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प्यू रिसर्च सर्वे 2025: 36 देशों में श्रीलंका ने भारत को दी सर्वोच्च रेटिंग, 79% की सकारात्मक राय

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प्यू रिसर्च सर्वे 2025: 36 देशों में श्रीलंका ने भारत को दी सर्वोच्च रेटिंग, 79% की सकारात्मक राय

सारांश

36 देशों में किए गए प्यू रिसर्च सर्वे में श्रीलंका ने भारत को 79% अनुकूल रेटिंग दी — वैश्विक औसत 45% से कहीं आगे। 2022 के आर्थिक संकट में भारत की $7.5 बिलियन से अधिक की सहायता और 25 जिलों में फैली विकास परियोजनाएँ इस बदलाव की बड़ी वजह मानी जा रही हैं।

मुख्य बातें

प्यू रिसर्च सेंटर के सर्वे में 36 देशों में श्रीलंका ने भारत को सर्वोच्च 79% अनुकूल रेटिंग दी।
2024 में यह रेटिंग 65% थी — एक वर्ष में 14 प्रतिशत अंकों का सुधार।
लगभग 63% श्रीलंकाई नागरिकों ने भारत को अपने देश का महत्वपूर्ण साझेदार माना; केवल 11% की राय नकारात्मक रही।
सर्वे में 42,000 से अधिक लोग शामिल; फरवरी–मई 2025 के बीच आयोजित; सर्वेक्षित देशों का औसत 45% रहा।
भारत ने 2022 के आर्थिक संकट के बाद श्रीलंका को $7.5 बिलियन से अधिक सहायता दी, जिसमें $850 मिलियन से अधिक अनुदान शामिल।
भारत की परियोजनाएँ श्रीलंका के सभी 25 जिलों में आवास, स्वास्थ्य, शिक्षा, रेलवे और ऊर्जा क्षेत्रों में सक्रिय।

प्यू रिसर्च सेंटर के नवीनतम वैश्विक सर्वेक्षण में श्रीलंका ने भारत को दुनिया के 36 देशों में सबसे ऊँची अनुकूल रेटिंग दी है — 79 प्रतिशत श्रीलंकाई नागरिकों ने भारत के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण व्यक्त किया। फरवरी से मई 2025 के बीच किए गए इस सर्वे में 42,000 से अधिक लोगों की राय शामिल की गई, और सर्वेक्षित देशों का औसत 45 प्रतिशत रहा।

सर्वे के प्रमुख आँकड़े

सर्वे के अनुसार, 79 प्रतिशत श्रीलंकाई नागरिकों ने भारत के बारे में अच्छी राय जताई, जबकि केवल 11 प्रतिशत ने नकारात्मक दृष्टिकोण रखा। इसके अलावा, लगभग 63 प्रतिशत श्रीलंकाई लोगों ने भारत को अपने देश के लिए एक महत्वपूर्ण साझेदार माना। उल्लेखनीय है कि 2024 में यह अनुकूल रेटिंग 65 प्रतिशत थी, जो अब बढ़कर 79 प्रतिशत हो गई है — यानी एक वर्ष में 14 प्रतिशत अंकों का उल्लेखनीय सुधार।

भारत की सहायता और द्विपक्षीय संबंध

यह सकारात्मक बदलाव ऐसे समय में आया है जब भारत-श्रीलंका संबंध कई मोर्चों पर मजबूत हुए हैं। 2022 में श्रीलंका को अपने इतिहास के सबसे गंभीर आर्थिक संकट और व्यापक सामाजिक अशांति का सामना करना पड़ा था। उस कठिन दौर में भारत ने 7.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक की क्रेडिट लाइन और वित्तीय सहायता प्रदान की, जिसे आलोचक और समर्थक दोनों ही द्विपक्षीय संबंधों के नए अध्याय के रूप में देखते हैं।

कोलंबो स्थित भारतीय उच्चायोग के अनुसार, इस सहायता में 850 मिलियन डॉलर से अधिक की अनुदान राशि शामिल है। ये परियोजनाएँ श्रीलंका के सभी 25 जिलों में फैली हुई हैं और आवास, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, रेलवे, ऊर्जा तथा आजीविका जैसे क्षेत्रों को कवर करती हैं।

सहायता की प्रकृति और पारदर्शिता

भारतीय उच्चायोग ने स्पष्ट किया है कि विकास सहायता परियोजनाएँ श्रीलंका सरकार और वहाँ के नागरिकों की तय की गई प्राथमिकताओं पर आधारित हैं। इन परियोजनाओं में स्थानीय सामग्री और स्थानीय जनशक्ति के उपयोग को प्राथमिकता दी गई है, जिससे श्रीलंका की स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी प्रत्यक्ष लाभ मिला है।

गौरतलब है कि यह सहायता केवल बुनियादी ढाँचे तक सीमित नहीं है — इसमें क्षमता निर्माण, मानव संसाधन विकास, कमज़ोर वर्गों का उत्थान, औद्योगिक विकास और परिवहन जैसे बहुआयामी पहलू भी शामिल हैं।

वैश्विक संदर्भ में भारत की छवि

सर्वे के अनुसार, 36 देशों के औसत में 45 प्रतिशत लोगों ने भारत के बारे में अनुकूल राय जताई। श्रीलंका की 79 प्रतिशत रेटिंग इस औसत से 34 प्रतिशत अंक अधिक है, जो इसे वैश्विक स्तर पर भारत का सबसे अनुकूल दृष्टिकोण रखने वाला देश बनाती है। यह सर्वे ऐसे समय में आया है जब भारत अपनी 'नेबरहुड फर्स्ट' नीति के तहत दक्षिण एशियाई देशों के साथ संबंध गहरे करने पर जोर दे रहा है।

आगे की राह

विशेषज्ञों के अनुसार, श्रीलंका में बढ़ती सकारात्मक धारणा भारत की सॉफ्ट पावर और विकास कूटनीति की सफलता का संकेत है। आने वाले वर्षों में दोनों देशों के बीच ऊर्जा, डिजिटल कनेक्टिविटी और व्यापार के क्षेत्र में सहयोग और गहरा होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

या संकट-काल की कृतज्ञता तक सीमित रहेगी। श्रीलंका के चीन के साथ भी गहरे आर्थिक संबंध हैं, और कोलंबो की 'संतुलन-नीति' को देखते हुए, भारत के लिए यह अनुकूल धारणा बनाए रखना उतना ही ज़रूरी होगा जितना इसे हासिल करना था।
RashtraPress
17 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्यू रिसर्च सर्वे में श्रीलंका ने भारत को कितनी रेटिंग दी?
प्यू रिसर्च सेंटर के 36-देश सर्वे में श्रीलंका ने भारत को 79% अनुकूल रेटिंग दी — जो सभी सर्वेक्षित देशों में सर्वोच्च है। सर्वेक्षित देशों का औसत 45% रहा, जबकि केवल 11% श्रीलंकाई नागरिकों ने भारत के प्रति नकारात्मक दृष्टिकोण व्यक्त किया।
यह सर्वे कब और कैसे किया गया?
यह सर्वे फरवरी से मई 2025 के बीच वाशिंगटन स्थित प्यू रिसर्च सेंटर द्वारा आयोजित किया गया। इसमें 36 देशों के 42,000 से अधिक लोगों को शामिल किया गया।
2024 की तुलना में श्रीलंका की भारत के प्रति धारणा में कितना बदलाव आया?
2024 में 65% श्रीलंकाई नागरिकों की भारत के बारे में अच्छी राय थी, जो 2025 में बढ़कर 79% हो गई — यानी एक वर्ष में 14 प्रतिशत अंकों का सुधार। यह वृद्धि उल्लेखनीय मानी जा रही है।
भारत ने श्रीलंका के आर्थिक संकट में क्या सहायता दी थी?
2022 में श्रीलंका के गंभीर आर्थिक संकट के दौरान भारत ने $7.5 बिलियन से अधिक की क्रेडिट लाइन और वित्तीय सहायता प्रदान की, जिसमें $850 मिलियन से अधिक अनुदान शामिल था। यह सहायता श्रीलंका के सभी 25 जिलों में आवास, स्वास्थ्य, शिक्षा, रेलवे और ऊर्जा परियोजनाओं में लगाई गई।
भारत-श्रीलंका विकास साझेदारी की क्या विशेषता है?
भारतीय उच्चायोग के अनुसार, ये परियोजनाएँ श्रीलंका सरकार और नागरिकों की प्राथमिकताओं पर आधारित हैं और स्थानीय सामग्री व जनशक्ति का उपयोग करती हैं। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी सीधा लाभ मिलता है और परियोजनाओं को व्यापक सराहना मिली है।
राष्ट्र प्रेस
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