ओहियो गवर्नर चुनाव: विवेक रामास्वामी हारे, एमी एक्टन बनीं 20 साल बाद पहली डेमोक्रेट गवर्नर
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय मूल के रिपब्लिकन नेता विवेक रामास्वामी ने 4 नवंबर 2026 को ओहियो के गवर्नर चुनाव में डेमोक्रेट उम्मीदवार डॉ. एमी एक्टन के सामने हार स्वीकार कर ली। इसके साथ ही वह हाई-प्रोफाइल अभियान समाप्त हो गया जिसे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस का खुला समर्थन प्राप्त था। एक्टन 2006 के बाद ओहियो में गवर्नर पद जीतने वाली पहली डेमोक्रेट और राज्य की पहली महिला गवर्नर बन गई हैं।
चुनाव परिणाम: क्या रहे आँकड़े
चुनाव की रात जारी नतीजों के अनुसार, डॉ. एमी एक्टन को लगभग 51 प्रतिशत मत मिले, जबकि विवेक रामास्वामी को 46 प्रतिशत और लिबर्टेरियन उम्मीदवार डॉन किसिक को लगभग तीन प्रतिशत वोट प्राप्त हुए। यह परिणाम डेमोक्रेट्स की ओर करीब 16 प्रतिशत अंकों के झुकाव को दर्शाता है — जबकि 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में ट्रंप ने ओहियो में 11 प्रतिशत अंकों के अंतर से जीत दर्ज की थी।
यह बदलाव इसलिए भी उल्लेखनीय है क्योंकि ओहियो परंपरागत रूप से रिपब्लिकन झुकाव वाला राज्य माना जाता है। गौरतलब है कि डेमोक्रेट शेरोड ब्राउन ने रिपब्लिकन सीनेटर जॉन हस्टेड को भी हराया, जिससे राज्य में रिपब्लिकन पार्टी को एक और बड़ा झटका लगा।
रामास्वामी का पराजय भाषण
ओहियो में चुनाव की रात अपने समर्थकों के बीच रामास्वामी ने हार स्वीकार करते हुए कहा कि उन्होंने एक्टन को बधाई देने के लिए संपर्क किया है। उन्होंने यह भी कहा कि वे सार्वजनिक जीवन से बाहर रहकर भी ओहियो की सेवा जारी रखेंगे। रामास्वामी ने अपनी पत्नी अपूर्वा, तीन बच्चों, माता-पिता और अपने रनिंग मेट, ओहियो सीनेट के अध्यक्ष रॉब मैकोली का आभार व्यक्त किया।
ट्रंप और वेंस का समर्थन, फिर भी हार
28 अक्टूबर को चिलिकोथे में एक रैली को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा था, 'अब से छह दिन बाद, ओहियो की जनता विवेक रामास्वामी को अपना गवर्नर चुनेगी।' इसके बाद 31 अक्टूबर को ट्रंप ने टेलीफोन के जरिए एक और चुनावी कार्यक्रम कर रिपब्लिकन मतदाताओं से रामास्वामी के समर्थन में वोट करने की अपील की।
उपराष्ट्रपति वेंस भी 2 नवंबर को स्वैंटन में आयोजित एक रैली के लिए अपने गृह राज्य लौटे और कहा, 'मुझे पता है कि हम विवेक रामास्वामी और जॉन हस्टेड को चुनने जा रहे हैं।' लेकिन नतीजे इन दोनों भविष्यवाणियों के उलट रहे।
विवादास्पद प्रचार अभियान
चुनाव प्रचार के अंतिम हफ्तों में रामास्वामी का अभियान तीखा हो गया, जब एक विज्ञापन में एक्टन की माँ ने उन पर बेईमानी का आरोप लगाया। इस विज्ञापन की डेमोक्रेट और रिपब्लिकन — दोनों पक्षों ने आलोचना की, जिसमें निवर्तमान गवर्नर माइक डीवाइन भी शामिल थे। ट्रंप ने इस विज्ञापन के इस्तेमाल के रामास्वामी के फैसले का बचाव किया।
रामास्वामी ने टैक्स में कटौती, नियमों में ढील और सरकारी खर्च घटाने के मुद्दे पर प्रचार किया, जबकि एक्टन ने किफायती जीवन, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और कामकाजी परिवारों की राहत को केंद्र में रखा। रिपब्लिकन उम्मीदवार ने सितंबर के अंत तक अपने अभियान में अपनी जेब से 3.6 करोड़ डॉलर से अधिक खर्च किए।
रामास्वामी: पृष्ठभूमि और राजनीतिक सफर
41 वर्षीय विवेक रामास्वामी का जन्म 1985 में सिनसिनाटी में हुआ। वे भारतीय प्रवासियों के पुत्र हैं, जिनके पूर्वज केरल के पलक्कड़ जिले के वडक्केनचेरी से ताल्लुक रखते हैं। उनके पिता वी.जी. रामास्वामी ने केरल में पढ़ाई के बाद अमेरिका में इंजीनियर के रूप में कार्य किया, और उनकी माँ गीता रामास्वामी एक मनोचिकित्सक हैं।
रामास्वामी ने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी और येल लॉ स्कूल से शिक्षा प्राप्त की है और 2014 में बायोटेक्नोलॉजी कंपनी 'रोइवांट साइंसेज' की स्थापना की। 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में असफल अभियान के बाद वे एक प्रमुख राष्ट्रीय रिपब्लिकन चेहरे के रूप में उभरे थे और ओहियो के पहले भारतीय-अमेरिकी गवर्नर बनने का सपना देख रहे थे।
इस हार के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि रामास्वामी राष्ट्रीय रिपब्लिकन राजनीति में अपनी भूमिका किस रूप में परिभाषित करते हैं।