विजेंद्र गुप्ता 8-9 जून को चंडीगढ़ में CPA सम्मेलन को करेंगे संबोधित, 'विकसित भारत 2047' पर होगी चर्चा
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता 8 और 9 जून को चंडीगढ़ स्थित हरियाणा विधानसभा परिसर में आयोजित कॉमनवेल्थ पार्लियामेंट्री एसोसिएशन (CPA) इंडिया रीजन जोन-II नॉर्थ जोन सम्मेलन को संबोधित करेंगे। इस दो दिवसीय सम्मेलन का केंद्रीय विषय 'भविष्य की चुनौतियों और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को साकार करने में जागरूक समाज और जनप्रतिनिधियों की भूमिका' है।
सम्मेलन का उद्देश्य और स्वरूप
अधिकारियों के अनुसार, इस सम्मेलन में उत्तर भारत के विभिन्न राज्यों के विधानसभा अध्यक्ष, पीठासीन अधिकारी और विधायक भाग लेंगे। आयोजन का मुख्य उद्देश्य संसदीय संस्थाओं को सुदृढ़ करना, आधुनिक विधायी प्रक्रियाओं को प्रोत्साहन देना और विभिन्न राज्यों के बीच लोकतांत्रिक सहयोग को प्रगाढ़ बनाना है। जनप्रतिनिधि और नीति निर्माता एक साझा मंच पर सामाजिक, आर्थिक और प्रशासनिक चुनौतियों पर विचार-विमर्श करेंगे।
विजेंद्र गुप्ता की भूमिका
दिल्ली विधानसभा का प्रतिनिधित्व करते हुए गुप्ता विभिन्न सत्रों में सक्रिय रूप से भाग लेंगे। वे नागरिक सशक्तिकरण, विधायी संस्थाओं की भूमिका और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में जनभागीदारी बढ़ाने से जुड़े अपने अनुभव और सुझाव साझा करेंगे। गौरतलब है कि यह सम्मेलन ऐसे समय में हो रहा है जब देश 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य की दिशा में नीतिगत रोडमैप तैयार कर रहा है।
संसदीय विरासत संरक्षण की पहल
हाल ही में विजेंद्र गुप्ता ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के साथ दिल्ली विधानसभा की त्रैमासिक पत्रिका 'विधान-चेतना' के प्रथम अंक का विमोचन किया था। इसी अवसर पर 1924 से 1930 तक की केंद्रीय विधानसभा की कार्यवाही से संबंधित 89 खंडों का भी लोकार्पण किया गया। गुप्ता ने उस मौके पर कहा था कि यह पहल भारत की समृद्ध संसदीय विरासत और आधुनिक लोकतांत्रिक विकास के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु का काम करेगी।
आगे की राह
आयोजकों का मानना है कि संसदीय कार्यप्रणाली से जुड़े श्रेष्ठ अनुभवों के आदान-प्रदान से जनप्रतिनिधियों को क्षेत्रीय और राष्ट्रीय मुद्दों के बेहतर समाधान खोजने में सहायता मिलेगी। सम्मेलन के निष्कर्ष विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में एक ठोस रोडमैप तैयार करने में योगदान देंगे।