ट्रंप का दावा: अमेरिका 'गोल्डन एज' में, तेल कीमतें गिरीं, शेयर बाजार नई ऊंचाई पर
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका अब अपने 'गोल्डन एज' (स्वर्णिम दौर) में प्रवेश कर चुका है। उनके अनुसार, तेल की कीमतों में लगातार गिरावट, रिकॉर्ड विदेशी निवेश, शेयर बाजार की मजबूती और रोजगार में ऐतिहासिक बढ़ोतरी इस बात के प्रमाण हैं कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था तेज रफ्तार से पटरी पर आ रही है।
मेडोरा में उद्घाटन समारोह में बोले ट्रंप
बुधवार को नॉर्थ डकोटा के मेडोरा में थियोडोर रूजवेल्ट प्रेसिडेंशियल लाइब्रेरी के उद्घाटन समारोह में ट्रंप ने कहा कि ऊर्जा की कीमतों में आई कमी का सीधा लाभ अमेरिका के आम नागरिकों और कारोबारियों को मिलेगा। यह भाषण मुख्यतः पूर्व राष्ट्रपति थियोडोर रूजवेल्ट की विरासत को समर्पित था, लेकिन ट्रंप ने इस मंच का उपयोग अपनी आर्थिक नीतियों की उपलब्धियाँ गिनाने के लिए भी किया।
तेल कीमतों पर ट्रंप का बयान
ट्रंप ने कहा, 'तेल की कीमतें लगातार गिर रही हैं। मुझे इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि कोई इससे खुश है या दुखी। मैं सिर्फ इतना चाहता हूं कि कीमतें और नीचे आएं। तेल की कीमतें इतनी तेजी से गिर रही हैं, जितनी किसी ने कभी सोची भी नहीं थी।' उन्होंने यह भी कहा कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से जहाज अभूतपूर्व संख्या में गुजर रहे हैं और नए रिकॉर्ड बन रहे हैं।
शेयर बाजार और रोजगार के दावे
ट्रंप ने अमेरिकी शेयर बाजार और रोजगार के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा, 'हर दिन शेयर बाजार नया रिकॉर्ड बना रहा है। आज हमारे देश में इतिहास के किसी भी दौर की तुलना में सबसे ज्यादा लोग काम कर रहे हैं।' हालाँकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि के लिए आधिकारिक आँकड़ों का संदर्भ आवश्यक है।
बाइडेन पर निशाना, महंगाई पर दावा
महंगाई के मुद्दे पर ट्रंप ने पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन पर निशाना साधते हुए कहा, 'हमें बाइडेन से बहुत बड़ी महंगाई की समस्या मिली थी, लेकिन अब कीमतें लगातार नीचे आ रही हैं।' उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार ने विरासत में मिली आर्थिक चुनौतियों को तेजी से पलटा है।
भारत पर असर और वैश्विक संदर्भ
अमेरिका दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और भारत का प्रमुख व्यापारिक साझेदार भी। अमेरिका में तेल की कीमतों में गिरावट, शेयर बाजार की दिशा और निवेश के रुझान का सीधा असर वैश्विक बाजारों के साथ-साथ भारत में आयात होने वाले कच्चे तेल की लागत और घरेलू महंगाई पर भी पड़ता है। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर आर्थिक अनिश्चितता बनी हुई है और कई देश मंदी की आशंका से जूझ रहे हैं। ट्रंप ने संबोधन का समापन करते हुए कहा, 'यह अमेरिका के स्वर्णिम दौर की सिर्फ शुरुआत है। मुझे पूरा विश्वास है कि अमेरिका का सबसे अच्छा समय अभी आना बाकी है।'