पश्चिमी तुर्की के स्कूल के बाहर गोलीबारी: 11 छात्र घायल, नाबालिग हमलावर हिरासत में
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिमी तुर्की के मनिसा प्रांत में 22 सितंबर 2026 को एक वोकेशनल हाई स्कूल के बाहर सड़क पर हुई गोलीबारी में 11 छात्र घायल हो गए, जिनमें से 2 की हालत गंभीर बताई जा रही है। तुर्की के न्याय मंत्री अकिन गुरलेक ने पुष्टि की कि पुलिस ने नाबालिग हमलावर को उसके माता-पिता के साथ हिरासत में ले लिया है।
मुख्य घटनाक्रम
मंगलवार को दोपहर के समय मनिसा प्रांत के एक वोकेशनल हाई स्कूल के ठीक बाहर सड़क पर एक अज्ञात हमलावर ने अंधाधुंध गोलियाँ चलाईं। कई मीडिया संस्थानों द्वारा जारी सीसीटीवी फुटेज में हमलावर को काली जींस, काली जैकेट और हरे रंग का टॉप पहने हाथ में राइफल जैसा हथियार लिए चलते देखा जा सकता है।
एक अन्य छायाचित्र में संदिग्ध को हाथ में बंदूक लिए भागते हुए भी दिखाया गया। स्कूल परिसर के बाहर के फुटेज में पुलिस को सफेद शर्ट पहने एक व्यक्ति को जमीन पर गिराकर हिरासत में लेते देखा जा सकता है। इस दौरान आसपास खड़े लोग अपने मोबाइल फोन से घटना रिकॉर्ड करते रहे।
सरकार की प्रतिक्रिया
न्याय मंत्री अकिन गुरलेक ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि नाबालिग हमलावर को उसके माता-पिता के साथ हिरासत में ले लिया गया है। मनिसा प्रांत के गवर्नर कार्यालय ने बताया कि अधिकारियों ने मामले की जाँच तत्काल शुरू कर दी है।
पृष्ठभूमि: तुर्की में बढ़ती स्कूल गोलीबारी की घटनाएँ
यह घटना तुर्की में इस साल की तीसरी बड़ी स्कूल गोलीबारी है। गौरतलब है कि इससे पहले अप्रैल 2026 में लगातार दो दिनों में दो बड़े हमले हो चुके थे।
दक्षिणी प्रांत कहरामनमारस के एक स्कूल में 14 वर्षीय हमलावर ने गोलीबारी की थी, जिसमें एक शिक्षक और 10-11 वर्ष की आयु के 9 छात्रों की मौत हो गई थी। हमलावर की मौत घटनास्थल पर ही हो गई थी। उससे ठीक एक दिन पहले दक्षिण-पूर्वी प्रांत सानलिउर्फा में एक किशोर ने अपने पुराने स्कूल में गोलीबारी कर 16 लोगों को घायल किया था और पुलिस का सामना होने पर आत्महत्या कर ली थी।
राजनीतिक कदम और बंदूक नीति
अप्रैल के दोहरे हमलों के बाद राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन ने शिक्षा उप-मंत्री को बर्खास्त कर दिया था और वादा किया था कि उनकी सरकार बंदूक रखने के नियमों को और सख्त करेगी। हालाँकि, आलोचकों का कहना है कि मंगलवार की यह घटना साबित करती है कि वे उपाय अभी पर्याप्त नहीं रहे हैं।
क्या होगा आगे
मनिसा प्रांत में जाँच जारी है और नाबालिग हमलावर से पूछताछ की जा रही है। यह घटना तुर्की में स्कूल सुरक्षा और किशोर हिंसा पर नई बहस छेड़ने की आशंका पैदा करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि बंदूक नीति में ठोस बदलाव के बिना ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना कठिन होगा।