प्रधानमंत्री सुशीला कार्की ने कतर के पीएम से नेपाली नागरिकों की सुरक्षा पर की चर्चा
सारांश
Key Takeaways
- सुशीला कार्की ने कतर के पीएम से नेपाली नागरिकों की सुरक्षा पर की चर्चा।
- कतर में लगभग 3,57,913 नेपाली नागरिक रह रहे हैं।
- ईरान के हमलों के कारण नागरिकों की सुरक्षा चिंता का विषय है।
काठमांडू, 5 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिका-ईरान संघर्ष के संदर्भ में कतर में निवास कर रहे नेपाली नागरिकों की सुरक्षा को लेकर नेपाल की अंतरिम प्रधानमंत्री सुशीला कार्की ने चिंता व्यक्त की। इस विषय पर प्रधानमंत्री सुशीला कार्की ने अपने कतर समकक्ष शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल-थानी के साथ बातचीत की।
नेपाल के विदेश मंत्रालय के अनुसार, लगभग 3,57,913 नेपाली नागरिक, जिनमें अधिकांश प्रवासी श्रमिक हैं, वर्तमान में कतर में निवास कर रहे हैं। कतर में नेपाली नागरिकों की संख्या संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और सऊदी अरब के बाद तीसरी सबसे बड़ी है।
कतर सहित क्षेत्र के 12 देशों में 17 लाख से अधिक नेपाली नागरिक रहते हैं। उनकी सुरक्षा इस समय चिंता का विषय है, क्योंकि अमेरिका और इजरायल के हमलों तथा ईरान की प्रतिक्रिया के कारण खाड़ी देशों में कई नागरिक सुविधाओं को नुकसान पहुँचने की रिपोर्ट आई है।
नेपाल के प्रधानमंत्री सचिवालय ने एक प्रेस वक्तव्य में कहा कि टेलीफोन कॉल के दौरान कार्की ने कतर सरकार का धन्यवाद किया कि उसने खाड़ी देश में रहने और काम करने वाले नेपाली नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की।
कार्की ने कहा, “यह जानकर मुझे खुशी हुई कि वे सुरक्षित हैं और उनकी अच्छी देखभाल की जा रही है।”
उन्होंने कहा कि क्षेत्र में तनाव बढ़ रहा है। ईरान के ड्रोन और मिसाइल हमलों के कारण कतर भी दबाव में है, विशेषकर अमेरिका की संपत्तियों को निशाना बनाते हुए। कतर में क्षेत्र का सबसे बड़ा अमेरिकी सैन्य अड्डा भी स्थित है।
प्रधानमंत्री कार्की ने कहा कि काठमांडू पश्चिम एशिया में बदलते हालात पर ध्यान दे रहा है और सभी पार्टियों से संयम बरतने, तनाव बढ़ने से रोकने और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की।
उन्होंने यह भी कहा कि सभी देशों को संयुक्त राष्ट्र चार्टर, अंतरराष्ट्रीय कानून, जिनेवा कन्वेंशन और मानवता के कानून का सम्मान करना चाहिए। युद्ध कभी भी शांति का विकल्प नहीं हो सकता और स्थायी शांति केवल संवाद और कूटनीति के माध्यम से ही संभव है।
बातचीत के दौरान कार्की ने कतर के साथ एकजुटता दिखाई और कतर के सॉवरेन इलाके, विशेषकर नॉन-मिलिट्री क्षेत्रों में हमलों पर चिंता व्यक्त की।
दोनों नेताओं ने आपसी संबंधों को मजबूत करने पर भी चर्चा की। कार्की ने विश्वास दिलाया कि नेपाल और कतर के बीच संबंध उच्च स्तरीय यात्राओं, आर्थिक और सांस्कृतिक सहयोग तथा मजबूत जन-संबंधों से और गहरे होंगे।
नेपाल के प्रधानमंत्री सचिवालय के अनुसार, अल-थानी ने दोनों देशों के मित्रतापूर्ण संबंधों की सराहना की। कतर के प्रधानमंत्री ने कतर में रहने वाले नेपाली नागरिकों के योगदान को स्वीकार किया और आश्वासन दिया कि वर्तमान परिस्थितियों में कतर के नागरिकों के बराबर सुरक्षा और संरक्षण प्रदान किया जाएगा।
अल-थानी ने क्षेत्र की वर्तमान स्थिति को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि कतर की कार्रवाइयां केवल उसकी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कतर हमेशा शांति का समर्थन करता है और ऐसी गतिविधियों का विरोध करता है।