सिख आबादी में गिरावट पर BJP नेता जगमोहन राजू ने CM भगवंत मान को लिखा पत्र, तीसरे-चौथे बच्चे पर प्रोत्साहन राशि का सुझाव
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता और पूर्व आईएएस अधिकारी जगमोहन राजू ने 18 मई 2026 को पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को एक औपचारिक पत्र लिखकर सिख समुदाय की लगातार घटती जनसंख्या पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने राज्य सरकार से अनुरोध किया है कि वह तीसरे बच्चे के जन्म पर ₹30,000 और चौथे बच्चे के जन्म पर ₹40,000 की प्रोत्साहन राशि देने की नीति पर विचार करे।
जनसांख्यिकीय गिरावट की तस्वीर
जगमोहन राजू ने अपने पत्र में राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS) के आँकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि देश के प्रमुख समुदायों में सिखों का फर्टिलिटी रेट सबसे कम है। उनके अनुसार, पंजाब की कुल जनसंख्या में सिखों की हिस्सेदारी 1991 में 62.95 प्रतिशत थी, जो 2011 की जनगणना में घटकर 57.69 प्रतिशत रह गई। राजू ने चेतावनी दी कि यह प्रवृत्ति अभी भी जारी है।
उन्होंने कहा कि सिख समुदाय भारत में संवैधानिक रूप से मान्यता प्राप्त अल्पसंख्यक है और यह जनसांख्यिकीय गिरावट पंजाब में सिख समुदाय के सामाजिक व सांस्कृतिक भविष्य के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
आंध्र प्रदेश मॉडल का संदर्भ
जगमोहन राजू ने अपने सुझाव को आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू की हालिया घोषणा से जोड़ा, जिसके तहत राज्य में घटती जन्म दर और जनसांख्यिकीय असंतुलन को देखते हुए तीसरे बच्चे पर ₹30,000 और चौथे बच्चे पर ₹40,000 की प्रोत्साहन राशि देने की नीति लागू की गई है। राजू ने पंजाब सरकार से इसी मॉडल को अपनाने की अपील की है।
सिख समुदाय के योगदान का उल्लेख
राजू ने अपने पत्र में यह भी रेखांकित किया कि सिख समुदाय ने भारत की स्वतंत्रता, रक्षा, कृषि और राष्ट्रीय विकास में ऐतिहासिक योगदान दिया है। उनका तर्क है कि ऐसे देशभक्त समुदाय की सामाजिक, सांस्कृतिक और जनसांख्यिकीय शक्ति को बनाए रखना राष्ट्रीय हित में है।
सरकार से अपेक्षाएँ
राजू ने अपने पत्र के अंत में विश्वास जताया कि पंजाब सरकार इस मसले को गंभीरता से लेगी। यह पत्र ऐसे समय में आया है जब देश के कई राज्य जनसांख्यिकीय असंतुलन से जूझ रहे हैं और जनसंख्या नीति को लेकर राष्ट्रीय बहस तेज हो रही है। आगे यह देखना होगा कि आम आदमी पार्टी (AAP) की भगवंत मान सरकार इस प्रस्ताव पर क्या रुख अपनाती है।