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ट्रंप का लीक जांच बचाव: 'पत्रकार नहीं, देशद्रोही निशाने पर' — पर सोर्स पूछने से इनकार नहीं

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ट्रंप का लीक जांच बचाव: 'पत्रकार नहीं, देशद्रोही निशाने पर' — पर सोर्स पूछने से इनकार नहीं

सारांश

ट्रंप ने व्हाइट हाउस में साफ कहा — लीक करने वाले 'देशद्रोही' हैं, पत्रकार नहीं। लेकिन साथ ही यह भी माना कि राष्ट्रीय सुरक्षा मामलों में पत्रकारों से गोपनीय सोर्स पूछना 'बिल्कुल ठीक' है। न्यूयॉर्क टाइम्स के समन वापसी के बाद यह बयान प्रेस स्वतंत्रता की बहस को नई धार दे रहा है।

मुख्य बातें

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 25 जुलाई को कहा कि उनकी सरकार पत्रकारों नहीं, लीक करने वाले अधिकारियों को 'देशद्रोही' मानकर उनके पीछे है।
न्याय विभाग ने एयर फोर्स वन रिपोर्टिंग मामले में न्यूयॉर्क टाइम्स के पत्रकारों को जारी समन वापस लिए।
ट्रंप ने माना कि राष्ट्रीय सुरक्षा मामलों में पत्रकारों से गोपनीय सोर्स की जानकारी माँगना 'बिल्कुल ठीक' है।
पत्रकारों के परिवार को समन भेजने के सवाल पर ट्रंप ने सीधा जवाब नहीं दिया, केवल 'कानूनी तरीकों' का बचाव किया।
ट्रंप ने पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा का हवाला देते हुए कहा कि पिछली सरकारें भी लीक जांच में पत्रकारों को घेरती रही हैं।
डॉब्स केस में सुप्रीम कोर्ट की मसौदा राय लीक के जिम्मेदार व्यक्ति की पहचान न होने पर ट्रंप ने चिंता जताई।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 25 जुलाई 2026 को व्हाइट हाउस में स्पष्ट किया कि उनकी सरकार गुप्त या संवेदनशील सरकारी जानकारी लीक करने वाले अधिकारियों की पहचान के लिए कानूनी उपायों का सहारा लेने का पूरा अधिकार रखती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि निशाना पत्रकारों पर नहीं, बल्कि उन 'कायर और कई मामलों में देशद्रोही' अधिकारियों पर है जो अनधिकृत रूप से जानकारी साझा करते हैं।

मुख्य घटनाक्रम

यह बयान उस पृष्ठभूमि में आया जब रिपोर्टें सामने आईं कि न्याय विभाग (डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस) ने एयर फोर्स वन से जुड़ी रिपोर्टिंग के संदर्भ में न्यूयॉर्क टाइम्स के पत्रकारों को जारी समन वापस ले लिए। ट्रंप ने इस पर कहा, "हम पत्रकारों नहीं, जानकारी लीक करने वालों के पीछे हैं। हम उन लोगों के पीछे हैं जो कायर हैं और कई मामलों में देशद्रोही हैं।"

व्हाइट हाउस में नागरिक परमाणु ऊर्जा पहल पर आयोजित कार्यक्रम के बाद एक लंबे प्रश्नोत्तर सत्र में उन्होंने ईरान, सऊदी अरब, टैरिफ, ऊर्जा नीति और घरेलू राजनीतिक मुद्दों पर भी जवाब दिए।

पत्रकारों से सोर्स पूछने पर ट्रंप का रुख

राष्ट्रपति ने माना कि लीक की जड़ तक पहुँचने के लिए कभी-कभी उन पत्रकारों से पूछताछ करनी पड़ सकती है जिन्हें सूचना मिली। उन्होंने कहा, "आप पत्रकारों से पूछकर पता लगा सकते हैं — अगर यह राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला है, तो आपको यह जानकारी किसने दी? मुझे लगता है कि यह बिल्कुल ठीक है।"

जब उनसे पूछा गया कि क्या लीक जांच के दौरान पत्रकारों के परिवार वालों को समन भेजना उचित है, तो ट्रंप ने सीधा जवाब देने से परहेज किया और कहा, "मुझे नहीं पता कि क्या सही है, क्या नहीं। हम इसे कानूनी तौर पर करते हैं।"

ओबामा से तुलना और राजनीतिक बचाव

ट्रंप ने बार-बार पूर्व राष्ट्रपति बराक हुसैन ओबामा का हवाला देते हुए दावा किया कि पिछली सरकारें भी लीक जांच में पत्रकारों को घेरती रही हैं। उन्होंने कहा, "बराक हुसैन ओबामा हमेशा ऐसा करते थे। उन्होंने ऐसा कई बार किया और किसी ने इस बारे में कुछ नहीं कहा। जब कोई रिपब्लिकन ऐसा करता है, खासकर मैं, तो हर कोई इसे बड़ी बात बना देता है।"

उन्होंने डॉब्स केस में सुप्रीम कोर्ट की मसौदा राय के लीक होने का भी उल्लेख किया, जिसने रो बनाम वेड को पलट दिया था, और कहा कि उस लीक के लिए जिम्मेदार व्यक्ति की पहचान होनी चाहिए थी।

प्रेस स्वतंत्रता बनाम राष्ट्रीय सुरक्षा: व्यापक संदर्भ

गोपनीय स्रोतों को लेकर अमेरिकी सरकार और मीडिया के बीच तनाव कोई नई बात नहीं है। दोनों प्रमुख दलों की सरकारें वर्गीकृत सूचनाओं के अनधिकृत खुलासे की जांच कराती रही हैं, जबकि समाचार संगठनों का तर्क है कि खोजी पत्रकारिता और प्रेस की स्वतंत्रता के लिए गोपनीय स्रोतों की पहचान सुरक्षित रखना अनिवार्य है।

गौरतलब है कि अमेरिकी संघीय कानून पत्रकारों को समन से पूर्ण सुरक्षा प्रदान नहीं करता, हालांकि न्याय विभाग की नीतियाँ समय-समय पर बदलती रही हैं।

आगे क्या

ट्रंप प्रशासन का यह रुख प्रेस स्वतंत्रता संगठनों और विपक्षी नेताओं की आलोचना को और तेज कर सकता है। न्याय विभाग की लीक जांच नीति की दिशा पर सभी की नज़र बनी रहेगी, खासकर तब जब राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में पत्रकारों से सोर्स पूछने की संभावना को राष्ट्रपति ने खुलेआम उचित ठहराया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह उस व्यापक प्रवृत्ति को नहीं ढकता जिसमें प्रेस स्वतंत्रता संगठन पहले से ही ट्रंप प्रशासन को अधिक आक्रामक मानते हैं। असली सवाल यह है कि 'राष्ट्रीय सुरक्षा' की परिभाषा कितनी चौड़ी है — और क्या यह लचीलापन खोजी पत्रकारिता को व्यवस्थित रूप से हतोत्साहित करने का औजार बन सकता है।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ट्रंप ने लीक जांच पर क्या कहा?
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि उनकी सरकार पत्रकारों नहीं, बल्कि गुप्त जानकारी लीक करने वाले सरकारी अधिकारियों को निशाना बना रही है। उन्होंने इन अधिकारियों को 'कायर और कई मामलों में देशद्रोही' कहा।
न्यूयॉर्क टाइम्स के पत्रकारों को जारी समन क्यों वापस लिए गए?
न्याय विभाग ने एयर फोर्स वन से जुड़ी रिपोर्टिंग के सिलसिले में न्यूयॉर्क टाइम्स के पत्रकारों को जारी समन वापस ले लिए। इस फैसले की पूरी वजह सार्वजनिक नहीं की गई है।
क्या ट्रंप पत्रकारों से उनके गोपनीय सोर्स का नाम पूछ सकते हैं?
ट्रंप ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में पत्रकारों से सोर्स की पहचान माँगना 'बिल्कुल ठीक' है। अमेरिकी संघीय कानून पत्रकारों को समन से पूर्ण सुरक्षा नहीं देता, हालांकि न्याय विभाग की नीतियाँ समय-समय पर बदलती रही हैं।
ट्रंप ने ओबामा से तुलना क्यों की?
ट्रंप ने दावा किया कि पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा भी लीक जांच में पत्रकारों को घेरते थे, लेकिन तब कोई आलोचना नहीं हुई। उनका तर्क था कि रिपब्लिकन होने के कारण उन पर दोहरा मापदंड लागू किया जाता है।
डॉब्स केस लीक का ट्रंप के बयान से क्या संबंध है?
ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट के डॉब्स केस में रो बनाम वेड को पलटने वाली मसौदा राय के लीक होने का उल्लेख किया और कहा कि उस लीक के जिम्मेदार व्यक्ति की पहचान होनी चाहिए थी। यह उनके व्यापक तर्क का हिस्सा था कि संवेदनशील जानकारी लीक करने वालों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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