अफगानिस्तान कोच रिचर्ड पायबस की ICC से अपील: तीन या पांच टेस्ट की सीरीज हो, एकमात्र मैच नाकाफी
सारांश
मुख्य बातें
अफगानिस्तान के हेड कोच रिचर्ड पायबस ने 5 जून को न्यू चंडीगढ़ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) से मांग की कि अफगानिस्तान को एक व्यवस्थित टेस्ट कैलेंडर दिया जाए। पीसीए न्यू क्रिकेट स्टेडियम में शनिवार 7 जून से भारत के खिलाफ शुरू हो रहे एकमात्र टेस्ट से पहले पायबस ने कहा कि छिटपुट टेस्ट मैच खेलकर रेड-बॉल क्रिकेट की संस्कृति नहीं बनाई जा सकती।
मुख्य मांग: तीन या पांच टेस्ट की सीरीज
पायबस ने दो-टेस्ट सीरीज के प्रारूप को भी अपर्याप्त बताया। उन्होंने कहा, 'एक टेस्ट खेलना और अगले टेस्ट से पहले चार-पांच महीने का ब्रेक लेना असामान्य है। दो टेस्ट मैचों की सीरीज का मुझे कोई मतलब समझ नहीं आता — आप ऐसी सीरीज नहीं चाहते जो टाई हो। तीन या पांच टेस्ट की सीरीज होनी चाहिए ताकि आप असल में जीत सकें।' उनका तर्क है कि लंबी सीरीज खिलाड़ियों को सीखने, संतुलन बनाने और टेस्ट क्रिकेट की बारीकियाँ समझने का वास्तविक अवसर देती है।
भारत और BCCI की भूमिका
पायबस ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की सराहना करते हुए कहा, 'BCCI को श्रेय जाता है कि उन्होंने इस साल हमें काफी क्रिकेट दिया है — यह हमारे लिए शानदार है।' साथ ही उन्होंने जोड़ा कि किसी देश को पूर्ण सदस्यता मिलना एक बात है, लेकिन उसके बाद पूरे शेड्यूल की ज़रूरत होती है। उन्होंने अन्य सीनियर पूर्ण सदस्य टीमों से भी अपील की कि वे अफगानिस्तान के साथ फिक्सचर सूची बनाना शुरू करें।
राशिद खान की अनुपलब्धता
स्टार स्पिनर राशिद खान इस टेस्ट में नहीं खेलेंगे। पायबस ने बताया कि 'राशिद को पीठ की शिकायत बहुत पहले से है और उन्हें बहुत ज़्यादा क्रिकेट खेलना पड़ता है।' कोच ने कहा कि वे इस बारे में बातचीत का इंतजार कर रहे हैं ताकि राशिद को अफगानिस्तान के लिए अधिकतम उपलब्धता सुनिश्चित करने में सहयोग किया जा सके। राशिद खान का वर्कलोड प्रबंधन अफगानिस्तान क्रिकेट के लिए एक दीर्घकालिक चुनौती बनी हुई है।
अफगानिस्तान का टेस्ट सफर
गौरतलब है कि अफगानिस्तान ने 2018 में अपना पहला टेस्ट मैच भारत के खिलाफ ही खेला था। टेस्ट दर्जा मिलने के बाद से अब तक अफगानिस्तान मात्र 10 टेस्ट खेल पाया है — जो यह दर्शाता है कि पायबस की चिंता कितनी वाजिब है। यह मैच अफगानिस्तान का भारत के खिलाफ दूसरा टेस्ट है, और दोनों टेस्ट के बीच सात साल से अधिक का अंतर है।
भारत की चुनौती
पायबस ने स्वीकार किया कि 'भारत में आकर भारत के खिलाफ खेलना हमेशा विश्व क्रिकेट की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक रहा है — भारत को उसके घर में हराना बहुत मुश्किल है।' इसके बावजूद उन्होंने टीम का मनोबल ऊँचा रखने की बात कही। यह मैच अफगानिस्तान के युवा टेस्ट खिलाड़ियों के लिए एक अहम परीक्षा है।