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ट्रंप का दावा: अमेरिका 'गोल्डन एज' में, तेल कीमतें गिरीं, शेयर बाजार नई ऊंचाई पर

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ट्रंप का दावा: अमेरिका 'गोल्डन एज' में, तेल कीमतें गिरीं, शेयर बाजार नई ऊंचाई पर

सारांश

ट्रंप ने नॉर्थ डकोटा में थियोडोर रूजवेल्ट लाइब्रेरी उद्घाटन के मंच से अमेरिका को 'गोल्डन एज' में घोषित किया — गिरती तेल कीमतें, रिकॉर्ड शेयर बाजार और ऐतिहासिक रोजगार को श्रेय देते हुए। बाइडेन पर महंगाई का ठीकरा फोड़ा।

मुख्य बातें

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नॉर्थ डकोटा के मेडोरा में दावा किया कि अमेरिका 'गोल्डन एज' में प्रवेश कर चुका है।
ट्रंप के अनुसार तेल की कीमतें ऐतिहासिक रफ्तार से गिर रही हैं और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से जहाजों की आवाजाही रिकॉर्ड स्तर पर है।
उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी शेयर बाजार हर दिन नया रिकॉर्ड बना रहा है और रोजगार इतिहास के किसी भी दौर से अधिक है।
पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन पर महंगाई की विरासत का आरोप लगाया, कहा — अब कीमतें नीचे आ रही हैं।
यह भाषण थियोडोर रूजवेल्ट प्रेसिडेंशियल लाइब्रेरी के उद्घाटन समारोह में दिया गया।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका अब अपने 'गोल्डन एज' (स्वर्णिम दौर) में प्रवेश कर चुका है। उनके अनुसार, तेल की कीमतों में लगातार गिरावट, रिकॉर्ड विदेशी निवेश, शेयर बाजार की मजबूती और रोजगार में ऐतिहासिक बढ़ोतरी इस बात के प्रमाण हैं कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था तेज रफ्तार से पटरी पर आ रही है।

मेडोरा में उद्घाटन समारोह में बोले ट्रंप

बुधवार को नॉर्थ डकोटा के मेडोरा में थियोडोर रूजवेल्ट प्रेसिडेंशियल लाइब्रेरी के उद्घाटन समारोह में ट्रंप ने कहा कि ऊर्जा की कीमतों में आई कमी का सीधा लाभ अमेरिका के आम नागरिकों और कारोबारियों को मिलेगा। यह भाषण मुख्यतः पूर्व राष्ट्रपति थियोडोर रूजवेल्ट की विरासत को समर्पित था, लेकिन ट्रंप ने इस मंच का उपयोग अपनी आर्थिक नीतियों की उपलब्धियाँ गिनाने के लिए भी किया।

तेल कीमतों पर ट्रंप का बयान

ट्रंप ने कहा, 'तेल की कीमतें लगातार गिर रही हैं। मुझे इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि कोई इससे खुश है या दुखी। मैं सिर्फ इतना चाहता हूं कि कीमतें और नीचे आएं। तेल की कीमतें इतनी तेजी से गिर रही हैं, जितनी किसी ने कभी सोची भी नहीं थी।' उन्होंने यह भी कहा कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से जहाज अभूतपूर्व संख्या में गुजर रहे हैं और नए रिकॉर्ड बन रहे हैं।

शेयर बाजार और रोजगार के दावे

ट्रंप ने अमेरिकी शेयर बाजार और रोजगार के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा, 'हर दिन शेयर बाजार नया रिकॉर्ड बना रहा है। आज हमारे देश में इतिहास के किसी भी दौर की तुलना में सबसे ज्यादा लोग काम कर रहे हैं।' हालाँकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि के लिए आधिकारिक आँकड़ों का संदर्भ आवश्यक है।

बाइडेन पर निशाना, महंगाई पर दावा

महंगाई के मुद्दे पर ट्रंप ने पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन पर निशाना साधते हुए कहा, 'हमें बाइडेन से बहुत बड़ी महंगाई की समस्या मिली थी, लेकिन अब कीमतें लगातार नीचे आ रही हैं।' उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार ने विरासत में मिली आर्थिक चुनौतियों को तेजी से पलटा है।

भारत पर असर और वैश्विक संदर्भ

अमेरिका दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और भारत का प्रमुख व्यापारिक साझेदार भी। अमेरिका में तेल की कीमतों में गिरावट, शेयर बाजार की दिशा और निवेश के रुझान का सीधा असर वैश्विक बाजारों के साथ-साथ भारत में आयात होने वाले कच्चे तेल की लागत और घरेलू महंगाई पर भी पड़ता है। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर आर्थिक अनिश्चितता बनी हुई है और कई देश मंदी की आशंका से जूझ रहे हैं। ट्रंप ने संबोधन का समापन करते हुए कहा, 'यह अमेरिका के स्वर्णिम दौर की सिर्फ शुरुआत है। मुझे पूरा विश्वास है कि अमेरिका का सबसे अच्छा समय अभी आना बाकी है।'

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इनकी परख स्वतंत्र आँकड़ों से होनी चाहिए — विशेषकर जब अमेरिकी फेडरल रिजर्व खुद ब्याज दरों पर सतर्क रुख अपनाए हुए है। तेल की कीमतों में गिरावट का श्रेय नीति को देना एकपक्षीय है, क्योंकि वैश्विक माँग में कमी और ओपेक+ के उत्पादन निर्णय भी इसमें भूमिका निभाते हैं। रोजगार के 'ऐतिहासिक' दावे तब तक अधूरे हैं जब तक वेतन वृद्धि और श्रम भागीदारी दर की पूरी तस्वीर सामने न हो। भारतीय दर्शकों के लिए असली सवाल यह है कि क्या अमेरिकी तेल कीमतों की यह गिरावट टिकाऊ है — क्योंकि इसी पर भारत की आयात लागत और मुद्रास्फीति की दिशा निर्भर करती है।
RashtraPress
2 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ट्रंप ने 'गोल्डन एज' का दावा कहाँ और कब किया?
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह दावा बुधवार को नॉर्थ डकोटा के मेडोरा में थियोडोर रूजवेल्ट प्रेसिडेंशियल लाइब्रेरी के उद्घाटन समारोह में किया। उन्होंने कहा कि यह अमेरिका के स्वर्णिम दौर की महज शुरुआत है।
ट्रंप ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था की मजबूती के क्या सबूत गिनाए?
ट्रंप ने तेल की कीमतों में ऐतिहासिक गिरावट, शेयर बाजार के हर दिन नए रिकॉर्ड, रोजगार के अभूतपूर्व स्तर और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से जहाजों की रिकॉर्ड आवाजाही का हवाला दिया। हालाँकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि के लिए आधिकारिक आँकड़े देखना जरूरी है।
ट्रंप ने बाइडेन पर क्या आरोप लगाया?
ट्रंप ने कहा कि उनकी सरकार को पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन के कार्यकाल से भारी महंगाई विरासत में मिली थी, लेकिन अब कीमतें लगातार नीचे आ रही हैं। उन्होंने बाइडेन प्रशासन को मुद्रास्फीति के लिए जिम्मेदार ठहराया।
अमेरिकी अर्थव्यवस्था की इस स्थिति का भारत पर क्या असर पड़ता है?
अमेरिका भारत का प्रमुख व्यापारिक साझेदार है, इसलिए वहाँ तेल की कीमतों में गिरावट, निवेश के रुझान और शेयर बाजार की दिशा का सीधा असर भारत में कच्चे तेल की आयात लागत, वैश्विक निवेश प्रवाह और घरेलू महंगाई पर पड़ता है।
थियोडोर रूजवेल्ट प्रेसिडेंशियल लाइब्रेरी का उद्घाटन कहाँ हुआ?
इस लाइब्रेरी का उद्घाटन नॉर्थ डकोटा के मेडोरा में हुआ। यह समारोह मुख्यतः पूर्व राष्ट्रपति थियोडोर रूजवेल्ट की विरासत को समर्पित था, जिसे ट्रंप ने अपनी आर्थिक नीतियों की उपलब्धियाँ गिनाने के मंच के रूप में भी इस्तेमाल किया।
राष्ट्र प्रेस
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