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ट्रंप सरकार का अमेरिकी वीजा प्रोसेसिंग में एआई क्रांति का प्लान, 30 दिनों में पहला प्लेटफॉर्म लॉन्च होगा

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ट्रंप सरकार का अमेरिकी वीजा प्रोसेसिंग में एआई क्रांति का प्लान, 30 दिनों में पहला प्लेटफॉर्म लॉन्च होगा

सारांश

ट्रंप प्रशासन अमेरिकी वीजा सिस्टम में एआई और मोबाइल ऐप के ज़रिए बड़ा बदलाव लाने की तैयारी में है। गृह सुरक्षा सचिव मुलिन के अनुसार, 30 दिनों में पहला एआई प्लेटफॉर्म चालू होगा जो DACA बैकलॉग घटाएगा — और यह बदलाव लाखों भारतीय आवेदकों के लिए भी अहम साबित हो सकता है।

मुख्य बातें

ट्रंप प्रशासन ने अमेरिकी वीजा प्रोसेसिंग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) अपनाने की योजना की घोषणा की।
पहला एआई-सक्षम प्लेटफॉर्म 30 दिनों के भीतर लॉन्च होगा; शुरुआती फोकस DACA बैकलॉग पर।
DHS और वाणिज्य विभाग मिलकर एक मोबाइल एप्लीकेशन विकसित कर रहे हैं।
एच-2ए एग्रीकल्चरल वीजा की प्रोसेसिंग अब 15 दिन में पूरी हो रही है।
विभाग पिछली सरकार में मंजूर इमिग्रेशन मामलों की दोबारा स्क्रीनिंग भी कर रहा है।
भारतीय आवेदकों को तेज़ डिजिटल प्रोसेसिंग का लाभ मिल सकता है, हालाँकि पात्रता नियम अपरिवर्तित रहेंगे।

अमेरिका के गृह सुरक्षा सचिव मार्कवेन मुलिन ने 26 जून 2025 को सांसदों को बताया कि ट्रंप प्रशासन यूएस वीजा प्रोसेसिंग और कानूनी इमिग्रेशन सेवाओं में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को बड़े पैमाने पर अपनाने की योजना बना रहा है। इस योजना में एक नया मोबाइल एप्लीकेशन भी शामिल है, जिसका उद्देश्य वीजा अप्रूवल में तेज़ी लाना, पेपरवर्क घटाना और समग्र दक्षता सुधारना है।

संसदीय समिति के सामने खुलासा

देश की आंतरिक सुरक्षा पर गठित हाउस एप्रोप्रिएशन सब-कमेटी के समक्ष पेश होते हुए मुलिन ने कहा कि गृह सुरक्षा विभाग (DHS) इमिग्रेशन सिस्टम को आधुनिक बना रहा है — ताकि कानूनी प्रवासन तेज़ हो और सुरक्षा निगरानी और कड़ी रहे। उन्होंने कहा, "हम अभी ऐसे सिस्टम बना रहे हैं ताकि एक ऑटोमेटेड सिस्टम के ज़रिए यह काम किया जा सके।"

मुलिन के अनुसार, पहला एआई-सक्षम प्लेटफॉर्म अगले 30 दिनों के भीतर चालू कर दिया जाएगा। इसका शुरुआती फोकस डेफर्ड एक्शन फॉर चाइल्डहुड अराइवल्स (DACA) कार्यक्रम के तहत आवेदन प्रक्रिया में जमा बैकलॉग को कम करना होगा।

एप्लीकेशन प्रक्रिया का पुनर्निर्माण

मुलिन ने बताया कि विभाग आवेदन प्रक्रिया को री-डिज़ाइन कर रहा है ताकि उन सामान्य गलतियों को रोका जा सके जो अक्सर वीजा अप्रूवल में अनावश्यक देरी का कारण बनती हैं। उन्होंने कहा, "हम इसे ऐसे सिस्टम में क्यों नहीं ले जा सकते कि आप पेपरवर्क तब तक सबमिट न कर सकें जब तक वह सही तरीके से भरा न जाए? तकनीक मौजूद है, हमें बस उसे अपनाना है।"

इसके अलावा, DHS और वाणिज्य विभाग मिलकर एक मोबाइल एप्लीकेशन विकसित कर रहे हैं जो आवेदकों के लिए इमिग्रेशन सेवाओं को सुलभ बनाएगा। मुलिन ने कहा, "हम असल में एक ऐप बनाने की कोशिश कर रहे हैं। मैंने इस हफ्ते राष्ट्रपति को इसके बारे में बताया और उन्हें यह विचार बहुत पसंद आया।"

कृषि वीजा और श्रम की कमी पर ध्यान

वाशिंगटन के कांग्रेसी डैन न्यूहाउस के सवालों का जवाब देते हुए मुलिन ने कहा कि विभाग ने एच-2ए एग्रीकल्चरल वीजा की प्रोसेसिंग में उल्लेखनीय सुधार किया है। उन्होंने कहा, "यह अब 15 दिन का टर्नअराउंड है। इनमें से बहुत से कृषि श्रमिक जाने-पहचाने हैं — वे आते-जाते रहते हैं, हम उन्हें हर बार देखते हैं।"

मुलिन ने यह भी बताया कि DHS डेयरी फार्मिंग जैसे क्षेत्रों में श्रम की कमी दूर करने के विकल्पों पर विचार कर रहा है, जहाँ मौजूदा वीजा नियम मौसमी कृषि रोज़गार से अलग हैं।

पुराने मामलों की दोबारा जाँच

मुलिन ने स्वीकार किया कि विभाग पिछली सरकार के दौरान मंजूर हुए इमिग्रेशन मामलों की भी एक साथ समीक्षा कर रहा है। उन्होंने कहा, "हमें बहुत से लोगों की दोबारा जाँच करनी पड़ रही है। DHS ने काम करने की क्षमता बढ़ाते हुए और अधिक स्क्रीनिंग तरीके शुरू किए हैं।"

सचिव ने ज़ोर देकर कहा कि सरकार इमिग्रेशन कानून लागू करते हुए कानूनी प्रवासन को अधिक प्रभावी बनाना चाहती है। उन्होंने कहा, "इस देश में रहने का एक सही तरीका है और नागरिक बनने का भी — आपको कांग्रेस द्वारा बनाए गए कानूनों का पालन करना होगा।"

भारतीय आवेदकों पर संभावित असर

यह ऐसे समय में आया है जब भारत, अमेरिका में कुशल पेशेवरों, छात्रों और रोज़गार वीजा आवेदकों के सबसे बड़े स्रोतों में से एक है। तेज़ प्रोसेसिंग, डिजिटल आवेदन और एआई-सहायता प्राप्त केस मैनेजमेंट से उन हज़ारों भारतीय आवेदकों को लाभ हो सकता है जो अमेरिका में पढ़ाई, काम या स्थायी निवास के कानूनी रास्ते तलाश रहे हैं। हालाँकि, वीजा पात्रता और अप्रूवल मौजूदा इमिग्रेशन कानूनों और विनियमों के अनुसार ही तय होते रहेंगे। गौरतलब है कि मुलिन ने यह भी रेखांकित किया कि डिजिटल बदलाव से होने वाली हर देरी का सीधा असर अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर पड़ता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसमें एक बुनियादी विरोधाभास है — वही प्रशासन जो कानूनी इमिग्रेशन को 'तेज़' करने का दावा कर रहा है, वह पिछली सरकार के स्वीकृत मामलों की दोबारा जाँच भी कर रहा है, जो प्रक्रिया को और लंबा खींच सकती है। DACA जैसे राजनीतिक रूप से संवेदनशील कार्यक्रम को पहले लक्ष्य के रूप में चुनना सवाल उठाता है कि क्या यह तकनीकी दक्षता की प्राथमिकता है या राजनीतिक संदेश। भारत जैसे देशों के लिए, जहाँ H-1B और F-1 वीजा बैकलॉग दशकों पुराने हैं, 30 दिनों का वादा उत्साहजनक है — परंतु क्रियान्वयन की विश्वसनीयता तभी आँकी जा सकेगी जब प्लेटफॉर्म वास्तव में लाइव हो।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ट्रंप सरकार अमेरिकी वीजा प्रोसेसिंग में एआई कैसे लागू करेगी?
गृह सुरक्षा विभाग (DHS) एक एआई-सक्षम प्लेटफॉर्म विकसित कर रहा है जो वीजा आवेदन प्रक्रिया को ऑटोमेट करेगा, गलतियाँ कम करेगा और अप्रूवल तेज़ करेगा। पहला प्लेटफॉर्म 30 दिनों के भीतर लॉन्च होने की उम्मीद है।
DACA आवेदकों पर इस एआई प्लेटफॉर्म का क्या असर होगा?
शुरुआती रोलआउट का फोकस DACA (डेफर्ड एक्शन फॉर चाइल्डहुड अराइवल्स) कार्यक्रम के तहत जमा बैकलॉग को कम करना होगा। एआई-सहायता से आवेदनों की समीक्षा तेज़ होने की उम्मीद है।
DHS का नया मोबाइल ऐप क्या करेगा?
DHS और वाणिज्य विभाग मिलकर एक मोबाइल एप्लीकेशन बना रहे हैं जो इमिग्रेशन सेवाओं को आवेदकों के लिए डिजिटल और सुलभ बनाएगा। गृह सुरक्षा सचिव मुलिन के अनुसार, राष्ट्रपति ने भी इस विचार को सराहा है।
भारतीय वीजा आवेदकों को इस बदलाव से क्या फायदा होगा?
भारत, अमेरिका में कुशल पेशेवरों और छात्रों के सबसे बड़े स्रोतों में से एक है। तेज़ डिजिटल प्रोसेसिंग और एआई-सहायता से हज़ारों भारतीय आवेदकों को लाभ मिल सकता है, हालाँकि वीजा पात्रता मौजूदा कानूनों के अनुसार ही रहेगी।
एच-2ए एग्रीकल्चरल वीजा प्रोसेसिंग में क्या सुधार हुआ है?
गृह सुरक्षा सचिव मुलिन ने बताया कि एच-2ए कृषि वीजा की प्रोसेसिंग अब 15 दिनों में पूरी हो रही है। DHS डेयरी फार्मिंग जैसे क्षेत्रों में श्रम की कमी दूर करने के लिए भी विकल्पों पर विचार कर रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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