ट्रंप सरकार का अमेरिकी वीजा प्रोसेसिंग में एआई क्रांति का प्लान, 30 दिनों में पहला प्लेटफॉर्म लॉन्च होगा
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिका के गृह सुरक्षा सचिव मार्कवेन मुलिन ने 26 जून 2025 को सांसदों को बताया कि ट्रंप प्रशासन यूएस वीजा प्रोसेसिंग और कानूनी इमिग्रेशन सेवाओं में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को बड़े पैमाने पर अपनाने की योजना बना रहा है। इस योजना में एक नया मोबाइल एप्लीकेशन भी शामिल है, जिसका उद्देश्य वीजा अप्रूवल में तेज़ी लाना, पेपरवर्क घटाना और समग्र दक्षता सुधारना है।
संसदीय समिति के सामने खुलासा
देश की आंतरिक सुरक्षा पर गठित हाउस एप्रोप्रिएशन सब-कमेटी के समक्ष पेश होते हुए मुलिन ने कहा कि गृह सुरक्षा विभाग (DHS) इमिग्रेशन सिस्टम को आधुनिक बना रहा है — ताकि कानूनी प्रवासन तेज़ हो और सुरक्षा निगरानी और कड़ी रहे। उन्होंने कहा, "हम अभी ऐसे सिस्टम बना रहे हैं ताकि एक ऑटोमेटेड सिस्टम के ज़रिए यह काम किया जा सके।"
मुलिन के अनुसार, पहला एआई-सक्षम प्लेटफॉर्म अगले 30 दिनों के भीतर चालू कर दिया जाएगा। इसका शुरुआती फोकस डेफर्ड एक्शन फॉर चाइल्डहुड अराइवल्स (DACA) कार्यक्रम के तहत आवेदन प्रक्रिया में जमा बैकलॉग को कम करना होगा।
एप्लीकेशन प्रक्रिया का पुनर्निर्माण
मुलिन ने बताया कि विभाग आवेदन प्रक्रिया को री-डिज़ाइन कर रहा है ताकि उन सामान्य गलतियों को रोका जा सके जो अक्सर वीजा अप्रूवल में अनावश्यक देरी का कारण बनती हैं। उन्होंने कहा, "हम इसे ऐसे सिस्टम में क्यों नहीं ले जा सकते कि आप पेपरवर्क तब तक सबमिट न कर सकें जब तक वह सही तरीके से भरा न जाए? तकनीक मौजूद है, हमें बस उसे अपनाना है।"
इसके अलावा, DHS और वाणिज्य विभाग मिलकर एक मोबाइल एप्लीकेशन विकसित कर रहे हैं जो आवेदकों के लिए इमिग्रेशन सेवाओं को सुलभ बनाएगा। मुलिन ने कहा, "हम असल में एक ऐप बनाने की कोशिश कर रहे हैं। मैंने इस हफ्ते राष्ट्रपति को इसके बारे में बताया और उन्हें यह विचार बहुत पसंद आया।"
कृषि वीजा और श्रम की कमी पर ध्यान
वाशिंगटन के कांग्रेसी डैन न्यूहाउस के सवालों का जवाब देते हुए मुलिन ने कहा कि विभाग ने एच-2ए एग्रीकल्चरल वीजा की प्रोसेसिंग में उल्लेखनीय सुधार किया है। उन्होंने कहा, "यह अब 15 दिन का टर्नअराउंड है। इनमें से बहुत से कृषि श्रमिक जाने-पहचाने हैं — वे आते-जाते रहते हैं, हम उन्हें हर बार देखते हैं।"
मुलिन ने यह भी बताया कि DHS डेयरी फार्मिंग जैसे क्षेत्रों में श्रम की कमी दूर करने के विकल्पों पर विचार कर रहा है, जहाँ मौजूदा वीजा नियम मौसमी कृषि रोज़गार से अलग हैं।
पुराने मामलों की दोबारा जाँच
मुलिन ने स्वीकार किया कि विभाग पिछली सरकार के दौरान मंजूर हुए इमिग्रेशन मामलों की भी एक साथ समीक्षा कर रहा है। उन्होंने कहा, "हमें बहुत से लोगों की दोबारा जाँच करनी पड़ रही है। DHS ने काम करने की क्षमता बढ़ाते हुए और अधिक स्क्रीनिंग तरीके शुरू किए हैं।"
सचिव ने ज़ोर देकर कहा कि सरकार इमिग्रेशन कानून लागू करते हुए कानूनी प्रवासन को अधिक प्रभावी बनाना चाहती है। उन्होंने कहा, "इस देश में रहने का एक सही तरीका है और नागरिक बनने का भी — आपको कांग्रेस द्वारा बनाए गए कानूनों का पालन करना होगा।"
भारतीय आवेदकों पर संभावित असर
यह ऐसे समय में आया है जब भारत, अमेरिका में कुशल पेशेवरों, छात्रों और रोज़गार वीजा आवेदकों के सबसे बड़े स्रोतों में से एक है। तेज़ प्रोसेसिंग, डिजिटल आवेदन और एआई-सहायता प्राप्त केस मैनेजमेंट से उन हज़ारों भारतीय आवेदकों को लाभ हो सकता है जो अमेरिका में पढ़ाई, काम या स्थायी निवास के कानूनी रास्ते तलाश रहे हैं। हालाँकि, वीजा पात्रता और अप्रूवल मौजूदा इमिग्रेशन कानूनों और विनियमों के अनुसार ही तय होते रहेंगे। गौरतलब है कि मुलिन ने यह भी रेखांकित किया कि डिजिटल बदलाव से होने वाली हर देरी का सीधा असर अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर पड़ता है।