थाईलैंड स्कूल गोलीबारी: मृतकों की संख्या बढ़कर 9, क्लासमेट का दावा — 'बुलिंग का शिकार नहीं था हमलावर छात्र'
सारांश
मुख्य बातें
थाईलैंड के नोनथाबुरी प्रांत स्थित डेब्सिरिन नोनथाबुरी स्कूल में हुई भीषण गोलीबारी में मृतकों की संख्या बढ़कर नौ हो गई है। पुलिस के अनुसार, हमले में गंभीर रूप से घायल हुई एक 12 वर्षीय बच्ची ने 9 अगस्त, शनिवार को अस्पताल में दम तोड़ दिया। यह हमला 7 अगस्त, शुक्रवार को 14 वर्षीय एक छात्र ने अंजाम दिया था, जिसने पहले अपने घर में दादा-दादी की हत्या की और फिर स्कूल पहुँचकर शिक्षकों व कर्मचारियों पर गोलियाँ चलाईं।
हमले का पूरा घटनाक्रम
पुलिस के मुताबिक, 14 वर्षीय हमलावर छात्र ने 7 अगस्त की सुबह स्कूल पहुँचने से पहले अपने घर में दादा-दादी की गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद वह सामान्य रूप से स्कूल पहुँचा, असेंबली में शामिल हुआ और फिर दूसरे पीरियड — गणित की कक्षा के दौरान अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। हमले के बाद उसने खुद को भी गोली मार ली। हमले में इस्तेमाल बंदूक उसके दादा के नाम पर पंजीकृत थी और घटनास्थल से बड़ी संख्या में कारतूस बरामद किए गए।
क्लासमेट और परिजनों की गवाही
हमले के बाद यह अटकलें तेज़ हो गईं कि हमलावर छात्र स्कूल में बुलिंग (धमकाने) का शिकार था। हालाँकि उसके एक क्लासमेट ने बैंकॉक पोस्ट को दिए बयान में इससे स्पष्ट रूप से इनकार किया। क्लासमेट के अनुसार, वह पढ़ाई में बेहद होशियार था और दोस्तों के बीच कभी कोई संदिग्ध व्यवहार नहीं किया। किसी ने उसे कभी नहीं धमकाया।
क्लासमेट ने यह भी बताया कि हमलावर छात्र थाई भाषा के विषय में कुछ संघर्ष कर रहा था और उस विषय का होमवर्क उसे पसंद नहीं था — उसे उस विषय में शून्य ग्रेड भी मिले थे। उसके एक रिश्तेदार ने बताया कि वह स्कूल से सीधे घर आता था, दादा-दादी को कभी परेशान नहीं करता था और छुट्टियों में भी अपने कमरे में कंप्यूटर पर समय बिताता था — हालाँकि वह किस तरह के गेम खेलता था, इसकी जानकारी उन्हें नहीं थी।
हताहतों की स्थिति
हमले में 30 से अधिक लोग घायल हुए थे। इनमें से 14 लोग अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं और सात की हालत गंभीर बताई गई है। मृतकों में स्कूल के शिक्षक और कर्मचारी भी शामिल हैं। जाँच जारी है और पुलिस ने हमलावर के माता-पिता से भी पूछताछ की है।
थाईलैंड में बंदूक नियंत्रण पर बहस
इस घटना के बाद थाईलैंड में एक बार फिर बंदूक नियंत्रण और स्कूल सुरक्षा को लेकर तीखी बहस छिड़ गई है। प्रधानमंत्री अनुतिन चार्नवीराकुल ने हथियारों से जुड़े कानूनों को और सख्त बनाने की बात कही है। यह घटना थाईलैंड में हाल के वर्षों की सबसे गंभीर सामूहिक गोलीबारी की घटनाओं में शामिल है। गौरतलब है कि 2022 में नोंग बुआ लाम्फू में हुए एक हमले में 37 लोगों की मौत हुई थी — वह त्रासदी भी देश में हथियार नीति पर सवाल उठा गई थी, लेकिन ठोस बदलाव सीमित रहे।
आगे क्या होगा
पुलिस हमले के पीछे के असली मकसद की जाँच जारी रखे हुए है। थाईलैंड सरकार पर दबाव है कि वह स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्था को मज़बूत करे और अवयस्कों तक हथियारों की पहुँच रोकने के लिए कड़े कदम उठाए। इस मामले ने पूरे दक्षिण-पूर्व एशिया में स्कूल हिंसा और मानसिक स्वास्थ्य की अनदेखी पर गंभीर चर्चा को जन्म दिया है।