अमेरिका-ईरान तनाव पर यूएन महासचिव गुटेरेस की चिंता, नए प्रतिबंधों से हालात बिगड़ने का खतरा
सारांश
मुख्य बातें
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को लेकर गहरी चिंता में हैं। 28 अगस्त को उनके प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने यह जानकारी दी, जब उनसे ईरान पर अमेरिका द्वारा लगाए गए नए प्रतिबंधों के बारे में पूछा गया। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब दोनों देशों के बीच कूटनीतिक खाई और गहरी होती जा रही है।
यूएन प्रवक्ता की प्रतिक्रिया
दुजारिक ने कहा, 'महासचिव ऐसे किसी भी नए कदम या बयानों को लेकर चिंतित हैं जो हालात को और बिगाड़ सकते हैं। हम लगातार ऊर्जा आपूर्ति और खाद्य आपूर्ति में रुकावटें देख रहे हैं।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची का पत्र — जिसमें नए अमेरिकी प्रतिबंधों का उल्लेख था — महासचिव को प्राप्त हो चुका है। अनुरोध के अनुसार उसे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और महासभा के सदस्यों को भेज दिया गया है।
वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर
दुजारिक ने रेखांकित किया कि यह संघर्ष, भले ही फिलहाल प्रत्यक्ष सैन्य टकराव के कम दौर में दिखे, फिर भी क्षेत्र और वैश्विक अर्थव्यवस्था को काफी नुकसान पहुँचा रहा है। उन्होंने कहा कि स्थायी समाधान का एकमात्र रास्ता बातचीत है। गुटेरेस ने कतर, मिस्र, पाकिस्तान और अन्य देशों की मध्यस्थता कोशिशों की सराहना की, जो राजनीतिक समाधान निकालने के प्रयास में जुटे हैं।
ईरान की कड़ी चेतावनी
इस बीच, ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसिन रेजाई ने तेहरान में कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान बिन जासिम अल थानी के साथ बैठक के दौरान कहा कि अगर अमेरिका कोई 'दुर्भावनापूर्ण' कदम उठाता है, तो ईरान पश्चिम एशिया क्षेत्र में उसके सैन्य और आर्थिक हितों को निशाना बनाकर कड़ा जवाब देगा। अर्ध-सरकारी फार्स समाचार एजेंसी के अनुसार, रेजाई ने कहा कि ऐसा जवाब 'इतिहास में दर्ज होगा।'
रेजाई ने आरोप लगाया कि अमेरिका ने बार-बार कूटनीति और बातचीत की प्रक्रिया के साथ विश्वासघात किया है, इसलिए तेहरान को वॉशिंगटन पर भरोसा नहीं है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान तब तक होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा नहीं खोलेगा, जब तक अमेरिका ईरान की शर्तों को मानने के लिए ठोस कदम नहीं उठाता।
अमेरिका का 'आर्थिक डी-डे' और ईरान का जवाब
अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने सोमवार को ईरान को 'आर्थिक डी-डे' की चेतावनी देते हुए देश पर नए प्रतिबंधों की एक शृंखला की घोषणा की थी। इसके जवाब में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने बुधवार को कहा कि अमेरिका का आर्थिक दबाव ईरान के खिलाफ कोई खास परिणाम नहीं ला पाएगा। गौरतलब है कि होर्मुज स्ट्रेट से वैश्विक तेल व्यापार का एक बड़ा हिस्सा गुजरता है, जिससे इस गतिरोध के ऊर्जा बाजारों पर गहरे असर की आशंका है।
आगे क्या
संयुक्त राष्ट्र की ओर से बातचीत पर जोर दिया जा रहा है, जबकि कतर और पाकिस्तान जैसे देश मध्यस्थ की भूमिका निभाने की कोशिश में हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि होर्मुज स्ट्रेट के बंद रहने और नए प्रतिबंधों के मेल से वैश्विक ऊर्जा और खाद्य आपूर्ति शृंखला पर दबाव और बढ़ सकता है।