमन के वैज्ञानिक योगदान को 'अविस्मरणीय' बताया।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता , राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी श्रद्धांजलि दी।
रमन ने 1928 में 'रमन प्रभाव' की खोज की और 1930 में भौतिकी का नोबेल पुरस्कार जीता — यह सम्मान पाने वाले पहले एशियाई वैज्ञानिक थे।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्षों — रविंद्र चव्हाण (महाराष्ट्र), पंकज चौधरी (उत्तर प्रदेश), संजय सरावगी (बिहार) — ने भी डॉ.

भारत रत्न और नोबेल पुरस्कार विजेता महान भौतिक विज्ञानी डॉ. सीवी रमन की जयंती पर 7 नवंबर 2026 को केंद्रीय मंत्रियों से लेकर कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों तक ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर श्रद्धांजलि अर्पित की। नेताओं ने एकसुर में कहा कि डॉ. रमन का 'रमन प्रभाव' की खोज के रूप में दिया गया योगदान भारत की वैज्ञानिक विरासत का स्थायी आधार है।

केंद्रीय मंत्रियों की श्रद्धांजलि

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एक्स पर लिखा, 'प्रतिष्ठित नोबेल पुरस्कार से सम्मानित महान भारतीय भौतिक-शास्त्री और भारत रत्न सर सीवी रमन जी की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन।' केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल ने भी एक्स पोस्ट के माध्यम से डॉ. रमन को नमन करते हुए कहा, 'भारत की वैज्ञानिक अनुसंधान यात्रा को समृद्ध और सशक्त बनाने में आपकी ओर से दिया गया अमूल्य योगदान सदैव अविस्मरणीय व अतुलनीय रहेगा।'

मुख्यमंत्रियों ने किया रमन प्रभाव का स्मरण

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने लिखा, 'रमन प्रभाव की ऐतिहासिक खोज से उन्होंने न केवल विज्ञान को नई दिशा दी, बल्कि विश्व पटल पर भारत की वैज्ञानिक प्रतिभा का गौरव स्थापित किया।' राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि डॉ. रमन का जीवन और वैज्ञानिक दृष्टिकोण देश की युवा पीढ़ी को 'सदैव अनुसंधान और राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा।' बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी एक्स पोस्ट में कहा, 'विज्ञान के क्षेत्र में उनका अतुलनीय योगदान सदैव देशवासियों को प्रेरित करता रहेगा।'

भाजपा नेताओं और उपमुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया

गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने डॉ. रमन को 'भारतीय विज्ञान को विश्व पटल पर गौरवान्वित करने वाले महान भौतिक शास्त्री' बताते हुए उन्हें सादर नमन किया। महाराष्ट्र भाजपा के अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण ने लिखा, 'रामन इफेक्ट जैसे शोध कार्य के माध्यम से भारत का गौरव वैश्विक स्तर पर बढ़ाने वाले महान भौतिक शास्त्री, भारतरत्न सीवी रामन को जयंती पर विनम्र श्रद्धांजलि। उनका शोध आने वाली कई पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।'

उत्तर प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कहा कि 'रमन प्रभाव' की खोज से डॉ. रमन ने 'पूरी दुनिया में भारत के ज्ञान का डंका बजाया।' बिहार भाजपा के अध्यक्ष संजय सरावगी ने पोस्ट किया, 'विज्ञान और अनुसंधान के क्षेत्र में उनका अतुलनीय योगदान और नवाचार के प्रति समर्पण सदैव देश की युवा पीढ़ी को प्रेरित करता रहेगा।'

डॉ. सीवी रमन: एक संक्षिप्त परिचय

गौरतलब है कि डॉ. चंद्रशेखर वेंकट रमन का जन्म 7 नवंबर 1888 को तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली में हुआ था। उन्होंने 1928 में 'रमन प्रभाव' की खोज की, जिसके लिए उन्हें 1930 में भौतिकी का नोबेल पुरस्कार मिला — यह उपलब्धि हासिल करने वाले वे पहले एशियाई वैज्ञानिक थे। भारत सरकार ने उन्हें 1954 में देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से विभूषित किया। उनकी जयंती को भारत में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के रूप में नहीं, बल्कि उनकी खोज की तिथि 28 फरवरी को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के रूप में मनाया जाता है।

आगे की दिशा

यह ऐसे समय में आया है जब भारत वैश्विक विज्ञान और प्रौद्योगिकी क्षेत्र में अपनी उपस्थिति को और मजबूत करने के प्रयास में है। नेताओं के ये संदेश देश के युवा वैज्ञानिकों और शोधार्थियों को डॉ. रमन की विरासत से प्रेरणा लेने का आह्वान करते हैं। भारत की वैज्ञानिक नीतियों और अनुसंधान निवेश पर इस जनभावना का दीर्घकालिक असर बना रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसके पीछे एक गहरा विरोधाभास छिपा है — जिस देश में रमन ने विश्वस्तरीय शोध किया, वहाँ आज भी GDP का बेहद मामूली हिस्सा वैज्ञानिक अनुसंधान पर खर्च होता है। श्रद्धांजलि शब्दों में उदार है, पर बजट आवंटन में वह उदारता दिखना अभी बाकी है। असली सवाल यह है कि क्या ये पोस्ट युवा वैज्ञानिकों के लिए नीतिगत प्रेरणा में बदलेंगी, या केवल वार्षिक सोशल मीडिया चक्र का हिस्सा बनकर रह जाएंगी।
RashtraPress
7 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डॉ. सीवी रमन कौन थे और उनकी जयंती कब है?
डॉ. चंद्रशेखर वेंकट रमन भारत के महान भौतिक विज्ञानी थे, जिनका जन्म 7 नवंबर 1888 को हुआ था। उन्होंने 1928 में 'रमन प्रभाव' की खोज की और 1930 में भौतिकी का नोबेल पुरस्कार जीता — ऐसा करने वाले वे पहले एशियाई वैज्ञानिक थे।
7 नवंबर 2026 को किन-किन नेताओं ने डॉ. रमन को श्रद्धांजलि दी?
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और मनोहर लाल, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी और कई प्रदेश भाजपा अध्यक्षों ने एक्स पर श्रद्धांजलि अर्पित की।
डॉ. सीवी रमन को भारत रत्न कब मिला था?
भारत सरकार ने डॉ. सीवी रमन को 1954 में देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से विभूषित किया था। नोबेल पुरस्कार के बाद यह उनकी सबसे बड़ी राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता थी।
राष्ट्रीय विज्ञान दिवस कब और क्यों मनाया जाता है?
राष्ट्रीय विज्ञान दिवस प्रतिवर्ष 28 फरवरी को मनाया जाता है, क्योंकि इसी दिन 1928 में डॉ. सीवी रमन ने 'रमन प्रभाव' की खोज की घोषणा की थी। यह दिन भारत में वैज्ञानिक जागरूकता और अनुसंधान को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से मनाया जाता है।
राष्ट्र प्रेस
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