अमेरिकी सांसद यासमिन अंसारी ने ईरानी यूनिवर्सिटी पर हमले की निंदा की, सिलिकॉन वैली में काम कर रहे इंजीनियरों का जिक्र
सारांश
Key Takeaways
- यासमिन अंसारी ने शरीफ यूनिवर्सिटी पर हमले की निंदा की।
- ईरान की यह यूनिवर्सिटी सिलिकॉन वैली में काम कर रहे इंजीनियरों का स्रोत है।
- हमले ने विश्वविद्यालय की इमारतों को गंभीर नुकसान पहुंचाया।
- छात्र वर्तमान में ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे हैं।
- शिक्षा संस्थानों को हमेशा सुरक्षित रहना चाहिए।
वाशिंगटन, 6 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिका के सांसद अब ईरान पर होने वाली सैन्य कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं। लोग, जो स्कूली बच्चों से लेकर विश्वविद्यालयों तक को निशाना बनाए जाने पर दुखी हैं, उतने ही नाराज भी हैं। इनमें से एक डेमोक्रेट सांसद यासमिन अंसारी हैं। अंसारी ने सोमवार तड़के शरीफ यूनिवर्सिटी पर हुए हमले की कड़ी निंदा की है।
सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर शरीफ यूनिवर्सिटी को निशाना क्यों बनाया गया? उन्होंने इस विश्वविद्यालय की विशेषताएं भी साझा की हैं।
एरिजोना की कांग्रेस सदस्य यासमिन ने एक छोटी वीडियो क्लिप साझा करते हुए लिखा, "शरीफ यूनिवर्सिटी ईरान की एमआईटी के समान है और यहां के कई इंजीनियर सिलिकॉन वैली में प्रमुख तकनीकी कंपनियां स्थापित कर चुके हैं।"
ईरानी मूल की अंसारी ने यह भी पूछा, "इतने बड़े शहर में एक शैक्षणिक संस्थान को निशाना बनाने का क्या कारण है?"
इससे पहले, ईरानी मीडिया ने बताया था कि शरीफ यूनिवर्सिटी परिसर को अमेरिका-इजरायली हमले में भारी नुकसान हुआ है।
अंसारी के पिता ने 1970 के दशक में ईरान छोड़ा और अमेरिका आ गए, वहीं उनकी मां भी 1981 में अमेरिका आई थीं।
तेहरान स्थित शरीफ यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी को ईरान के प्रमुख विज्ञान और इंजीनियरिंग संस्थानों में से एक माना जाता है। सरकारी ब्रॉडकास्टर आईआरआईबी के अनुसार, सोमवार तड़के यूनिवर्सिटी पर बम गिराए गए, जिससे इसे काफी नुकसान पहुंचा है।
1966 में (आर्यमेहर यूनिवर्सिटी के रूप में) स्थापित, शरीफ ईरान के वैज्ञानिक और शैक्षणिक जीवन का एक महत्वपूर्ण स्तंभ रहा है।
सूत्रों के अनुसार, इस हमले से विश्वविद्यालय की इमारतों और एक प्राकृतिक गैस वितरण स्थल को नुकसान हुआ, जिससे आसपास के क्षेत्रों में गैस की आपूर्ति बाधित हो गई। आईआरआईबी ने तेहरान के डिस्ट्रिक्ट 9 के प्रमुख के हवाले से बताया, "इस हमले में यूनिवर्सिटी का गैस स्टेशन निशाना बना और शरीफ क्षेत्र में हमें कुछ समय के लिए गैस की कमी का सामना करना पड़ा।"
ईरानी मीडिया ने बताया कि पूरी रात कई धमाके हुए और घंटों तक कम ऊंचाई पर उड़ते लड़ाकू विमानों की आवाज सुनाई देती रही। फिलहाल यूनिवर्सिटी कैंपस में कोई छात्र उपस्थित नहीं है, क्योंकि संघर्ष के कारण पूरे देश में पढ़ाई ऑनलाइन हो रही है।