बाब अल-मंदेब स्ट्रेट पर भीषण जंग: यमनी सेना का हूती ठिकानों पर बड़ा हमला, FPV ड्रोन से जवाबी मार
सारांश
मुख्य बातें
यमन के रणनीतिक बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य के निकट 18 अक्टूबर 2026 (रविवार) को भीषण सशस्त्र संघर्ष छिड़ गया, जब सरकारी बलों ने हूती विद्रोहियों के ठिकानों पर बहु-दिशात्मक हमला बोला। एक वरिष्ठ सरकारी सैन्य अधिकारी के अनुसार, जायंट्स ब्रिगेड्स और नेशन शील्ड फोर्सेज की टुकड़ियों ने जलडमरूमध्य तक पहुँचने वाले मार्गों पर हूती विद्रोहियों के अहम चौकियों पर कब्जा करने के लिए एक साथ कई मोर्चों से आगे बढ़ना शुरू किया।
मुख्य घटनाक्रम
नाम न उजागर करने की शर्त पर बोलने वाले उस अधिकारी ने बताया कि हूती लड़ाकों ने मज़बूत किलेबंदी और गहरी खाइयों में मोर्चा संभाल कर सरकारी अग्रिम को रोकने की कोशिश की। इलाके में बिछाए गए बारूदी सुरंगों के व्यापक जाल ने सरकारी सैनिकों की प्रगति को और कठिन बना दिया।
अधिकारी के शब्दों में, 'इस इलाके में हमने अब तक की सबसे भीषण लड़ाइयों में से एक देखी है। हूती विद्रोहियों ने मज़बूत मोर्चेबंदी कर रखी है और हमारी सेनाएँ उनकी रक्षात्मक पंक्तियों को तोड़ने की कोशिश कर रही हैं।'
ड्रोन युद्ध का नया आयाम
इस संघर्ष में हूती विद्रोहियों ने एक नई तकनीकी रणनीति का इस्तेमाल किया — फाइबर ऑप्टिक केबल से नियंत्रित होने वाले प्रथम-व्यक्ति दृश्य (FPV) कामिकाजे ड्रोन। इन ड्रोनों को स्थानीय रूप से 'शवाज़' के नाम से जाना जाता है और इन्हें सरकारी सैनिकों को निशाना बनाने के लिए तैनात किया गया। यह ऐसे समय में आया है जब यमन के युद्धक्षेत्र में स्वायत्त और अर्ध-स्वायत्त हथियार प्रणालियों का उपयोग तेज़ी से बढ़ रहा है।
अधिकारी ने स्वीकार किया कि संघर्ष में दोनों पक्षों के कई लोग मारे गए या घायल हुए, हालाँकि सटीक संख्या उपलब्ध नहीं कराई गई। इलाके में किसी बड़े भू-क्षेत्र पर कब्जे की भी पुष्टि नहीं हुई और सैन्य अभियान का परिणाम अभी अनिश्चित बना हुआ है।
सऊदी अरब पर ड्रोन हमलों की कोशिश नाकाम
इन घटनाक्रमों के बीच, यमन में सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने शनिवार को जानकारी दी कि उसने पिछले कुछ घंटों में रियाद और सऊदी अरब के पूर्वी तथा दक्षिणी क्षेत्रों के ऊपर उड़ रहे चार ड्रोनों को रोककर नष्ट कर दिया। गठबंधन ने यह भी बताया कि उसने यमन के उत्तरी सादा प्रांत में दो बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्चरों को भी ध्वस्त कर दिया।
गठबंधन के प्रवक्ता तुर्की अल-मालिकी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर जारी पोस्ट में इन कार्रवाइयों की पुष्टि की, यद्यपि उन्होंने ड्रोन के सटीक ठिकानों और संभावित हताहतों की विस्तृत जानकारी नहीं दी।
बाब अल-मंदेब का रणनीतिक महत्व
बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य यमन को अफ्रीका के हॉर्न क्षेत्र से अलग करता है और लाल सागर को अदन की खाड़ी से जोड़ता है। यह वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। दुनिया भर के जहाज़ यहाँ से गुज़रते हैं, इसीलिए इस जलडमरूमध्य पर नियंत्रण भू-राजनीतिक दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील माना जाता है। गौरतलब है कि हूती विद्रोहियों द्वारा इस मार्ग पर व्यावसायिक जहाज़ों पर हमलों के कारण पहले भी अंतरराष्ट्रीय शिपिंग बाधित हो चुकी है।
क्या होगा आगे
हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। हाल के दिनों में दोनों पक्षों की ओर से हमलों और सैन्य चेतावनियों का सिलसिला तेज हुआ है। विश्लेषकों का मानना है कि बाब अल-मंदेब पर नियंत्रण की यह लड़ाई यमन संघर्ष की दिशा तय करने में निर्णायक भूमिका निभा सकती है और इसके वैश्विक समुद्री व्यापार पर दूरगामी परिणाम हो सकते हैं।