ग्रीष्मकालीन दावोस 2026: ताल्येन में जारी हुई शीर्ष 10 उभरती प्रौद्योगिकियों की सूची, AI से आगे बढ़ा फोकस
सारांश
मुख्य बातें
चीन के ल्याओनिंग प्रांत के ताल्येन शहर में आयोजित 17वें ग्रीष्मकालीन दावोस फोरम में 'वर्ष 2026 की शीर्ष 10 उभरती प्रौद्योगिकियाँ' रिपोर्ट औपचारिक रूप से जारी की गई। 24 जून 2026 को प्रकाशित इस रिपोर्ट में इंटरनेट ऑफ एवरीथिंग (IoE) ग्रिड, प्रत्यक्ष लिथियम निष्कर्षण तकनीक और निष्क्रिय शीतलन सामग्री सहित दस प्रमुख तकनीकों को स्थान दिया गया है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस वर्ष की सूची सॉफ्टवेयर-केंद्रित कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से परे भौतिक और वास्तविक प्रणालियों की ओर तकनीकी विकास के स्पष्ट बदलाव को दर्शाती है।
रिपोर्ट में क्या शामिल है
रिपोर्ट के अनुसार, 2026 में तकनीकी प्रगति का केंद्र बिंदु केवल डिजिटल या सॉफ्टवेयर-आधारित AI तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह वास्तविक अर्थव्यवस्था से जुड़ी भौतिक प्रणालियों की ओर स्थानांतरित हो रहा है। सूची में शामिल प्रमुख तकनीकें ऊर्जा, पर्यावरण और सार्वजनिक स्वास्थ्य जैसी वैश्विक चुनौतियों के समाधान में सहायक मानी जा रही हैं। इनमें खनिज संसाधन विकास और खाद्य सुरक्षा से जुड़ी तकनीकें भी शामिल हैं, जो भौगोलिक और संसाधन संबंधी बाधाओं को कम करने में सक्षम बताई जा रही हैं।
विशेषज्ञों की राय
फ्रंटियर्स पब्लिशिंग के मुख्य कार्यकारी संपादक फैन मिंगसोंग ने कहा कि इस वर्ष सूचीबद्ध अधिकांश अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियाँ वास्तविक अर्थव्यवस्था से सीधे जुड़ी हैं। उन्होंने कहा, 'शीर्ष 10 उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में चीन का प्रदर्शन विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा है।' उनके अनुसार, यही इस वर्ष की तकनीकी प्रगति का सबसे बड़ा रुझान है।
विश्व आर्थिक मंच के कार्यकारी निदेशक ल्यांग चिनहुई ने बताया कि चीन में किसी नए विचार के विकास, परीक्षण और बड़े पैमाने पर उत्पादन तक पहुँचने की प्रक्रिया अन्य देशों की तुलना में बहुत तेज़ है। उन्होंने यह भी बताया कि इस वर्ष ताल्येन में आयोजित फोरम में भाग लेने वाली कंपनियों में लगभग 70 प्रतिशत विदेशी कंपनियाँ थीं, जो चीन की विनिर्माण क्षमता और नवाचार प्रणाली दोनों से सहयोग बढ़ाने की इच्छुक हैं।
चीन की भूमिका और वैश्विक संदर्भ
विशेषज्ञों का मानना है कि चीन का मज़बूत औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र नई प्रौद्योगिकियों को तेज़ी से व्यावहारिक रूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर AI के व्यावसायिक उपयोग और भौतिक बुनियादी ढाँचे में तकनीक के एकीकरण पर बहस तेज़ हो रही है। आलोचकों का कहना है कि तकनीकी नवाचार में चीन की बढ़ती भूमिका वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं और भू-राजनीतिक समीकरणों को नए सिरे से परिभाषित कर सकती है।
आगे की राह
रिपोर्ट में उल्लिखित प्रौद्योगिकियाँ अगले कुछ वर्षों में व्यावसायिक पैमाने पर तैनात होने की उम्मीद है। ग्रीष्मकालीन दावोस फोरम में विदेशी कंपनियों की बड़ी भागीदारी यह संकेत देती है कि वैश्विक उद्योग जगत इन उभरती तकनीकों को लेकर गंभीर है और चीन के साथ साझेदारी को प्राथमिकता दे रहा है।