CISA पुनर्निर्माण की योजना: अमेरिकी गृह सुरक्षा सचिव मुलिन बोले — चीन, रूस, ईरान के साइबर खतरों से निपटने को तैयार होगी एजेंसी
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी गृह सुरक्षा सचिव मार्कवेन मुलिन ने 26 जून 2026 को सांसदों को बताया कि ट्रंप प्रशासन देश की प्रमुख साइबर रक्षा एजेंसी साइबर सुरक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर सिक्योरिटी एजेंसी (CISA) का पुनर्निर्माण करने और चीन, ईरान, रूस तथा उत्तर कोरिया से उत्पन्न बढ़ते साइबर खतरों से निपटने की उसकी क्षमता को व्यापक रूप से मज़बूत करने की योजना बना रहा है। हाउस एप्रोप्रिएशन सब-कमेटी के समक्ष दिए गए बयान में मुलिन ने स्वीकार किया कि CISA ने हाल के वर्षों में अपनी दिशा खो दी है।
मुख्य घोषणाएँ और मुलिन का बयान
सब-कमेटी के सामने मुलिन ने कहा, 'CISA सरकारी नेटवर्क, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और ज़रूरी इंफ्रास्ट्रक्चर को विदेशी साइबर हमलों से बचाने में अहम भूमिका निभाएगी। हमारे दुश्मन न सिर्फ हमारी सरकार पर, बल्कि हर दिन हमारे व्यवसायों पर भी हमला कर रहे हैं।' उन्होंने स्पष्ट किया कि एजेंसी के पास इस दिशा में कार्रवाई का पूरा अधिकार है।
मुलिन ने यह भी माना कि CISA की बदनामी आंशिक रूप से इसलिए हुई क्योंकि यह अपनी अधिकार-शक्ति का समुचित उपयोग नहीं कर रही थी। उन्होंने कहा, 'हम सबसे बेहतर लोगों की नियुक्ति कर रहे हैं।'
स्टाफ की कमी और पुनर्निर्माण की समयसीमा
गृह सुरक्षा विभाग (DHS) के अनुसार, CISA फिलहाल अपनी आवश्यकता के लगभग आधे स्टाफ पर काम कर रही है। मुलिन ने सांसदों को बताया कि सभी पुराने कर्मचारियों को वापस बुलाने की ज़रूरत नहीं है, लेकिन करीब 600 लोगों की पुनर्नियुक्ति अनिवार्य है। नए CISA निदेशक के आने के बाद एजेंसी के पुनर्निर्माण में लगभग 12 महीने लगने का अनुमान मुलिन ने व्यक्त किया।
गौरतलब है कि नए नेतृत्व की नियुक्ति और विशेषज्ञों को शामिल करने की योजना पहले से तैयार की जा चुकी है, ताकि एजेंसी की तकनीकी क्षमता को तेज़ी से बहाल किया जा सके।
सरकारी-निजी सहयोग पर ज़ोर
मुलिन ने सरकार और निजी क्षेत्र के बीच गहरे सहयोग की ज़रूरत पर बल दिया। उन्होंने कहा, 'हम मेटा या गूगल से यह उम्मीद नहीं कर सकते कि वे अकेले ऐसा करेंगे। वे एक बड़े और संगठित समूह से लड़ रहे हैं।' यह टिप्पणी इस बात की ओर इशारा करती है कि साइबर खतरों की जटिलता किसी एक संस्था की क्षमता से परे जा चुकी है।
DHS आंतरिक नियमों की भी समीक्षा कर रहा है ताकि साइबर ऑपरेशन को धीमा करने वाली नौकरशाही बाधाओं को दूर किया जा सके। मुलिन ने संकेत दिया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और तेज़ी से बदलती साइबर तकनीक के मद्देनज़र DHS आगे चलकर कांग्रेस से अतिरिक्त कानूनी मार्गदर्शन भी माँग सकता है।
व्यापक रणनीतिक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब साइबर सुरक्षा अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति का केंद्रीय स्तंभ बन चुकी है। सरकारी एजेंसियाँ और निजी कंपनियाँ दोनों क्रिटिकल इंफ्रास्ट्रक्चर, वित्तीय प्रणालियों, स्वास्थ्य सेवा नेटवर्क को निशाना बनाने वाले परिष्कृत हमलों का सामना कर रही हैं। अमेरिका ने भारत सहित अपने सहयोगी देशों के साथ साइबर सुरक्षा, महत्वपूर्ण तकनीक और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा पर सहयोग लगातार बढ़ाया है।
आलोचकों का कहना है कि CISA के कमज़ोर पड़ने की वजह केवल नेतृत्व नहीं, बल्कि पिछले कुछ वर्षों में बजट कटौती और राजनीतिक हस्तक्षेप भी रहे हैं। ऐसे में पुनर्निर्माण की सफलता काफी हद तक इस बात पर निर्भर करेगी कि नया नेतृत्व एजेंसी को राजनीतिक दबाव से स्वतंत्र रखने में कितना सक्षम होता है।
आगे क्या होगा
नए CISA निदेशक की नियुक्ति के बाद पुनर्निर्माण प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू होने की उम्मीद है। साइबर रेजिलिएंस को अमेरिका की दीर्घकालिक तकनीकी सुरक्षा रणनीति का अभिन्न हिस्सा माना जा रहा है, और विशेषज्ञों की नज़र इस बात पर रहेगी कि क्या यह पुनर्निर्माण महज संगठनात्मक फेरबदल है या वास्तविक क्षमता-वृद्धि।