वांग यी की न्यूयॉर्क में अमेरिकी नेताओं से मुलाकात, चीन-अमेरिका 'रचनात्मक रणनीतिक संबंधों' पर सहमति
सारांश
मुख्य बातें
चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के केंद्रीय पोलित ब्यूरो के सदस्य एवं विदेश मंत्री वांग यी ने 27 मई 2026 को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की उच्च स्तरीय बैठक के दौरान अमेरिकी रणनीतिक और व्यापारिक जगत के प्रमुख व्यक्तियों से विस्तृत बातचीत की। इस संवाद में चीन-अमेरिका संबंधों की नई दिशा, ताइवान मुद्दे और वैश्विक बहुपक्षवाद पर केंद्रित चर्चा हुई।
सुरक्षा परिषद बैठक में बहुपक्षवाद पर जोर
वांग यी ने बताया कि उच्च स्तरीय सुरक्षा परिषद बैठक की अध्यक्षता के दौरान सभी पक्षों ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर के मूल उद्देश्यों की पुष्टि करने, संयुक्त राष्ट्र के अधिकार को पुनर्स्थापित करने और बहुपक्षवाद को बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र को पुनर्जीवित करने की शुरुआत सुरक्षा परिषद से होती है और इसकी कुंजी स्थायी सदस्यों के बीच समन्वय एवं सहयोग में निहित है।
वांग यी के अनुसार, इस संदर्भ में चीन-अमेरिका संबंधों की दिशा अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि तथ्यों ने सिद्ध किया है कि चीन-अमेरिका संबंध द्विपक्षीय दायरे से परे हैं — ये विश्व शांति को प्रभावित करते हैं और मानवता के भविष्य से सीधे जुड़े हैं।
बीजिंग शिखर वार्ता की अनुवर्ती कार्रवाई
वांग यी ने रेखांकित किया कि दोनों देशों के राष्ट्राध्यक्षों ने बीजिंग में एक ऐतिहासिक मुलाकात की, जिसमें चीन-अमेरिका संबंधों और वैश्विक शांति-विकास से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर खुले, गहन, रचनात्मक और रणनीतिक विचारों का आदान-प्रदान हुआ। दोनों पक्ष कई महत्वपूर्ण सहमतियों पर पहुँचे।
विशेष रूप से, दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों की नई स्थिति को 'चीन और अमेरिका के बीच रचनात्मक रणनीतिक और स्थिर संबंध' के रूप में परिभाषित करने पर सहमति जताई। इस ढाँचे में सहयोग को मुख्य केंद्र बिंदु बनाने, प्रतिस्पर्धा को सीमित रखने, मतभेदों को नियंत्रण में रखने और शांति को सुलभ बनाने की प्रतिबद्धता शामिल है।
ताइवान पर चीन का स्पष्ट रुख
वांग यी ने जोर देते हुए कहा कि ताइवान की स्वतंत्रता ताइवान जलडमरूमध्य में शांति और स्थिरता के अनुकूल नहीं है। उनके अनुसार, केवल एक-चीन सिद्धांत और चीन-अमेरिका की तीन संयुक्त विज्ञप्तियों की भावना का पालन करके ही ताइवान जलडमरूमध्य में शांति सुनिश्चित की जा सकती है और संघर्ष एवं टकराव को टाला जा सकता है। यह ऐसे समय में आया है जब ताइवान को लेकर अमेरिका-चीन तनाव पिछले कुछ वर्षों में कई बार उभरा है।
अमेरिकी व्यापारिक जगत का दृष्टिकोण
बातचीत में शामिल अमेरिकी प्रतिभागियों ने कहा कि अमेरिका-चीन संबंध आज विश्व के सबसे महत्वपूर्ण द्विपक्षीय संबंध हैं। उन्होंने माना कि चीनी अर्थव्यवस्था ने मजबूत लचीलापन और जीवंतता का प्रदर्शन किया है। अमेरिकी कंपनियाँ चीनी बाजार को लेकर आशावादी हैं और चीन में निवेश एवं सहयोग बढ़ाने के लिए उत्सुक बताई गई हैं।
आगे की राह
वांग यी ने स्पष्ट किया कि चीन अमेरिका के साथ मिलकर दोनों राष्ट्राध्यक्षों द्वारा हासिल की गई महत्वपूर्ण सहमति को लागू करना चाहता है और 'रचनात्मक रणनीतिक और स्थिर संबंधों' को जल्द से जल्द साकार करने के लिए ठोस कदम उठाने की इच्छा जताई। गौरतलब है कि यह बातचीत ऐसे समय में हुई जब वैश्विक व्यापार तनाव और भू-राजनीतिक अनिश्चितता के बीच दोनों देश एक नई कूटनीतिक लय की तलाश में हैं।