17वां ग्रीष्मकालीन दावोस मंच ताल्येन में 23 जून से, 90 देशों के 1,700 से अधिक प्रतिनिधि होंगे शामिल
सारांश
मुख्य बातें
17वां ग्रीष्मकालीन दावोस मंच 23 से 25 जून तक पूर्वोत्तर चीन के ल्याओनिंग प्रांत के समुद्र तटीय शहर ताल्येन में आयोजित किया जाएगा। इस वैश्विक आर्थिक मंच में 90 से अधिक देशों और क्षेत्रों के 1,700 से अधिक प्रतिनिधि भाग लेंगे। आयोजकों के अनुसार, मंच की तैयारियाँ लगभग पूरी हो चुकी हैं।
मंच का मुख्य विषय और एजेंडा
इस वर्ष के ग्रीष्मकालीन दावोस मंच का केंद्रीय विषय 'नवाचार का विस्तार' रखा गया है। चर्चाओं में दो प्रमुख प्रश्नों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा — चीन की अर्थव्यवस्था के अगले विकास-चरण को कैसे समझा जाए, और वास्तविक आर्थिक लाभ उत्पन्न करने के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग कैसे किया जाए। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर आर्थिक पुनर्बहाली की गति असमान बनी हुई है।
प्रमुख क्षेत्रों पर होगा फोकस
राष्ट्रीय विकास एवं सुधार आयोग के अंतरराष्ट्रीय सहयोग विभाग के उप निदेशक काओ वेइछी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि मंच में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), नई ऊर्जा, जैव चिकित्सा और क्वांटम प्रौद्योगिकी जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों पर केंद्रित कार्यक्रम आयोजित होंगे। उनके अनुसार इसका उद्देश्य वैश्विक वैज्ञानिक एवं तकनीकी नवाचार सहयोग की एक नई तस्वीर प्रस्तुत करना है।
गौरतलब है कि मंच में चीन की '15वीं पंचवर्षीय योजना' की रूपरेखा की व्याख्या के लिए भी विशेष गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी। काओ वेइछी ने कहा, 'हमें उम्मीद है कि यह मंच अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने चीन के उच्च गुणवत्ता वाले आर्थिक विकास की उल्लेखनीय उपलब्धियों को प्रदर्शित करेगा, खुलेपन और सहयोग में चीन के दृढ़ विश्वास को व्यक्त करेगा और चीनी शैली के आधुनिकीकरण के व्यापक अवसरों को साझा करेगा।'
ताल्येन की भूमिका और औद्योगिक योगदान
ताल्येन के मेयर ली छ्यांग ने बताया कि शहर अपनी भौगोलिक स्थिति और औद्योगिक विशेषताओं का उपयोग करते हुए एक आधुनिक समुद्री शहर के निर्माण पर गहन विचार-विमर्श करेगा। उन्होंने कहा कि ऊर्जा और रसायन उद्योग से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित श्रृंखलाबद्ध गतिविधियाँ शुरू की जाएंगी और उच्च स्तरीय वैश्विक संसाधनों के साथ गहरे संबंध स्थापित किए जाएंगे।
मेयर ली छ्यांग ने कहा, 'इस मंच में वैश्विक नवाचार प्रवृत्तियों और औद्योगिक परिवर्तन की दिशा पर केंद्रित होगा, जिसका उद्देश्य वैश्विक आर्थिक बहाली और विकास को ज्ञान इकट्ठा करना और सशक्त बनाना है।'
आगे क्या
यह मंच 23 जून से शुरू होकर 25 जून तक चलेगा। वैश्विक व्यापार, प्रौद्योगिकी और आर्थिक नीति पर होने वाली इन चर्चाओं के निष्कर्ष अंतरराष्ट्रीय सहयोग की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।