रिचर्ड पायबस का स्वीकारोक्ति: '159 रन नाकाफी थे, भारत से मुकाबले के लिए खेल में बड़ा सुधार ज़रूरी'
सारांश
मुख्य बातें
अफगानिस्तान क्रिकेट टीम के हेड कोच रिचर्ड पायबस ने 16 सितंबर 2026 को नई दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेले गए दूसरे टी20 मुकाबले के बाद स्वीकार किया कि उनकी टीम की बल्लेबाज़ी विफलता ही हार की असली वजह रही। भारत ने अफगानिस्तान को 7 विकेट से हराया, जिसके बाद पायबस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में खुलकर अपनी टीम की कमज़ोरियाँ गिनाईं।
स्कोर की नाकामी — मुख्य घटनाक्रम
पायबस ने कहा, 'उस विकेट पर 200 रन का स्कोर गेंदबाज़ों के लिए कुछ मौका देता। मुझे लगा कि हमने सच में बहुत अच्छी गेंदबाज़ी की — नबी ने पहले कुछ ओवरों में अच्छी गेंदबाज़ी की, और नूर ने भी अच्छा प्रदर्शन किया। लेकिन हमने ऐसा टोटल नहीं बनाया जिसका बचाव किया जा सके।' उनके अनुसार 159 रन इस पिच पर कम से कम 40 रन कम थे।
पावरप्ले में भारत ने पहले 6 ओवरों में करीब 80 रन जोड़ लिए, जिससे गेंदबाज़ों पर दबाव इतना बढ़ गया कि वापसी लगभग असंभव हो गई। पायबस ने माना कि पावरप्ले में अफगानिस्तान की गेंदबाज़ी उनकी उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी।
राशिद खान — एकमात्र सकारात्मक पहलू
पायबस उस मैच में राशिद खान के प्रदर्शन से प्रसन्न नज़र आए। उन्होंने कहा, 'राशिद एक ऑल-राउंडर के तौर पर खेल रहे हैं। हमारे पास वहाँ तीन ऑल-राउंडर हैं। उसने आज बहुत खूबसूरती से बैटिंग की।' कोच ने यह भी संकेत दिया कि भविष्य में राशिद को बल्लेबाज़ी क्रम में ऊपर भेजकर प्रतिद्वंद्वी टीम पर दबाव बनाने की रणनीति आज़माई जा सकती है।
टॉप ऑर्डर और गुरबाज़ से उम्मीदें
अफगानिस्तान के टॉप ऑर्डर की नाकामी एक बार फिर चिंता का कारण बनी। पायबस ने कहा कि रहमानुल्लाह गुरबाज़ से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है — 'वह आमतौर पर हमारा सबसे धमाकेदार बल्लेबाज़ होता है। मुझे पता है कि वह निराश है। मुझे यकीन है कि तीसरे मुकाबले में उसके पास हमारे लिए कुछ खास होगा।' इब्राहिम के प्रदर्शन की तारीफ करते हुए पायबस ने स्ट्राइक रेट बढ़ाने को प्राथमिकता बताया।
अनुभव की कमी और भारत से तुलना
पायबस ने युवा अफगान खिलाड़ियों के लिए भारत जैसे बड़े स्टेडियम में खेलने के मानसिक दबाव को भी स्वीकार किया। उन्होंने कहा, 'लड़कों को दुनिया की टॉप टीमों के खिलाफ खेलने के ज़्यादा मौके नहीं मिलते। यह एक शिक्षा है।' उन्होंने यह भी माना कि भारत के खिलाड़ी आईपीएल के ज़रिए इन पिचों पर खेलने के आदी हैं, जबकि अफगानिस्तान में गुणवत्तापूर्ण विकेटों का अभाव है।
पायबस के अनुसार अफगानिस्तान का औसत पावरप्ले स्कोर करीब 45 रन है, जबकि भारत जैसी टीम के मुकाबले यह आँकड़ा काफी कम है। उन्होंने इसे आने वाले महीनों में सुधारने का लक्ष्य बताया।
घरेलू पिचों में सुधार — आगे की राह
पायबस ने सुझाव दिया कि अफगानिस्तान को एक अंतरराष्ट्रीय क्यूरेटर नियुक्त करना चाहिए ताकि घरेलू पिचों की गुणवत्ता में सुधार हो। उन्होंने कहा, 'हमें अच्छी क्रिकेट विकेट चाहिए — यह इतनी सिंपल बात है। बेहतर पिचें खिलाड़ियों के विकास में मदद करती हैं।' अफगानिस्तान के सामने तीसरा और अंतिम टी20 मुकाबला बाकी है, जिसमें सीरीज़ में प्रतिष्ठा बचाने का मौका होगा।