पूर्वी प्रशांत में साउथकॉम की बड़ी कार्रवाई: 'लॉस चोनेरोस' का फ्लोटिंग रिफ्यूलिंग स्टेशन डुबोया
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी साउथ कमांड (साउथकॉम) ने 15 सितंबर 2026 को पूर्वी प्रशांत महासागर में नशा तस्करी के खिलाफ एक निर्णायक अभियान चलाते हुए हिंसक ड्रग तस्कर संगठन 'लॉस चोनेरोस' से जुड़े एक फ्लोटिंग रिफ्यूलिंग स्टेशन को सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया। साउथकॉम के निर्देश पर जॉइंट टास्क फोर्स वेस्टर्न हेमिस्फियर (जेटीएफ-डब्लूएचईएम) की टीम ने यह कार्रवाई अंजाम दी और जहाज पर मौजूद चालक दल को सुरक्षित उतारने के बाद उसे समुद्र में डुबो दिया।
मुख्य घटनाक्रम
साउथकॉम के अनुसार, खुफिया जानकारी से पुष्टि हुई कि यह जहाज समुद्री मार्ग से होने वाली अवैध ड्रग तस्करी गतिविधियों को सीधा समर्थन दे रहा था और इसका संबंध हिंसक संगठन 'लॉस चोनेरोस' से था। टीम ने पहले जहाज की पूरी तलाशी ली, फिर चालक दल को सुरक्षित उतारा और अंत में उसे डुबो दिया।
जहाज से हटाए गए व्यक्तियों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए इक्वाडोर के अधिकारियों को सौंपा जाएगा, जैसा कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग प्रक्रिया के तहत निर्धारित है।
साउथकॉम कमांडर का बयान
साउथकॉम के कमांडर जनरल फ्रांसिस एल. डोनोवन ने कहा, 'हम इन ड्रग तस्करों पर लगातार दबाव बनाए हुए हैं और उन्हें वहीं नुकसान पहुँचा रहे हैं जहाँ सबसे ज़्यादा असर होता है। हम उनके जटिल नेटवर्क को तोड़ रहे हैं, उनकी उन्नत सप्लाई और लॉजिस्टिक व्यवस्था को बाधित कर रहे हैं और उनकी वित्तीय ताकत को कमज़ोर कर रहे हैं। यही पूरे सिस्टम पर व्यापक दबाव बनाने की रणनीति का उदाहरण है।'
पिछली कार्रवाई से तुलना
गौरतलब है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे मात्र आठ दिन पहले, 7 सितंबर को भी साउथकॉम के निर्देश पर जेटीएफ-डब्लूएचईएम की टीम ने पूर्वी प्रशांत महासागर में ड्रग तस्करी को समर्थन देने वाले एक अन्य तैरते हुए आपूर्ति स्टेशन को रोककर डुबोया था। उस अभियान में भी जहाज पर मौजूद लोगों को हिरासत में लेकर इक्वाडोर के अधिकारियों को सौंपा गया था।
यह ऐसे समय में आया है जब अमेरिका पश्चिमी गोलार्ध में ड्रग तस्करी नेटवर्क के लॉजिस्टिक ढाँचे को व्यवस्थित रूप से निशाना बनाने की रणनीति पर काम कर रहा है — केवल खेपों को जब्त करने तक सीमित न रहते हुए।
जेटीएफ-डब्लूएचईएम की रणनीति
जेटीएफ-डब्लूएचईएम ने स्पष्ट किया है कि वह पश्चिमी गोलार्ध में ड्रग तस्करी को बढ़ावा देने वाले लॉजिस्टिक नेटवर्क को खत्म करने के लिए सटीक और पेशेवर तरीके से अभियान जारी रखेगा। फ्लोटिंग रिफ्यूलिंग स्टेशनों को निशाना बनाना इस रणनीति का अहम हिस्सा है, क्योंकि ये स्टेशन तस्करों की नौकाओं को खुले समुद्र में ईंधन भरने की सुविधा देते हैं, जिससे वे तटरक्षक बलों की पहुँच से बाहर लंबी दूरी तय कर सकते हैं।
आगे की दिशा
लगातार दो हफ्तों में दो फ्लोटिंग स्टेशनों को नष्ट करना दर्शाता है कि साउथकॉम ने ड्रग तस्करी के बुनियादी ढाँचे को व्यवस्थित रूप से ध्वस्त करने की मुहिम तेज़ कर दी है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की कार्रवाइयाँ तस्करों की परिचालन लागत को बढ़ाती हैं और उनके नेटवर्क में अविश्वास का माहौल पैदा करती हैं। आने वाले हफ्तों में इस अभियान के और विस्तार की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।