प्योंगटेक के यूएस ओसन एयर बेस पर सफेद फॉस्फोरस रिसाव, 36 मिनट में अलर्ट वापस
सारांश
मुख्य बातें
दक्षिण कोरिया के प्योंगटेक स्थित के-55 यूएस ओसन एयर बेस पर 28 जुलाई की शाम करीब 5:07 बजे सफेद फॉस्फोरस के हल्के रिसाव की सूचना मिली, जिसके बाद स्थानीय प्रशासन ने तत्काल निकासी अलर्ट जारी किया। अधिकारियों के अनुसार, घटना में कोई हताहत नहीं हुआ और स्थिति को 36 मिनट के भीतर नियंत्रित कर लिया गया।
घटनाक्रम
पुलिस और दमकल अधिकारियों के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने सूचना दी कि सोल से लगभग 60 किलोमीटर दक्षिण में स्थित ओसन एयर बेस पर दो हथियारों से जहरीले रसायन का रिसाव हुआ। इसके तुरंत बाद प्योंगटेक शहर प्रशासन ने आसपास के निवासियों को सतर्क करते हुए त्वचा के संपर्क से बचने और सुरक्षित स्थान पर जाने की सलाह दी।
अधिकारियों ने दमकलकर्मियों और जरूरी उपकरणों को मौके पर भेजा तथा अमेरिकी सेना के साथ समन्वय में कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने एहतियात के तौर पर बेस से करीब 300 से 500 मीटर की दूरी पर गश्ती वाहनों के साथ घेराबंदी की और आम लोगों के आवागमन पर अस्थायी रोक लगाई।
सफेद फॉस्फोरस: क्यों है यह खतरनाक
सफेद फॉस्फोरस एक अत्यंत विषैला रासायनिक पदार्थ है, जो संपर्क में आने पर मानव शरीर के ऊतकों को हड्डी तक जला सकता है। इसके सैन्य उपयोग पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कड़े नियम लागू हैं और अंतरराष्ट्रीय समुदाय नागरिक क्षेत्रों में इसके प्रयोग का विरोध करता है।
हालांकि इस घटना में यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि कितनी मात्रा में पदार्थ बाहर निकला। अमेरिकी सेना ने प्रशासन को बताया कि रिसाव हुआ पदार्थ लगभग 80 प्रतिशत तक पतला किया जा चुका था, जिससे स्वास्थ्य या पर्यावरण को बड़ा खतरा नहीं था।
अमेरिकी सेना की प्रतिक्रिया
यूएस 51वें फाइटर विंग ने एक आधिकारिक बयान में कहा: 'हमारी आपातकालीन प्रतिक्रिया टीम इस समय बेस के अंदर एक सीमित घटना को संभाल रही है। हम इस मामले को पूरी सावधानी और तेजी से निपटा रहे हैं।' विंग ने यह भी स्पष्ट किया कि ओसन एयर बेस को पूरी तरह खाली कराने की कुछ खबरें तथ्यहीन थीं।
सेना ने पुष्टि की कि वहाँ एक 'जमीनी दुर्घटना' हुई थी और सुरक्षा के लिए प्रभावित क्षेत्र को घेर लिया गया था।
अलर्ट वापसी और सामान्य स्थिति
प्रारंभिक निकासी चेतावनी जारी होने के लगभग 36 मिनट बाद प्योंगटेक प्रशासन ने अलर्ट वापस ले लिया। अधिकारियों ने जानकारी दी कि बेस पर सभी जरूरी उपाय पूरे कर लिए गए हैं और अब निवासी सामान्य गतिविधियाँ फिर से शुरू कर सकते हैं।
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब दक्षिण कोरिया में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति और स्थानीय समुदायों पर उसके प्रभाव को लेकर समय-समय पर चिंताएँ उठती रही हैं। गौरतलब है कि ओसन एयर बेस दक्षिण कोरिया में अमेरिकी वायु सेना का प्रमुख अड्डा है।