कीव के यूनेस्को धरोहर स्थल पर रूसी मिसाइल हमला, जी-7 बैठक में पुतिन पर दबाव बढ़ाने की तैयारी
सारांश
मुख्य बातें
रूस ने रविवार की रात यूक्रेन पर 70 मिसाइलों और 611 ड्रोन से भीषण हमले किए, जिसमें 11 लोगों की मौत हो गई और 53 लोग घायल हुए। राजधानी कीव में अकेले 60 से अधिक मिसाइलें दागी गईं, जिससे यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल 'पेचेर्स्क लावरा' को गंभीर नुकसान पहुँचा। इस हमले की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तीखी निंदा हुई है और जी-7 देशों की बैठक में रूस पर दबाव बढ़ाने की रणनीति पर चर्चा होने वाली है।
हमले का विवरण और जनहानि
रूसी हमलों में कीव में 35 लोग घायल हुए, जबकि पूरे यूक्रेन में घायलों की संख्या 53 रही। पेचेर्स्क लावरा — जो पूर्वी ईसाई धर्म के सबसे पवित्र स्थलों में से एक है और यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल है — को मिसाइल हमलों में गंभीर क्षति पहुँची। यह ऐसे समय में आया है जब यूक्रेन संघर्ष के तीसरे वर्ष में प्रवेश कर चुका है और शांति वार्ता की संभावनाएँ अधर में लटकी हैं।
जी-7 बैठक में रूस पर दबाव की तैयारी
यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा, 'यूक्रेन पर रविवार रात फिर भारी हमले हुए। इसमें और ज्यादा नागरिकों की जान गई, और यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल कीव पेचेर्स्क लावरा को भी गंभीर नुकसान पहुँचा। जी-7 देशों के नेता एवियन में मिल रहे हैं। हम रूस पर दबाव बढ़ाने, पुतिन को बातचीत की मेज पर लाने और इस बेवजह की हिंसा और हत्या को खत्म करने के लिए अगले कदमों पर चर्चा करेंगे।' उन्होंने यह भी कहा कि यूरोप शांति चाहता है और रूस ने एक बार फिर साबित किया है कि उसकी रुचि केवल हिंसा और तबाही में है।
ब्रिटेन और कनाडा की कड़ी निंदा
यूनाइटेड किंगडम की विदेश मंत्री यवेटे कूपर ने एक्स पर लिखा, 'कल रात रूस ने कीव की सबसे पवित्र जगहों में से एक, पेचेर्स्क लावरा पर हमला किया। पुतिन का यह कदम घिनौना है। यूक्रेन पर लगातार बढ़ते और हताशा भरे हमलों के बीच यह जानबूझकर की गई पवित्रता का अपमान है।' कूपर ने यह भी बताया कि ब्रिटेन, यूनेस्को से कार्रवाई की यूक्रेन की माँग का समर्थन करेगा और इंग्लिश चैनल में 'शैडो फ्लीट' को रोके जाने के बाद रूसी युद्ध मशीन पर दबाव बढ़ाने के प्रयास जारी रहेंगे।
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, 'कनाडा, कीव पर रूस के हालिया हमले की कड़ी निंदा करता है, जिसमें यूक्रेन और पूर्वी ईसाई धर्म के पवित्र स्थल कीव पेचेर्स्क लावरा पर किया गया हमला भी शामिल है। कनाडा यूक्रेन के साथ खड़ा है।' उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता, लोकतंत्र और संप्रभुता का लक्ष्य कनाडा का भी लक्ष्य है।
धरोहर स्थल पर हमले का महत्त्व
पेचेर्स्क लावरा — जिसे 'कीव-पेचेर्स्क मठ' भी कहा जाता है — 1051 ई. में स्थापित एक ऐतिहासिक गुफा मठ है, जो यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल है। इस स्थल को निशाना बनाना न केवल सैन्य, बल्कि सांस्कृतिक और धार्मिक दृष्टि से भी अत्यंत संवेदनशील माना जा रहा है। गौरतलब है कि यह पहला अवसर नहीं है जब रूसी हमलों ने यूनेस्को-संरक्षित स्थलों को क्षति पहुँचाई हो — आलोचकों का कहना है कि यह एक सुनियोजित रणनीति का हिस्सा है।
आगे क्या होगा
एवियन में जी-7 नेताओं की बैठक में रूस के विरुद्ध नए प्रतिबंधों और यूक्रेन को अतिरिक्त सैन्य सहायता पर विचार होने की संभावना है। 15 जून 2025 को हुए इन हमलों के बाद अंतरराष्ट्रीय समुदाय का एकजुट होना, रूस पर कूटनीतिक दबाव की नई परत जोड़ सकता है — हालाँकि अब तक के इतिहास में ऐसे दबाव की सीमित सफलता ही देखी गई है।