ट्रंप का ऐलान: ईरान को प्रतिबंध राहत अमेरिकी कृषि उत्पाद खरीद से होगी शर्त, परमाणु हथियार पर 'नो'
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 23 जून को स्पष्ट किया कि ईरान को प्रतिबंधों में दी जाने वाली कोई भी राहत सीधे तौर पर अमेरिकी कृषि उत्पादों — जैसे मक्का और सोयाबीन — की खरीद से जोड़ी जाएगी। साथ ही उन्होंने दृढ़ता से कहा कि चल रही वार्ता के तहत तेहरान को कभी भी परमाणु हथियार विकसित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
वार्ता की पृष्ठभूमि और ताज़ा स्थिति
क्वांटम टेक्नोलॉजी पर एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर हस्ताक्षर करने के तुरंत बाद ट्रंप ने ईरान के साथ जारी बातचीत का विवरण साझा किया। उन्होंने इस वार्ता को 'प्रोडक्टिव' बताया और कहा कि होर्मुज स्ट्रेट से शिपिंग सामान्य स्तर पर लौट आई है। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के नेतृत्व में एक अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल स्विट्जरलैंड में ईरानी अधिकारियों के साथ बातचीत कर रहा है, जिसमें ईरान के परमाणु कार्यक्रम, होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय विवादों के समाधान पर ध्यान केंद्रित है।
कृषि खरीद की शर्त: ट्रंप का बड़ा दांव
ट्रंप ने कहा, 'एक चीज जो हम कर रहे हैं — जो बात कल रात सामने आई — वह यह है कि जो पैसा फ्रीज नहीं हो रहा है, उसका इस्तेमाल खाना खरीदने में किया जाएगा। और खाना सिर्फ अमेरिका के ज़रिए हमारे किसानों से खरीदा जाएगा। मक्का, सोयाबीन, उनकी ज़रूरत की सभी चीजें हमारे किसानों से खरीदी जाएंगी।' इस शर्त को विश्लेषक अमेरिकी कृषि लॉबी को लाभ पहुँचाने की रणनीति के रूप में देख रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी किसान वैश्विक व्यापार तनावों के बीच नए बाज़ारों की तलाश में हैं।
परमाणु हथियार पर कड़ा रुख
ट्रंप ने दोटूक कहा, 'हमारा स्ट्रेट खुला है और हमारे पास एक ऐसा देश है जिसके पास कभी परमाणु हथियार नहीं होगा।' प्रतिबंध राहत से ईरान की सैन्य क्षमता बढ़ने की आशंका पर उन्होंने कहा कि यह तय हुआ था कि फ्रीज न किए गए धन का उपयोग मानवीय कार्यों — विशेषकर खाद्य खरीद — के लिए किया जाएगा। उन्होंने कहा, 'उन्हें अपने लोगों के लिए खाना खरीदने के लिए पैसे का इस्तेमाल करना चाहिए, क्योंकि अभी उनके लोग बहुत भूखे हैं।'
होर्मुज स्ट्रेट और ईरान की सैन्य स्थिति पर दावे
ट्रंप ने दावा किया कि हाल के तनाव के बाद होर्मुज स्ट्रेट से ऊर्जा शिपमेंट में जबरदस्त उछाल आया है। उनके अनुसार, 'कल हमने स्ट्रेट से जितना तेल लिया, उतना पहले कभी नहीं गया।' उन्होंने यह भी दावा किया कि हाल के सैन्य अभियानों ने ईरान की सैन्य क्षमता को काफी कमज़ोर कर दिया है — हालांकि इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
वेंस की भूमिका और आगे की राह
उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की स्विट्जरलैंड में भूमिका की सराहना करते हुए ट्रंप ने कहा, 'मुझे लगता है कि वे बहुत बढ़िया काम कर रहे हैं। वह बहुत स्मार्ट आदमी हैं।' किसी विशेष प्रवर्तन तंत्र का विवरण देने से इनकार करते हुए ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर ईरान किसी भी समझौते का उल्लंघन करता है तो अमेरिका जवाब देगा। उन्होंने कहा, 'मुझे जो करना होगा, मैं करूंगा।' गौरतलब है कि यह वार्ता उस दौर में हो रही है जब ईरान-अमेरिका संबंध दशकों से तनावपूर्ण रहे हैं और कोई भी संभावित समझौता वैश्विक ऊर्जा बाज़ारों और क्षेत्रीय भू-राजनीति को गहराई से प्रभावित कर सकता है।