स्विट्जरलैंड में जनसंख्या 10 मिलियन कैप पर जनमत संग्रह, EU संबंधों पर मंडरा रहा संकट
सारांश
मुख्य बातें
स्विट्जरलैंड में 14 जून 2026 को एक ऐतिहासिक जनमत संग्रह हुआ, जिसमें देश की जनसंख्या को 2050 तक 10 मिलियन (1 करोड़) तक सीमित रखने के संवैधानिक प्रस्ताव पर नागरिकों ने मतदान किया। इस प्रस्ताव को कई विश्लेषक ब्रिटेन के ब्रेक्सिट जनमत संग्रह से तुलना कर रहे हैं, क्योंकि इसके नतीजे स्विट्जरलैंड की अर्थव्यवस्था और यूरोपीय संघ (EU) के साथ संबंधों को गहराई से प्रभावित कर सकते हैं।
प्रस्ताव की पृष्ठभूमि
यह प्रस्ताव दक्षिणपंथी स्विस पीपुल्स पार्टी (SVP) ने पेश किया है। इसके तहत संविधान में संशोधन कर यह अनिवार्य किया जाएगा कि 2050 तक स्विट्जरलैंड की जनसंख्या 10 मिलियन की सीमा न लाँघे। सरकारी अनुमानों के अनुसार, देश की जनसंख्या 2040 के शुरुआती वर्षों तक ही इस स्तर तक पहुँच सकती है। वर्तमान में स्विट्जरलैंड की जनसंख्या 9 मिलियन से अधिक है।
यह पहल यूरोप में बढ़ते उस राजनीतिक रुझान का हिस्सा है, जिसमें दक्षिणपंथी दल आव्रजन पर कड़े नियंत्रण की माँग कर रहे हैं। प्रस्ताव के समर्थकों का तर्क है कि बढ़ती आव्रजन से सार्वजनिक सेवाओं पर दबाव, आवास संकट, जीवन-यापन की बढ़ती लागत और अपराध में वृद्धि जैसी समस्याएँ उत्पन्न हो रही हैं।
EU संबंधों पर संभावित असर
यदि यह प्रस्ताव पारित होता है, तो 10 मिलियन की जनसंख्या सीमा पार होने पर एक ऐसी संवैधानिक प्रक्रिया शुरू हो सकती है जो स्विट्जरलैंड को EU के साथ अपने मुक्त श्रम समझौते को समाप्त करने पर मजबूर कर सकती है। गौरतलब है कि EU के कई सदस्य देश स्विट्जरलैंड की कार्यबल का बड़ा हिस्सा उपलब्ध कराते हैं, और इस समझौते के टूटने से देश की निर्यात-आधारित अर्थव्यवस्था को गंभीर झटका लग सकता है।
सरकार और संसद का रुख
स्विट्जरलैंड की सरकार और संसद दोनों ने इस प्रस्ताव को देश की निर्यात-आधारित अर्थव्यवस्था के लिए खतरनाक बताते हुए इसे अस्वीकार करने की अपील की है। उनका कहना है कि इस तरह की जनसंख्या सीमा आर्थिक विकास और श्रम बाज़ार की ज़रूरतों के लिए नुकसानदेह साबित होगी।
जनमत और सर्वेक्षण
सर्वेक्षणों के अनुसार जनता की राय काफी विभाजित रही। हालिया सर्वे में प्रस्ताव के खिलाफ रुझान बढ़ता दिखा, जबकि पहले के सर्वे में इसके पास होने की संभावना जताई गई थी। मतदान के नतीजे रविवार को ही आने शुरू हो गए।
स्विट्जरलैंड की प्रत्यक्ष लोकतंत्र प्रणाली
स्विट्जरलैंड की प्रत्यक्ष लोकतंत्र प्रणाली के तहत नागरिक साल में चार बार राष्ट्रीय मुद्दों पर मतदान करते हैं। किसी भी प्रस्ताव को पारित होने के लिए न केवल जनता का बहुमत, बल्कि देश के कैंटनों (प्रांतों) का भी बहुमत आवश्यक होता है। यह प्रणाली स्विट्जरलैंड को दुनिया की सबसे सक्रिय प्रत्यक्ष लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं में से एक बनाती है। इस जनमत संग्रह का परिणाम न केवल स्विट्जरलैंड, बल्कि पूरे यूरोप में आव्रजन नीति की दिशा पर असर डाल सकता है।