स्वीडन की जन्मदर 1749 के बाद सबसे निचले स्तर पर, PM क्रिस्टर्सन ने मुफ्त IVF विस्तार को चुनावी वादा बनाया
सारांश
मुख्य बातें
स्वीडन की प्रजनन दर 2025 में गिरकर 1.42 पर आ गई — यह 1749 में आधिकारिक रिकॉर्ड रखे जाने के बाद से देश का सबसे निचला स्तर है। इस चिंताजनक आँकड़े के बीच स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन ने ऐलान किया है कि यदि उनकी मॉडरेट पार्टी सितंबर के आम चुनाव में सत्ता में बनी रही, तो सरकार दूसरे और अतिरिक्त बच्चों के लिए भी राज्य-वित्तपोषित आईवीएफ (इन विट्रो फर्टिलाइजेशन) का खर्च उठाएगी। यह घोषणा उन्होंने एक हालिया पॉडकास्ट साक्षात्कार में की, जिसकी जानकारी ब्रिटिश अखबार द गार्डियन ने दी।
मौजूदा कानून में क्या बदला
स्वीडिश सरकार ने हाल ही में एक नई नीति के तहत पहली बार माता-पिता बनने की इच्छा रखने वाले लोगों के लिए राज्य-वित्तपोषित आईवीएफ प्रयासों की संख्या तीन से बढ़ाकर छह कर दी है। नए कानून के अनुसार, पहली संतान के लिए छह बार मुफ्त आईवीएफ की सुविधा उपलब्ध है। हालाँकि, दूसरे या अतिरिक्त बच्चों के लिए यह सरकारी सहायता अभी भी उपलब्ध नहीं है — और यही वह अंतर है जिसे क्रिस्टर्सन चुनावी वादे के ज़रिए पाटना चाहते हैं।
प्रधानमंत्री क्रिस्टर्सन ने क्या कहा
पॉडकास्ट में क्रिस्टर्सन ने कहा, 'यह ऐसा स्तर है जो हमने स्वीडन में पहले कभी नहीं देखा। इससे मुझे सोचने पर मजबूर होना पड़ा। हो सकता है कि बहुत से लोग बच्चे नहीं चाहते हों, लेकिन मुझे पूरा विश्वास है कि काफी लोग ऐसे भी हैं जो वास्तव में बच्चे चाहते हैं लेकिन उन्हें हासिल नहीं कर पा रहे हैं।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह 'यह तय करने में बिल्कुल दखल नहीं देना चाहते कि हर परिवार में कितने बच्चे होने चाहिए,' क्योंकि यह 'बहुत निजी मामला' है।
दूसरे बच्चे के लिए आईवीएफ सहायता के वादे को उन्होंने यह कहते हुए उचित ठहराया: 'एक बच्चा होना गलत नहीं है, लेकिन बहुत से लोग जो एक बच्चा रखते हैं, वे चाहते हैं कि उसका एक भाई या बहन भी हो।'
आईवीएफ की लागत और सरकारी बोझ
आँकड़ों के अनुसार, एक बार के आईवीएफ प्रयास की लागत लगभग 50,000 स्वीडिश क्रोनर (करीब 3,975 पाउंड) है। यदि सरकार दूसरे बच्चे के लिए भी छह प्रयासों तक सहायता देने का वादा पूरा करती है, तो सार्वजनिक स्वास्थ्य बजट पर इसका उल्लेखनीय प्रभाव पड़ सकता है। गौरतलब है कि क्रिस्टर्सन की अल्पमत गठबंधन सरकार को दक्षिणपंथी स्वीडन डेमोक्रेट्स का समर्थन प्राप्त है, जो इस नीति के क्रियान्वयन में एक राजनीतिक चर बना रहेगा।
व्यापक संदर्भ: यूरोप में जनसांख्यिकीय संकट
यह ऐसे समय में आया है जब पूरे यूरोप में गिरती जन्मदर एक साझा चुनौती बन चुकी है। स्वीडन की तरह पड़ोसी देश नॉर्वे ने भी जन्मदर में गिरावट को पलटने के तरीकों पर एक सरकारी अध्ययन शुरू कराया है। स्वीडिश सरकार ने चेतावनी दी है कि यदि यही रुझान जारी रहा, तो हर नई पीढ़ी अपने माता-पिता की पीढ़ी से लगभग एक-तिहाई छोटी हो जाएगी — जिसके पेंशन प्रणाली, श्रमबल और सामाजिक सेवाओं पर दूरगामी परिणाम होंगे। उल्लेखनीय है कि स्वीडन खुशहाल देशों की वैश्विक सूची में चौथे स्थान पर है, फिर भी जनसांख्यिकीय दबाव उसकी दीर्घकालिक समृद्धि के लिए एक गंभीर प्रश्नचिह्न बन गया है।
आगे क्या होगा
सितंबर 2026 में होने वाले स्वीडिश आम चुनाव में आईवीएफ नीति एक केंद्रीय मुद्दा बनने की ओर अग्रसर है। यदि मॉडरेट पार्टी सत्ता में लौटती है, तो दूसरे बच्चे के लिए राज्य-वित्तपोषित आईवीएफ का विस्तार कानूनी रूप लेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि अकेले आईवीएफ विस्तार से जन्मदर में उल्लेखनीय सुधार की उम्मीद सीमित है, और इसके साथ आवास, शिशु देखभाल और कार्य-जीवन संतुलन जैसी नीतियाँ भी ज़रूरी होंगी।