अमेरिकी राजदूत बेंजामिन लियोन की स्पेन को चेतावनी: रणनीतिक क्षेत्रों में चीन की घुसपैठ से बचें
सारांश
मुख्य बातें
स्पेन में अमेरिका के राजदूत बेंजामिन लियोन ने 28 मई को स्पेन को टेलीकम्युनिकेशन, डेटा मैनेजमेंट और रक्षा जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में चीन की बढ़ती भागीदारी को लेकर कड़ी चेतावनी दी है। फरवरी 2026 में पदभार संभालने के बाद पहली सार्वजनिक उपस्थिति में लियोन ने कहा कि रणनीतिक ढाँचे में बीजिंग की पैठ राष्ट्रीय सुरक्षा, तकनीकी संप्रभुता और आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए गंभीर खतरा बन सकती है।
मुख्य चेतावनियाँ और बयान
ग्रीक मीडिया आउटलेट टोविमा की रिपोर्ट के अनुसार, राजदूत लियोन ने चीनी तकनीकी कंपनी हुआवेई के साथ काम करने वाली फर्मों को सार्वजनिक अनुबंध देने पर विशेष चिंता जताई — जिसे अमेरिका एक प्रमुख सुरक्षा जोखिम मानता है। उन्होंने कहा, "मुझे नहीं लगता कि यह उस स्तर की सुरक्षा है जिस पर स्पेन और अमेरिका जानकारी साझा कर रहे हैं। स्पेन चीन के साथ आर्थिक संबंध बनाए रख सकता है।"
लियोन ने साथ ही स्पष्ट किया, "अगर स्पेन यह सुनिश्चित करता है कि चीन को जरूरी इलाकों से दूर रखा जाए, तो बातचीत क्यों नहीं हो सकती? लेकिन मैं देख रहा हूँ कि वे जरूरी इलाकों में घुसना शुरू कर रहे हैं और स्पेन को इस बारे में बहुत सावधान रहना चाहिए।" उन्होंने आगाह किया कि चीन आवश्यक तकनीक पर नियंत्रण स्थापित करना चाहता है और गलत व्यापार अभ्यास तथा आर्थिक दबाव के जरिए सप्लाई चेन, वैज्ञानिक शोध और सुरक्षा को नुकसान पहुँचाने की आशंका है।
अमेरिका-स्पेन संबंधों की पृष्ठभूमि
यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और स्पेन के बीच रक्षा खर्च और भू-राजनीतिक मतभेदों को लेकर तनाव बढ़ा हुआ है। नाटो के भीतर अमेरिका ने रक्षा बजट को जीडीपी के 5% तक ले जाने के प्रस्ताव का समर्थन किया, जिसे स्पेन ने अस्वीकार कर दिया था।
गौरतलब है कि मार्च 2026 की शुरुआत में ईरान से जुड़े सैन्य अभियान के दौरान स्पेन ने अमेरिका को अपने सैन्य ठिकानों और हवाई क्षेत्र के उपयोग की अनुमति नहीं दी थी। स्पेनिश समाचार पत्र एल पैस की रिपोर्ट के अनुसार, इस इनकार के बाद पेंटागन ने मोरोन डे ला फ्रोंटेरा (सेविले) और रोटा (कैडिज) के ठिकानों पर तैनात एक दर्जन केसी-135 टैंकर विमान वापस बुला लिए।
स्पेन की रक्षा मंत्री की स्थिति
उस दौरान स्पेन की रक्षा मंत्री मार्गरीटा रोबल्स ने कहा था कि वाशिंगटन के साथ सहयोग समझौता — जो स्पेन में अमेरिकी सैनिकों की उपस्थिति का आधार है — अंतरराष्ट्रीय कानून के दायरे में ही काम करेगा। उन्होंने तत्कालीन अभियान को संयुक्त राष्ट्र, नाटो और यूरोपीय संघ जैसे बहुपक्षीय संगठनों की सहमति के बिना की जा रही एकतरफा कार्रवाई करार दिया था।
रोबल्स ने स्पष्ट कहा था, "बेस तब तक समर्थन नहीं देंगे जब तक यह मानवीय नजरिए से जरूरी न हो। जब तक कोई समाधान नहीं निकलता, यह संधि लागू नहीं होगी।"
व्यापक भू-राजनीतिक संदर्भ
यह ऐसे समय में है जब यूरोप के कई देश चीनी निवेश और तकनीकी भागीदारी की समीक्षा कर रहे हैं। जर्मनी और फ्रांस समेत कई यूरोपीय देश पहले ही हुआवेई को अपने 5G नेटवर्क से बाहर कर चुके हैं या बाहर करने की प्रक्रिया में हैं। स्पेन के लिए यह चेतावनी इसलिए भी अहम है क्योंकि वह नाटो का सदस्य है और उसके क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकाने मौजूद हैं। आने वाले महीनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि स्पेन की सरकार अमेरिकी दबाव और अपनी स्वतंत्र विदेश नीति के बीच किस तरह संतुलन बनाती है।