अमेरिकी सांसद डेबी डिंगेल ने चीन से जुड़ी कनेक्टेड कार मंजूरी पर उठाए सुरक्षा सवाल
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी कांग्रेस की वरिष्ठ डेमोक्रेट सांसद डेबी डिंगेल ने वाणिज्य विभाग के उस हालिया फैसले पर गंभीर चिंता जताई है, जिसके तहत चीन से गहरे जुड़ाव वाली एक विदेशी वाहन निर्माता कंपनी को अमेरिकी बाज़ार में ‘कनेक्टेड वाहन’ बेचने और निर्माण करने की अनुमति दी गई है। मिशिगन से सांसद डिंगेल ने 3 जून को वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लटनिक को लिखे पत्र में चेताया कि यह मंजूरी संवेदनशील डेटा को उजागर कर सकती है और राष्ट्रीय सुरक्षा ढाँचे में गंभीर खामियाँ पैदा कर सकती है।
मंजूरी पर मुख्य आपत्ति
डिंगेल ने ऑफिस ऑफ इन्फॉर्मेशन एंड कम्युनिकेशन्स टेक्नोलॉजी एंड सर्विसेज (OICTS) द्वारा दी गई मंजूरी पर सवाल उठाते हुए लिखा, ‘वाणिज्य विभाग ने इन नियमों को इसलिए अंतिम रूप दिया क्योंकि कनेक्टेड वाहन टेक्नोलॉजी से राष्ट्रीय सुरक्षा को स्पष्ट खतरे हैं।’ उन्होंने रेखांकित किया कि यह मंजूरी प्रशासन के अपने ही ‘कनेक्टेड व्हीकल’ सुरक्षा प्रतिबंधों के विपरीत प्रतीत होती है।
डेटा और जासूसी का जोखिम
सांसद ने कहा कि आधुनिक कनेक्टेड वाहन बड़ी मात्रा में संवेदनशील डेटा एकत्र और प्रेषित करते हैं — जिसमें जियोलोकेशन, ड्राइविंग व्यवहार, इंफ्रास्ट्रक्चर मैपिंग, ऑपरेशनल डायग्नोस्टिक्स और उपभोक्ता की निजी जानकारी शामिल है। डिंगेल के अनुसार, ‘ये सिस्टम वाहन के कार्यों तक दूर से पहुंच बनाने में मदद कर सकते हैं… इनका इस्तेमाल जासूसी, खुफिया जानकारी इकट्ठा करने, या महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान पहुंचाने के लिए किया जा सकता है।’
चीनी कंपनियों पर संरचनात्मक चिंता
डिंगेल ने तर्क दिया कि यह मंजूरी उन कंपनियों के लिए एक ‘रास्ता’ खोलती है जिनका पीपल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना (PRC) के साथ मालिकाना, ऑपरेशनल या शासन-स्तर का जुड़ाव है। उन्होंने कहा कि चीनी कंपनियाँ ऐसे कानूनों के तहत काम करती हैं जो उन्हें कथित तौर पर बीजिंग और उसकी खुफिया एजेंसियों से सहयोग के लिए बाध्य कर सकते हैं। उन्होंने जोड़ा, ‘इन चिंताओं को केवल कॉर्पोरेट पुनर्गठन, ब्रांडिंग में अंतर, या सप्लाई चेन में बदलाव करके दूर नहीं किया जा सकता है।’
आर्थिक प्रतिस्पर्धा का पहलू
सुरक्षा से परे, डिंगेल ने कहा कि चीन का ऑटोमोटिव उद्योग ‘व्यापक सरकारी समर्थन, ज़रूरत से ज़्यादा उत्पादन क्षमता, अनुचित व्यापार और श्रम प्रथाओं, तथा बाज़ार की विकृत स्थितियों’ से लाभान्वित होता है, जो अमेरिकी ऑटो क्षेत्र की दीर्घकालिक प्रतिस्पर्धा को कमज़ोर करते हैं। उन्होंने चेताया, ‘हम उन गलतियों को दोहराने का जोखिम नहीं उठा सकते, जिनकी वजह से अनुचित प्रतिस्पर्धा और विदेशी सब्सिडी के चलते हमारे अहम मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर कमज़ोर पड़ गए।’
विभाग से माँगे गए जवाब
डिंगेल ने वाणिज्य विभाग से इस मंजूरी का आधार, इस्तेमाल किए गए सुरक्षा पैमाने, कंपनी पर लागू सुरक्षा उपाय, तथा खुफिया एवं राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों के साथ हुए तालमेल का विवरण माँगा है। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या विदेशी विरोधियों से जुड़ी अन्य संस्थाओं को भी इसी तरह की राहत दी जा सकती है, और विभाग कॉर्पोरेट संबंधों, संयुक्त उद्यमों, लाइसेंसिंग समझौतों या अप्रत्यक्ष स्वामित्व ढाँचों के ज़रिए पाबंदियों से बचाव रोकने की क्या योजना बना रहा है।
वैश्विक संदर्भ
यह मामला ऐसे समय में आया है जब वैश्विक ऑटोमोटिव उद्योग सॉफ्टवेयर, सेंसर और डेटा नेटवर्क के ज़रिए तेज़ी से एकीकृत हो रहा है। डेटा सुरक्षा, सप्लाई चेन और विदेशी प्रभाव को लेकर बहसें अमेरिका और यूरोप जैसे प्रमुख बाज़ारों में नीतिगत एजेंडे का केंद्र बन चुकी हैं। आने वाले हफ्तों में वाणिज्य विभाग की प्रतिक्रिया तय करेगी कि चीन-जुड़ाव वाली ऑटो कंपनियों के लिए अमेरिकी बाज़ार के दरवाज़े कितने खुले रहेंगे।